तानसा बांध के 38 दरवाज़े खोले जाने से नदी के किनारे बसे गांवों वासियों को प्रशासन ने किया अलर्ट, भिवंडी व आसपास के इलाके पानी में डूबे  | New India Times

शारिफ अंसारी, मुंबई, NIT; ​तानसा बांध के 38 दरवाज़े खोले जाने से नदी के किनारे बसे गांवों वासियों को प्रशासन ने किया अलर्ट, भिवंडी व आसपास के इलाके पानी में डूबे  | New India Timesविगत तीन दिनों से हो रही तेज बारिश तथा चौबीस घंटे से हो रही मूसलाधार बरसात के कारण मंगलवार को भिवंडी ग्रामीण क्षेत्र में चारों तरफ बाढ़ की स्थिति बनी हुई  है।​तानसा बांध के 38 दरवाज़े खोले जाने से नदी के किनारे बसे गांवों वासियों को प्रशासन ने किया अलर्ट, भिवंडी व आसपास के इलाके पानी में डूबे  | New India Timesशहर से लगकर बहने वाली कामवारी व वारणा नदी तथा अम्बाड़ी-वज्रेश्वरी से लगकर बहने वाली तानसा बाप गाँव, सरवली से लगकर बहने वाली उल्लास नदी में बाढ़ की स्थिति होने से सभी नदियाँ उफन कर बह रही हैं | इसी तरह शहर में तेज बरसात होने के कारण शहर के निचले भगा तीन बत्ती, पद्मानगर, कामतघर, दूध बावड़ी, नर्मदा नगर, कापतालाब, घूंघटनगर, रावजी नगर, खंडूपाडा, गैलेक्सी टॉकीज, नदी नाका, महाडा कॉलोनी, अजयनगर, बंदरमोहल्ला, ईदगाह रोड, कारीवली, दरगाह रोड, नालापार , खोणीगाँव, शेलार सहित कई क्षेत्रों में बरसात का पानी जमा होने से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। शहर के झोपड़पट्टी क्षेत्रों में कई झोपड़ों तथा पावरलूम कारखानों में पानी भरने के समाचार मिले हैं। शहर में गटरों की सफाई ठीक प्रकार से न होंने के कारण गटरों से उफन कर पानी सड़कों से होकर बह रहा है, जिससे नागरिकों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है | तेज हो रही मूसलाधार बरसात से सड़कों पर बह रहे पानी के कारण जगह-जगह प्रचंड यातायात बाधित हुआ है।​तानसा बांध के 38 दरवाज़े खोले जाने से नदी के किनारे बसे गांवों वासियों को प्रशासन ने किया अलर्ट, भिवंडी व आसपास के इलाके पानी में डूबे  | New India Times भिवंडी तालुका तथा आसपास के क्षेत्र में तीन दिन से हो रही बरसात के कारण सभी नदियाँ उफान पर हैं। इसी बीच मुंबई तथा आसपास के शहरों में पानी आपूर्ति करने वाली तानसा नदी के बाँध के 38 दरवाज़े रात में खोले जाने की खबर मिली है। जिससे भिवंडी ग्रामीण क्षेत्र के अम्बाड़ी, वज्रेश्वरी, अकलोली, गणेशपुरी, महालुंगे, केलठण, नींबवली, गोराड, औचितपाडा व भिवंडी तथा वाडा तालुका में तानसा के किनारे लगे हुए रहिवासी बस्ती में पानी भर गया है | जिसके कारण वहां के सभी नागरिकों को सावधान रहने की चेतावनी प्रशासन द्वारा दी गई है। उक्त  जानकारी भिवंडी तहसीलदार शशिकांत गायकवाड ने दी है। तेज हो रही बरसात के कारण अकलोली गैस केलठण पुल, गणेशपुरी के पास भिनार-वडघर तथा अम्बाड़ी-वज्रेश्वरी मार्ग पर स्थित शैतानी पुल, इसी तरह नदी के किनारे लगे लगभग दस गाँव के छोटे-मोटे रास्ते पर बने पुल पानी में डूब गए हैं, जिससे यातायात पूरी तरह बंद हो गई है।​तानसा बांध के 38 दरवाज़े खोले जाने से नदी के किनारे बसे गांवों वासियों को प्रशासन ने किया अलर्ट, भिवंडी व आसपास के इलाके पानी में डूबे  | New India Times

 सूत्रों द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार तेज बरसात के कारण गणेशपुरी स्थित स्वामी नित्यानंद मंदिर, अकलोली के शंकर मंदिर, निम्बवली के अनुसुइया मंदिर, केलठण के साईं मंदिर में बाढ़ का पानी भर गया है। तानसा नदी के किनारे लगे हुए गांवों में रहने वाले सवा सौ आदिवासियों के घरों में पानी भर गया है, जो बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। इसी प्रकार नदी के किनारे एक चार सौ हेक्टेयर ज़मीन पर लगी धान सहित अन्य फसल के पानी में डूबने के कारण भारी आर्थिक नुक्सान होने की आशंका व्यक्त की जा रही है।

 इसी प्रकार भिवंडी शहर के किनारे कामवारी नदी में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है, जिस कारण भिवंडी-वाडा रोड, खाड़ी के ऊपर बने तीनों पुल पर पानी बहने लगा है  जिसके कारण मुख्य सड़क पानी में डूबने से शेलार, बोरपाडा, खोणीगाँव, कवाड, अनगाँव, खाड़ीपार पुल पानी में डूबने से कांबे, काटई, जुनांदुर्खी, भवली, पालीवली, लाखीवली, चिंबीपाडा, धामणे, माझीवाडा तथा कारिवाली नाला का पुल डूबने से वडूनवघर, खारबाँव, डूंगे, वडघर आदि गांवों का भिवंडी शहर से सम्पर्क टूट गया है। इसी प्रकार पडघा से खडवली मार्ग पर स्थित भाद्सा नदी का पुल डूबने से रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार लगातार हो रही तेज बरसात के कारण बिजली आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है। जगह-जगह बिजली गायभ होने की समाचार लगातार मिल रही है। इसी प्रकार भिवंडी शहर के आसपास तथा भिवंडी तालुका के कई मुख्य सड़कों पर पानी भरने के कारण यातायात की आवाजाही पूरी तरह से बंद होने के कारण भिवंडी शहर के चारों तरफ भयंकर यातायात बाधित हुआ है। भिवंडी से ठाणे शहर जाने वाले सभी रास्तों पर प्रचंड यातायात जाम है। यातायात में फसे यात्रिओं को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में कई  स्थानों पर पेड़ गिरने की शिकायतें प्राप्त हुई  हैं। सरकारी यंत्रणा का दावा है कि वह बाढ़ की स्थित पर पूरी सक्रियता से नज़र जमाए हुए हैं। नागरिकों को बाढ़ के खतरे से सावधान कर रही है  लेकिन, नागरिकों की शिकायत है कि प्रशासन के अधिकारियों का कोई अता-पता नही है। उनपर निष्क्रियता का आरोप लगाया है।

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