मुबारक अली, ब्यूरो चीफ, शाहजहांपुर (यूपी), NIT:

मुख्य विकास अधिकारी श्याम बहादुर सिंह की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में विकास कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में लगभग 30 पंचायत भवनों पर अभी भी भूमि सम्बन्धी विवाद होने के कारण कार्य प्रारम्भ नही हुआ है। इस सम्बन्ध में खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देश दिये गये कि वह क्षेत्रीय उपजिलाधिकारीयों से समन्वय स्थापित कर पंचायत भवन का निर्माण कार्य प्रारम्भ कराये तथा जिन पंचायत भवन पर निर्विवाद कार्य चल रहा है उन्हे दिनांक 31.अगस्त तक प्रत्येक दशा में पूर्ण कराना सुनिश्चित करायें। इसी कड़ी में मुख्यविकास अधिकारी ने इण्डिया मार्का-2 हैण्ड पम्पो की मरम्मत/रीबोर का कार्य शासनादेश में दी गयी व्यवस्था के अनुसार कराये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने आपरेशन कायाकल्प के अन्तर्गत पूर्व से निर्धारित 14 पैरामीटर्स के साथ अतिरिक्त बढ़ाये गये 4 पैरामीटर्स तथा डबल यूरिन शौचालय, बालक मूत्रालय, बालिका मूत्रालय एवं फर्नीचर आदि सम्बन्धि कार्य निम्नुसार कराये जाने के निर्देश दिये है। कहा है कि पेयजल गुणवत्ता की जाँच एवं मानीटरिंग हेतु प्रत्येक ग्राम पंचायत से 05 महिला सदस्यों (स्वयं सहायता समूह की महिला सदस्य, ऑगनवाड़ी, ए0एन0एम0,आशा आदि) एवं 3 अन्य सदस्य की एफ0टी0के0 यूजर्स की सूची अधिशासी अभियंता, जल निगम/सहायक नोडल अधिकारी को 3 दिवस के अन्दर उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना(ग्रामीण) के अन्तर्गत लक्ष्य के सापेक्ष 647 आवास स्वीकृत हेतु शेष है जिनकी शतप्रतिशत स्वीकृतियॉ अथवा पात्र न पाये जाने की दशा में आपात्रों को दिनांक 31.अगस्त तक रिमांण्ड कराये जाने के निर्देश दिये हैं।
श्याम बहादुर सिंह ने सभी खण्ड विकास अधिकारियों को विकास खण्ड की प्रत्येक न्याय पंचायत में दो-दो स्थायी गौशालायें मनरेगा से बनबाये जाने हेतु स्थल का चिन्हांकन उपजिलाधिकारी से समन्वय स्थापित कर दिनांक 31.अगस्त तक करने के निर्देश दिये है। कहा है कि स्थल चयन में यह विशेष ध्यान रखने योग्य है कि गौशाला हेतु चारागाह की भूमि न चिन्हांकित की जाये, बल्कि गौशाला हेतु चारागाह के आस-पास की भूमि का चयन एक आर्दश स्थिति होगी। अर्थात एैसे नवीन परती, बंजर आदि की भूमि का चयन किया जाये जो चौड़े मार्ग/ चक मार्ग पर हो तथा चारागाह से जुड़े हो, ताकि गौवंश को चारागाह की भी सुविधा मिल सके। सभी खण्ड विकास अधिकारियों को शासन एवं जिलाधिकारी व जिला स्तर से प्रेषित की जाने वाली 5 डिफाल्टर शिकायतंे मिली। उक्त डिफाल्टर एवं लंबित शिकायतों के गुणवत्ता पूर्ण व ससमय निस्तारण कराये जाने के निर्देश दिये गये एवं आई.जी0आर0एस0 पोर्टल पर प्राप्त होने वाली शिकायतों को समय से निस्तारित कराया जाये व शिकायतों के डिफाल्टर की श्रेणी में जाने की स्थिति से बचने हेतु प्रतिदिन आगामी 3 दिवस में डिफाल्टर होने वाली शिकायतों का रिव्यू किया जाये।
मुख्य विकास अधिकारी द्वारा प्रत्येक पंचायत सचिव को आयुष्मान कार्ड बनाने में आयुष्मान मित्र का सक्रिय सहयोग करने हेतु निर्देशित किया गया तथा कहा गया कि पंचायत सचिव, रोजगार सेवक, आशा, ऑगनवाड़ी आदि से समन्वय स्थापित करते हुए प्रति ग्राम प्रतिदिन कम से कम 5 आयुष्मान गोल्डन कार्ड आयुष्मान मित्र अथवा प्रभारी चिकित्सा अधिकारी से सम्पर्क करके बनायेगा। खण्ड विकास अधिकारी इस कार्य में सबसे समन्यवय स्थापित करते हुए युद्धस्तर पर अपनी जिम्मेदारी पर सम्पन्न कराएंगे।

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