सलमान चिश्ती, ब्यूरो चीफ, रायबरेली (यूपी), NIT:

रायबरेली जिला के खीरों कस्बे में पौधारोपण को लेकर उत्साह का माहौल बनता जा रहा है। लोग जागरूकता का परिचय देते हुए पौधरोपण कर रहे हैं। इसी क्रम में रविवार को मदरसा वरकातुल उलूम कस्बा खीरों के इमाम मौलाना जफर आलम और उनके साथियों ने उत्साह के साथ पौधरोपण किया। वहीं अब्दुलसत्तार खाँ महाविद्यालय में भी उत्साह के साथ पौधरोपण किया गया। इसी क्रम में रविवार को कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया। जहाँ सुधीर यादव ने कहा कि वृक्ष हमारे मित्र हैं, पेड़ से हमें आक्सीजन मिलती है। पर्यावरण संतुलन बनाता है इसलिए हम सबको जीवन में अधिक से अधिक पेड़ लगाना चाहिए। सांस लेने के लिए शुद्ध हवा चाहिए, पेड़ जहरीली हवा को शुद्ध हवा में बदलता है। जीवन उपयोगी औषधियों एवं लकड़ी इन वनों से पूरी होती है। प्रकृति के बनाए वन्य प्राणियों का मानव अस्तित्व के लिये बहुत महत्व है। पौधों के बिना पर्यावरण का संतुलन नामुमकीन ही नहीं मुश्किल भी है। इसके बगैर जीवन की कल्पना करना बेमानी साबित होगा। शुद्ध हवा, पानी एवं भोजन की उपलब्धता में वृक्षों की अहम भूमिका होती है। प्रकाश उर्जा का प्रमुख स्रोत भी वृक्ष ही है। वृक्षों द्वारा छोड़े जाने वाले ऑक्सीजन के कारण ही आमजन जीवन पृथ्वी पर मौजूद है। वृक्षों के हरे पत्ते कार्बन डाईऑक्साइड के शोषक होते हैं। टेक्सटाइल और फैब्रिक्स मैटेरियल का मुख्य स्रोत भी वृक्ष ही है।
इमाम जफर आलम ने कहा कि पर्यावरण संतुलन के लिए वृक्ष ही ईको फ्रेडली की भूमिका में रहते हैं। विभिन्न प्रकार की दवाओं का स्रोत भी पेड़-पौधे ही हैं। पेड़-पौधों द्वारा विभिन्न प्रकार के गैस का संतुलन बनाए रखने के साथ ही स्वायल इरोशन, स्वायल फर्टीलिटी में भी मुख्य भूमिका निभाई जाती है। पशु-पंक्षियों के शरण स्थली भी वृक्ष ही बने रहते हैं। पेड़-पौधों के कारण ही प्रदूषण मुक्त वातावरण का लाभ मिलता है। इस कार्यक्रम में सुधीर यादव, नाज़िम अली, कलाम बाबा, इमाम जफर आलम, अतीक मामा, खान शिबू शबाब, असलम, सद्दाम, मुशीर, रिजवान, बुलटू, गुलाम रसूल, आयनुल, रजा बरकाती, सिराज उर्फ लालोरी आदि लोग मौजूद रहे।
