शहजाद खान, बाग ( मध्यप्रदेश ), NIT;
कुक्षी जोबट झाबुआ मार्ग निर्माण से पहले ही उखडने लगा है, जिससे ठेकेदार एंव अधिकारीयों की मिलीभगत नजर आ रही है।
मध्यप्रदेश सडक निर्माण कम्पनी द्वारा झाबुआ से कुक्षी टु – लेन मार्ग निर्माणधीन है। इस मार्ग को लखनऊ की गंगोत्री कम्पनी बना रही है। मार्ग इतना घटिया बन रहा है कि जगह जगह से सडक उखडने लगी है जिससे इसकी गुणवत्ता पर प्रशन चिन्ह लग रहा है। हालांकि यह मार्ग बीओटी के तहत निर्माण हो रहा है, जिसका रख रखाव ठेकेदार को करना है, बदले में कम्पनी लोगों से टोल वसुल करेगी, जबकी एग्रीमेंट के मुताबिक पूरे मार्ग को उखाडकर उस पर फिर से डामर चढाना था, लेकिन कम्पनी ने अधिकारियों से मिलीभगत कर पुर्व में निर्मीत मार्ग पर डामरीकरण कर दिया है। एमपीआरडीसी के संभागीय प्रबंधक श्री बोरासी को इस सबंध में अवगत कराया तो उल्टा ठेकेदार का बचाव कर अपना पल्ला झाड लिया जबकी एग्रीमेंट के मुताबिक फिर से अर्थ वर्क करके डामर रोड बनाना था, जो की नहीं बनाते हुए ओपचारिक्ता पूर्ण कर कार्य किया गया। यही स्तिथि पानी निकासी पुलिया की है जहाँ पर बेंसमेन किये पाईप डाल दीये गये। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कम्पनी टोल मार्ग कुक्षी के नजदीक कवडियाखेडा में चालू करने की तैय्यारी कर रही है, जबकी कम्पनी का एक टोल जोबट से झाबुआ के बिच करीब दो वर्ष से चल रहा है।
ज्ञात हो कि यह मार्ग मार्च 2013 तक पूर्ण होना था, जो कि आज तक पूर्ण नहीं हो सका है। इस सबंद मे पूर्व सांसद प्रतिनिधी सुरेश अगाल ने पूरे मार्ग की जांच की मांग करते हुए राज्यपाल एंव मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। गौरतलब है की इसी मुख्य मार्ग पर विशव प्रसिध्द बोध्द गुफाएं स्तिथ हैं, जिसके चलते दूर दराज से आये हुए प्रयटकों को परेशानियों का सामना करना पडता है। इस तरह के घटिया निर्माण से उसकी गुणवत्ता तो सामने आ ही गई है साथ ही इन उखडी हुई सडकों पर भारी भरकम वाहनों का गुजरना वाहन चालकों के लिये गले की हड्डी बना हुआ है जो आवागमन में हादसों का भय सताने लगा है। वहीं वाहनों में नुकसान का भीरडर लगा रहता है। इस प्रकार के सडक का निर्माण करके ठेकेदार ने केवल अपनी औपचारिकता दिखाई है।
