रहीम शेरानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

गांधी जी के शहादत दिवस 30 जनवरी को दिल्ली से शुरू हुई संविधान बचाओ भारत जोडो समाजवादी विचार यात्रा पहले चरण में 16 राज्यों से गुजरेगी। यह यात्रा मध्यप्रदेश में 5 फरवरी को प्रवेश करेगी। समाजवादी समागम को इस यात्रा में अनेक जन-संगठनों का प्रशंसनीय सहयोग मिला है। 23 मार्च को हैदराबाद में यात्रा के प्रथम चरण का समापन होगा। इस दौरान यात्रा देश के 16 राज्यों से गुजरेगी।
किसान संर्घष समिति के प्रदेश सचिव व आयोजन समिति के राजेश वैरागी ने बताया कि मध्यप्रदेश में यात्रा 5 फरवरी को बांसवाड़ा से प्रवेश करेगी और पहली सभा रतलाम में होगी। यात्रा का नेतृत्व समाजवादी समागम के अरुण श्रीवास्तव और पूर्व विधायक डॉ सुनीलम कर रहे हैं। रतलाम के बाद यात्रा पेटलावद, बामनिया, झाबुआ होते हुए निसरपुर जाएगी। 5 फरवरी को को रतलाम से पेटलावद और 6 को झाबुआ होते हुए निसरपुर में यात्रा में शामिल समाजवादी नेता सभा को संबोधित करेंगे तथा पत्रकारों से बातचीत करेंगे।

राजेश वैरागी ने बताया की समाजवादी समागम गांधी, लोहिया, जयप्रकाश व गांधी वादी विचारधारा परंपरा से जुड़े स्त्री-पुरुषों का सक्रिय समाजवादियों की निकटता को बढ़ाने वाला मंच है। आपने बताया कि यह यात्रा ऐसे समय में होने जा रही है जब देश की नागरिक एकता खतरे में है। देश की बेमिसाल विविधता को जाति और धर्म के नाम पर नष्ट करने की साजिश हो रही है। हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के मार्गदर्शन में बने संविधान में प्रदत्त नागरिकता कानून को तोडा मरोड़ा जा चुका है। इसके बाद अब नागरिकता रजिस्टर और जनसंख्या रजिस्टर की आड़ में नागरिकों के बीच साम्प्रदायिक, क्षेत्रीय, भाषाई और जातिगत दरारों को बढाने का प्रयास है।
देश के कई हिस्सों में आस्था और परंपरा की आड़ में उन्मादी भीड़ों के जरिये कमजोर नागरिकों को सताने की हरकतों को बढ़ावा मिल रहा है। चुनाव आयोग समेत सभी लोकतांत्रिक संस्थाओं को ध्वस्त करने का अभियान चलाया जा चुका है। मीडिया और न्यायपालिका पर सत्ता-प्रतिष्ठान की जकड़ बढाई जा रही है। राजनीतिक गुंडों और पुलिस द्वारा विद्यार्थियों और बुद्धिजीवियों को आतंकित किया जा रहा है।
‘सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास’ के नारे पर चुनी गयी केन्द्र सरकार राष्ट्र-निर्माण के मोर्चे पर विफल हो चुकी है। देश में आर्थिक समस्याओं की बाढ़ आ गयी है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था में चैतरफा गिरावट जारी है।
रेलवे, एयर इण्डिया, बीपीसीएल आदि सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योगों को मुनाफे के बावजूद मुट्ठीभर अरबपतियों के हाथों बेचा जा रहा है। कोर्पोरेट घरानों का अधिकतम मुनाफा सुनिश्चित करने के लिए 55 करोड़ श्रमिकों के श्रम कानून से जुड़े अधिकारों को मात्र 4 कोड में सीमित करके खतम कर दिया गया है। शिक्षा और स्वास्थ्य को सर्वसुलभ करने की बजाय व्यावसायिक स्वार्थों के हवाले करने की नीति जारी है।
राजेश वैरागी ने बताया कि हमारे देश के सार्वजनिक जीवन में व्याप्त भ्रष्टाचार की जड़ हमारी चुनाव व्यवस्था में है। चुनावों को लगातार महंगा करना संसदीय लोकतंत्र को धनशक्ति का गुलाम बना रहा है। संसद व विधानसभाओं से लेकर पंचायत चुनाव तक बेशुमार अवैध कमाई के बूते प्रभावित हो रहे हैं।
‘चुनाव बांड’ की व्यवस्था ने कालेधन के राजनीतिक इस्तेमाल का रास्ता बना दिया है।
इस स्थिति को बदलने के लिए लोकतंत्र और लोकशक्ति में आस्था रखने वालों का व्यापकतम मोर्चा बनाकर चुनाव सुधार के लिए राष्ट्रव्यापी संघर्ष की ओर देश को तैयार करना भी इस यात्रा का एक मुख्य उद्देश्य है। आइये! इस ऐतिहासिक देशव्यापी समाजवादी जन-यात्रा को अपना समर्थन और सहयोग दीजिये! अपने को देश बनाने के समाजवादी प्रयास से एकजुट करिए। आपने बताया कि इस यात्रा को रू राष्ट्र सेवा दल, हिन्द मजदूर सभा, जनआन्दोलनों का राष्ट्रीय समन्वय (एनएपीएम), युसुफ मेहेर अली सेंटर, फैक्टर आदि संगठन का समर्थथन और सहयोग मिल रहा है।
उक्त जानकारी किसान संघर्ष समिति के प्रदेश सचिव राजेश बैरागी द्वारा दी गई है।
