रफीक़ आलम, दमुआ/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

दमुआ से पलायन कर मजदूर चिलचिलाती धूप में भोपाल इटारसी काम पर जाते हैं, शादी ब्याह कर में लौटकर आते हैं। भोपाल से प्राइवेट बस से लौटते एक महिला यात्री सविता ने बताया कि मिसरोद से पिण्डरइ लगभग 240 किलोमीटर दूरी का किराया 350 रुपया वसूला जा रहा है। अग्रवाल ने इटारसी दमुआ लगभग 150 किलोमीटर का किराया 250 रुपए लिया गया। सारणी से दमुआ 40 किलोमीटर का 80 रूपए लिया जा रहा।
यात्री शिकायत के बारे में कहते हैं तो कण्डेक्टर कहता है जहां चाहे वहां शिकायत कर लो। बस MP.09 FA.3299 में किराया सूची भी चस्पा नहीं रहती नहीं बस का परमिट चस्पा रहता है। बस में सुरक्षा व्यवस्था के लिए अग्निशामक यंत्र का अता-पता नहीं रहता। बस में सुरक्षा व्यवस्था के लिए आकस्मिक दरवाजे भी नहीं होते। इनकी मनमानी बताती है कि यह प्रशासन की मिलीभगत से बेखौफ बस चला रहे हैं। अंबे बस सर्विस सुबह 7 बजे भोपाल से दोपहर 3 बजे दमुआ पहुंची। थानाध्यक्ष यादव जी ने मार्ग दर्शन दिया कि इसकी शिकायत आरटीओ में दर्ज करायें। जबकि आरटीओ के रहते ही यह गोरख धंधा चल रहा है। यात्रियों ने मांग की है की बस किराया सूची बस में चस्पा करवाया जाये और बस स्टैंड पर भी किराया सूची का बोर्ड उपलब्ध हो। मनमाना कराया लेने वालों पर कार्यवाही हो तथा सुरक्षा की अन्देखी पर नियंत्रण रखना चाहिए।
रेल से भोपाल से जुन्नारदेव मात्र ₹100 किराया में आ जाता है किन्तु जुन्नारदेव प्लेटफार्म पर रात 2:00 बजे ट्रेन प्लेटफार्म नंबर दो पर आती है।ब्रिज पार के एक नंबर प्लेटफार्म जाने से बुजुर्ग महिला बिमारो को बहुत परेशानी होती है। दिल्ली इंदौर से आने वाली ट्रेन प्लेटफार्म नंबर एक पर ही नियम से आना चाहिए। इस समय कोई ट्रेन एक नंबर पर आने वाली नहीं रहती। यात्री लंबे समय से मांग कर रहे हैं कि सुबह के टाइम भोपाल से जुन्नारदेव के लिए ट्रेन प्रारंभ होना चाहिए जो तीन चार बजे जुन्नारदेव पहुंच सके। ट्रेन के बजाय बस में तीन से चार गुना कराया अधिक लग रहा है। महंगाई बेरोजगारी से वैसे ही गरीब मजदूर परेशान है किंतु उनकी आवागमन सुविधा के लिए कोई जनप्रतिनिधि पहल करता हुआ नजर नहीं दिखाई देता।
