बंसीलाल भामरे, ब्यूरो चीफ, नंदुरबार (महाराष्ट्र), NIT:

रविवार को महाराष्ट्र के नंदुरबार में आदिवासी युवा स्पर्धा परीक्षा समारोह बडे उत्साह के साथ संपन्न हुआ। टीटीएसएफ (ट्राईबल टैलेंट सर्च फाउंडेशन) के तत्त्वावधान में आयोजित इस समारोह में युवा एवं अभिभावक बडी़ संख्या में शामिल हुए। इस दौरान मान्यवर वक्ताओं ने अपने सम्बोधन में युवाओं को प्रेरित करते हुए टीटीएसएफ के कार्य की सराहना की। श्रीमान नामदेव पटले की अध्यक्षता में आयोजित हुए इस समारोह का उद्घाटन माननीय जिलाधिकारी डाॅ. राजेन्द्र भारूड जी के हाथों हुआ। मंच पर डाॅ.भारूड जी की माताश्री कमलाबाई भारूड, टीटीएसएफ के अध्यक्ष अजय खर्डे (सहायक आयुक्त, भारतीय राजस्व सेवा), युनिक एकेडेमी के संचालक तुकाराम जाधव, सहायक आयुक्त समाधान महाजन, जिला शिक्षाधिकारी मनीष पवार, मध्य प्रदेश से पोरलाल खरते साहब, डिप्टी पुलिस अधीक्षक विकास नाईक समेत कई मान्यवर उपस्थित रहे। समारोह के दौरान पांच अध्यापकों को आदर्श शिक्षक पुरस्कार प्रदान किए गए तथा टीटीएसएफ की परीक्षा में वरियताप्राप्त ‘टाॅप-20’ छात्रों का विशेष रूप से सम्मान किया गया। मान.अजय खर्डे की आत्मकथा ‘अजय-सातपुड्यातील आदिवासी युवकाची प्रेरणादायी यशोगाथा’ तथा टीटीएसएफ के वार्षिक विशेषांक ‘शोध…आदिवासी प्रतिभेचा’ का विमोचन भी किया गया। योगेश नाईक जी ने प्रस्तावना रखी। फाउंडेशन ‘सक्षम युवा, सक्षम समाज’ के विचारधारा को लेकर पिछले चार वर्षों से निरंतर अपने कार्य में जुटा हुआ है तथा आदिवासी छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवा रहा है।
समारोह में उपस्थित युवाओं को सम्बोधित करते हुए जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि, आदिवासी युवाओं में प्रतिभाओं की खोज कर उनके करियर बनाने की दिशा में टीटीएसएफ जो कार्य कर रहा है, वह काफी सराहनीय है। संघ लोकसेवा आयोग, राज्य लोकसेवा आयोग की परीक्षाओं को लेकर क्षेत्रमें टीटीएसएफ द्वारा निरंतर काम किया जा रहा है और इसमें ‘सक्सेस’ भी मिल रहा है। प्रशासनिक स्तर पर जिले में अनेक विकासात्मक योजनाएं कार्यान्वित हो रही है, पर टीटीएसएफ दूरदराज में पहुंचकर हीरे तलाशने का अभिनंदनीय कार्य कर रहा है। उन्होंने जिले में ४१५ आंगन वाडी भवन निर्माण करने, आश्रमशालाओं का आईएसओ मानकीकरण, कवियित्री बहिणाबाई चौधरी उत्तर महाराष्ट्र विश्वविद्यालय के साथ टायफ कर नंदुरबार में एकलव्य ट्राईबल एकेडेमी बनाए जाने एवं तोरणमाल टुरिझम को बढावा देने की दिशा में कार्य जारी होने की जानकारी भी दी।
श्री अजय खर्डे ने अपने मार्गदर्शन में कहा, युवाओं को चाहिए कि, वे खुद की ताकत पहचानें, अपना लक्ष्य निश्चित कर उसे पाने को लेकर संकल्परत रहें। नकारात्मक सोच तरक्की के मार्ग को रोकती है, इसे अपने भीतर जगह न दें। करियर के क्षेत्र में हर अवसर महत्वपुर्ण होता है, सकारात्मक होकर उसे भुनाने का प्रयास करें। उन्होंने यह भी कहा कि, आगे से टीटीएसएफ अपने कार्य का विस्तार कर आश्रमशालाओं के बच्चों को लेकर भी काम करेगा
अपने अध्यक्षीय सम्बोधन में नामदेव पटले साहब ने कहा कि, छात्रोंको चाहिए कि, वे पुरी क्षमता, ताकत एवं लगन के साथ प्रतियोगी परीक्षा के क्षेत्र में आएं। अपनी कमियों को पहचानकर सही दिशा पकडकर कडी मेहनत करने से सफलता जरूर मिलती है। सकारात्मक सोच एवं बडे़ लक्ष्य रखें।
समाधान महाजन साहब ने संघ लोकसेवा आयोग, राज्य लोकसेवा आयोग की परीक्षाओं के स्वरूप, तैयारी आदि को लेकर विस्तृत जानकारी बताई। विवेक नाईक, मनीष पवार आदि ने भी मार्गदर्शन किया।
समारोह में अध्यापक श्रीकांत दिलीप अहिरे, मोगीलाल खंडू चौधरी, रामलाल बुधा पारधी, श्रीमती जया निंबाजी नेरे, बाबुराव उखड्या वसावे आदि का आदर्श शिक्षक पुरस्कार प्रदान कर सम्मान किया गया। टीटीएसएफ की ओरसे तीन स्तरपर जो प्रवेश परीक्षा ली गई थी, उसमें वरियता प्राप्त 20 छात्रों का मान्यवरों के हाथों विशेष सम्मान किया गया। इन्हें आगामी दिनोंमें कोचिंग हेतु दीपस्तंभ फाउंडेशन, जलगांव भेजा जाएगा। पुरे समारोह के दौरान युवाओं में बेहद उत्साह देखने को मिला। आयोजन स्थल पर लगे बुकस्टाॅलों पर काफी भीड लगी रही। मंचसंचालन विष्णु जोंधले ने किया और प्रतिभा चौरे ने आभार व्यक्त किया। समारोह को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में टीटीएसएफ परिवार से जुड़े मान्यवरों ने कड़ी मेहनत की।
