केंद्र की भाजपा सरकार है बेईमान: सिकंदर शाह. किसानों को मवाली संबोधन करने वाली केंद्रीय मंत्री भाजपा नेत्री का किया गया निषेध | New India Times

लियाक़त शाह, भुसावल/यवतमाल (महाराष्ट्र), NIT:

केंद्र की भाजपा सरकार है बेईमान: सिकंदर शाह. किसानों को मवाली संबोधन करने वाली केंद्रीय मंत्री भाजपा नेत्री का किया गया निषेध | New India Times

किसानों को गुलाम बनाने वाले कानून कृषी कानून दंबग शाही से जबरन पारीत कर दिए गए. अब तो किसानों का पक्ष सुनना तो दुर की बात हो गयी केंद्रीय मंत्री एक जबाबदार भाजपा नेत्री मीनाक्षी लेखी, कृषी कायदे के विरोध मे प्रदर्शन करने वाले किसानों को मवाली जैसे शब्दों का प्रयोग कर बेइज्जत कर रही है, जो भाजपा सरकार आज देश बहुमत से विराजी है वह सरकार ने किसानों से वादा कीया था के किसानों का लागत खर्च औणर पचास फीसद मुनाफा कृषी उत्पादनो योग्य भाव एमएसपी पर कानून, किसानों के विधवाओं को पेंशन, अच्छी मंडियां, अच्छे बिज,खाद, माल वाहतूक पेट्रोल, डीजल के दाम कम करने का वादा करके केंद्रीय सत्ता काबिज करने वाली भाजपा सरकार अपने किए हुए वादे भुलकर अपने पुजीपतीयो के साथ खड़ी नजर आ रही है
आज खरिप हंगामी मौसम है जिन किसानों को अपने खेत होना चाहिए था आज वह किसान भाजपा के अडीयमल औणर हुकूमशाही रूख की वजह से दिल्ली में है. एक साल से ज्यादा वक्त से तीन कृषी कानून का लगातार विरोध कर रहे किसानों से भाजपा सरकार का रवैया ठीक नही है.ऐसा लग रहा है 21 का सबसे बडा और सबसे लंबा चलने वाला आदोलन हो गया है. भाजपा सरकार ने पुरे दश मे दबंग शाही शुरू कर रखी है. कोई भी चर्चा करे बगैर कृषी कानून पास किया गया, किसानों का मत भी जानने की इस सरकार ने जरूरत नही समझी, देश उच्च सदनों में चर्चा  हो चुके है, पेट्रोल, डीजल के दाम आसमान छूने की और है तेल की कीमतों की वजह से सर्व साधारण के लिए जिना मुश्किल है, किसानों को सौ या पचास रुपए बढाकर बहोत बडा एहसान सभझ रही है, और जिन किसानों सहयोग से केंद्र मे सरकार बना रखी है आज उन्ही किसानों के साथ बेईमान हो गयी है, किसानों को चर्चा के लिए बुलाया जाता है और  थातुर माथुर चर्चा करके रवाना कीया जाता है, अभी तो सभी सीमाएं तोड़कर भाजपा नेत्री ने किसानों को मवाली संबोधन किया है ऐसे निचले दर्जे के शब्दों का प्रयोग कर भाजपा सरकार की सोंच, मानसिक रूप से बीमार लगती है, अबकी बार भाजपा सरकार का अंतिम संस्कार किसानों के हि हाथों से होने वाला है अब भी ये सरकार विचारों मे सुधार नहीं लाती है तो आने वाले वक्त मे हर किसान विरोध करेगा महाराष्ट्र का किसान, किसान आंदोलन में किसानों के साथ खडा है.
महाराष्ट्र का किसान दिल्ली आदोलन मे बडे पैमाने में जाने के लिए तय्यारी मे है लेकिन कोविड19 के शर्तों का उल्लंघन ना हो बाकी देश वासियों को तकलीफ ना हो
करके रूका हुवा है जैसे भी परिस्थितियां अनुकूल होगी
महाराष्ट्र से बहोत बड़ी तादाद मे किसान दिल्ली के लिए कुच करेगा ऐसी बात शेतकरी वारकरी संघटना के संस्थापक अध्यक्ष सिकंदर शाह ने की हैं. सिकंदर भाई शहा यवतमाल से महाराष्ट्र प्रदेश शेतकरी वारकरी संघटना अध्यक्ष हैं.

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