नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

आकाशवाणी चौक से महानगर पालिका इमारत आगे नेरी नाका, जलगांव में गोलाकार शेप में बन रही इस सीमेंट कांक्रीट सड़क ने तमाम सजीवों को परेशान कर रखा है। ठेकेदार ने कई जगहों पर निर्माण का काम रोक दिया है कहीं पर काम शुरू है जिसके कारण वन वे ट्रैफिक को कंट्रोल करने के लिए पुलिस को तेज़ धूप में गर्मी का सितम झेलना पड़ रहा है। ड्रेनेज और सड़कों के नाम पर धड़ाधड़ मंजूर टेंडर्स और उसके कमीशन से मिलने वाले पैसे की लालसा में भाजपा ने पूरे जलगांव सिटी के बारा बजा दिए हैं।
अकस्मात हादसा होने पर नेता द्वारा पीड़ितों की सहायता स्वरूप दिए योगदान का अपने यू ट्यूब चैनल से डंका पीटने वाले पत्रकार के भेस में छिपे अंधभक्तों की गुलामी का स्तर इतना गिर चुका है कि वे सवाल हि नहीं पूछते, नेता को हादसे के लिए जरा भी दोषी नहीं मानते। विकास के नाम पर आज जलगांव में करी जा रही तबाही को देख कर शहर के लोग पूर्व विधायक सुरेश जैन के ईमानदार कामकाज को पल पल याद करते नहीं थक रहे। ज्ञात हो कि सीमेंट के रोड PWD के निगरानी में सरकार से विशेष फंड लेकर बनाए जा रहे हैं। सरकार ने PWD का 300 करोड़ का बकाया चुकाया की नहीं इस नाटक पर फिलहाल तो पर्दा गिर चुका है।
लिकेज पर निगम ठप- तीस साल में जामनेर के विकास का एकमात्र पैमाना बनी घटिया फोरलेन सड़क को वाटर लिकेज ने खराब करना शुरू कर दिया है। पूरा एक महीना बीत गया है जलगांव सड़क सुपारी बाग के सामने भूमिगत लिकेज नगर परिषद की ओर से ठीक नहीं हो पा रहा है। ऑनलाइन जन्म मृत्यु प्रमाणपत्र वितरण, सार्वजनिक सफाई, डंपिंग ग्राउंड, स्वास्थ, शिक्षा सारे के सारे विषयों में फेल हो चुकी नगर परिषद पर मतदाता काफी आक्रोशित हैं। संस्था में प्रशासक राज है, नहीं था तब जिसका राज था उसके राज में जनता नाराज हि थी।
