शेख नसीम, भोपाल (मप्र), NIT:

कोरोना महामारी ने जहां सारी दुनिया की ताकतों को झुका कर रख दिया है वहीं दूसरी तरफ कई देशों की अर्थव्यवस्था को भी पटरी से उतार दिया है। लॉक डाउन के दौरान भारत में कई लोग भूखे मर गए, करोड़ों लोग बेरोजगार हो गए, कई लोगों ने भूख की वजह से आत्महत्या कर ली। बहरहाल इस महामारी ने हर आदमी से कुछ न कुछ ज़रूर छीना है। इसी दौरान भारतीय सिने जगत की कई मशहूर हस्तियां भी इस दुनिया को अलविदा कहकर अपने रब से जा मिलीं।
सबसे पहले बात करते हैं संजीदा अभिनेता और लीक से हटकर फिल्मों में बेहतरीन अभिनय करने वाले इरफान खान की। इरफान खान का 54 वर्ष की उम्र में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की वजह से निधन हो गया था लंदन से कैंसर का इलाज करवाकर लोटे इरफान खान पिछले महीने अस्पताल में भर्ती हुए थे। लेकिन अस्पताल में मौत के बेरहम पंजो ने इरफान को जकड़ लिया। और हमेशा के लिए मौत की आगोश में सुला दिया। इरफान खान ने लंच-बॉक्स,लाइफ ऑफ मेट्रो,लाइफ ऑफ पाई,पीकू,पान सिंह तोमर,हिंदी-मीडियम, इंग्लिश-मीडियम, साहब-बीबी और गैंगस्टर, आन और हासिल जैसी बेहतरीन फिल्मों में अपने लाजवाब अभिनय का रंग बिखेरा था। इरफान खान के निधन के सदमे से अभी बॉलीवुड उभरा भी नही था की दूसरे ही दिन हिन्दी सिनेमा को एक और ज़बरदस्त झटका लगा। ये झटका सदाबहार और दिग्गज अभिनेता ऋषि कपूर के निधन के रूप में लगा। ऋषि कपूर भी कई दिनों से बीमार चल रहे थे। ऋषि कपूर ने अपने फिल्मी केरियर में एक से बढ़कर एक कामयाब फिल्मों में अभिनय किया जिसमें प्रमुख रूप से बॉबी,कुली,अमर-अकबर-एंथोनी,कभी-कभी,प्रेमरोग,तवायफ,चांदनी,सरगम,दीवाना,बोल राधा बोल,नसीब,खेल-खेल में,एक चादर मैली सी,खोज,घर-घर की कहानी,घराना जैसी फिल्मों में यादगार अभिनय किया। फिल्मकार करण जौहर की फ़िल्म अग्निपथ में ऋषि कपूर ने पहली बार खलनायक का यादगार रोल निभाया।
इसके बाद दो दिन पहले मशहूर गीतकार योगेश का 94 वर्ष की आयु में निधन हुआ था योगेश हमेशा ऐसे कवि और गीतकार रहे हैं जिनके गीतों में ज़िन्दगी का एक सार और एक अर्थ हुआ करता था फिल्मकार बासु चटर्जी और ऋषिकेश मुखर्जी के वो पसंदीदा गीतकार थे और उनकी हर फिल्म में योगेश ने यादगार गीत लिखे थे। आनन्द,नमक-हराम,रजनीगंधा,अनुराग जैसी यादगार फिल्मों में योगेश ने यादगार गीत लिखे। इसके बाद कल संगीतकार साजिद-वाजिद की जोड़ी के संगीतकार वाजिद का निधन हो गया था जिसे आज सुबह चेम्बूर के कब्रस्तान में सुपुर्दे-ख़ाक कर दिया गया है वाजिद पिछले दो महीनों से किडनी की बीमारी के चलते मुंबई के एक अस्पताल में भर्ती थे। साजिद,वाजिद की जोड़ी ने आज के संगीत के हिसाब से काफी अच्छा संगीत फिल्मों में दिया। अभिनेता सलमान खान के वो पसंदीदा संगीतकारों में से एक थे और उमूमन सलमान की हर फिल्म में साजिद,वाजिद ने संगीत दिया था। जैसे- वीर,दबंग,मुझसे शादी करोगी,मैने प्यार क्यों किया,प्यार किया तो डरना क्या,गर्व और एक था टाइगर जैसी सुपरहिट फिल्मों में सुपरहिट संगीत दिया था।
बहरहाल इस लॉक डाउन में हिन्दी फिल्मों के ये जगमगाते सितारे अब हमेशा के लिए आंखों से ओझल हो गए लेकिन इनकी फिल्मों की चमक और इनकी रोशनी भारतीय फिल्मों के दर्शकों को हमेशा मंत्रमुग्ध करती रहेगी।
