चोरी छिपे किसानों को महंगे दामों पर बेचा जा रहा है यूरिया, तहसीलदार ने एसएडीओं के साथ की दुकानों के स्टॉक की जांच | New India Times

राकेश यादव, देवरी/सागर (मप्र), NIT:

चोरी छिपे किसानों को महंगे दामों पर बेचा जा रहा है यूरिया, तहसीलदार ने एसएडीओं के साथ की दुकानों के स्टॉक की जांच | New India Times

रवि फसल की बोवनी में लगे कृषकों को व्यापारियों एवं दलालों की कारगुजारी के चलते महंगे दामों पर यूरिया खरीदने पर मजबूर होना पड़ा रहा है। गिने चुने व्यापारियों तक यूरिया की उपलब्धता होने के कारण शासन के निर्देशों को ताक पर रखकर मनमाफिक दामों पर यूरिया का विक्रय किया जा रहा है। किसानों की शिकायत प्राप्त होने के बाद तहसीलदार एवं एसएडीओं ने निजी दूकानों पर स्टॉक चेक कर आवश्यक निर्देश दिये है।

देवरी विकासखण्ड में रवि फसल सीजन आरंभ होते ही खाद के कृत्रिम संकट की बात सामने आने लगी है। विकासखण्ड में खाद की सरकारी वितरण व्यवस्था में डबल लॉक दूकान से सिंगल लॉक दूकानों को खाद उपलब्ध कराया गया है। सहकारी समितियों के माध्यम से हो रहे इस वितरण में भाई भतीजा वाद एवं रसूख के चलन के फेर में गरीब एवं छोटे किसान निजी दूकानों की ओर रूख कर रहे है। विकासखण्ड में इस वर्ष गिने चुने व्यापारियों द्वारा ही यूरिया खरीदी की गई है जिनके द्वारा पीओएस मशीन के जरिये यूरिया विक्रय किया जाना है। परंतु कुछ व्यापारी दिन में स्टॉक फीडिंग न होने एवं सर्वर न होने का बहाना करके किसानों को चलता कर देते हैं वहीं रात्रि में मनमाफिक दामों पर यूरिया का विक्रय किया जा रहा है। शासन द्वारा यूरिया का दाम 266 रूपये 35 पैसे प्रति बैग निर्धारित किया गया है परंतु इसके विपरीत व्यापारियों द्वारा उनकी मजबूरी का फायदा उठाकर 340 रूपये से 360 रूपये प्रति बैग की दर से विक्रय किया जा रहा है। किसानों की माने तो कुछ व्यापारी 400 रूपये तक में यूरिया विक्रय कर रहे है।

क्षेत्र में अनुकूल मौसम होने के कारण कृषक बोवनी कर रहे हैं, बांधों पर आश्रित हजारों कृषक नहरों से पानी आरंभ होने के कारण कृषि कार्य में जुट गये हैं। ऐसी स्थिति में यूरिया की उपलब्धता चुनौती पूर्ण हो गई है। मंडी परिसर स्थित सरकारी यूरिया वितरण केन्द्र पर लंबी कतारे लगी हैं। कालाबाजारी में जुटे दलाल स्थिति का फायदा उठाकर वितरण केन्द्रों से अधिक मात्रा में यूरिया उठाकर महंगे दामों पर बेचने की जुगत में लगे हैं। यूरिया के इस कृत्रिम संकट से निजात पाने के लिए प्रशासन द्वारा कारआमद पहल आवश्यक है।

प्रशासन सख्त, दूकानों पर स्टॉक की जांच

यूरिया की उपलब्धता को लेकर किसानों से शिकायते मिलने पर गुरूवार दोपहर तहसीलदार कुलदीप पारासर एवं एसएडीओे देवेन्द्र श्रीवास्तव ने नगर में यूरिया विक्रय कर रही निजी दूकानों का आकस्मिक निरीक्षण कर उपलब्ध स्टॉक की जांच की एवं दूकानदारों को शासकीय दर पर किसानों को यूरिया दिये जाने की हिदायत दी। अधिकारियों द्वारा दूकानों पर सरकारी दर 267 रूपये में यूरिया विक्रय किये जाने संबंधी पंपलेट चस्पा कर सरकारी कर्मचारियों को विक्रय व्यवस्था पर नजर रखने के लिए तैनात किया गया है। दूकानदारों को निर्देश दिया गया है कि वह कृषकों से आधार कार्ड एवं कृषि बंदी की छायाप्रति प्राप्त कर सरकारी दर पर खाद प्रदाय करे।

क्या कहते हैं अधिकारी

यूरिया की किल्लत को लेकर वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी देवेन्द्र श्रीवास्तव का कहना है कि शासन द्वारा पर्याप्त मात्रा में यूरिया प्रदाय किया जा रहा है, कुछ मध्यस्थ एवं अन्य व्यक्ति लाभ लेने के लिए कृत्रिम आभाव पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं। इस संबंध में सतत निगरानी व्यवस्था लागू की गई है। नगर में 5 निजी दूकानदारों को यूरिया प्रदाय किया गया है जिनमें से 3 के पास स्टॉक आ चुका है जिनके द्वारा विक्रय आरंभ किया गया है। मोटे दाने के यूरिया को लेकर भ्रांति है सभी प्रकार के यूरिया में 47 प्रतिशत नाईट्रोजन होता है इस संबंध में जागरूकता के लिए किसान मित्रों को भी सक्रिय किया गया है। सभी कृषक सरकारी दर 267 में ही यूरिया खरीदे यदि कोई अधिक राशि की मांग करता है तो शिकायत करे सख्त कार्रवाई की जायेगी।

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