दबंगों ने गर्भवती महिला की लात घूंसे से की पिटाई, पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने से किया इंकार | New India Times

गणेश मौर्य, ब्यूरो चीफ, अंबेडकरनगर (यूपी), NIT:

दबंगों ने गर्भवती महिला की लात घूंसे से की पिटाई, पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने से किया इंकार | New India Times

जिले में इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। वैसे तो सरकार प्रदेश की पुलिस का इकबाल बुलंद होने का दावा भले ही करे मगर जमीनी सच्चाई इससे बहुत अलग है। मामला अंबेडकरनगर जिला के सम्मानपुर थाना क्षेत्र का है जहां एक गर्भवती महिला न्याय के लिए थाने गई तो पुलिस ने उसकी एक न सुनी। यह गौर करने वाली बात यह भी है कि हमेशा बीजेपी सरकार पिछली सरकारों पर कानून व्यवस्था को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा करती थी लेकिन मौजूदा माहौल पहले से भी कहीं ज्यादा खतरनाक और संगीन है।

मिली जानकारी के अनुसार अंबेडकरनगर जिला के थाना सम्मानपुर क्षेत्र का मामला में कुछ दबंगों ने एक गर्भवती महिला को उसके पेट पर लात मारा और घूंसे भी बरसाए। वैसे तो गर्भवती महिलाओं को ऐसे वक्त में समाज का हर वर्ग हिफाजत देता है लेकिन अंबेडकरनगर जिले के सम्मनपुर में आपसी झगड़े के समय आयी दो माह की गर्भवती महिला को भी दबंगों ने नहीं छोड़ा।
मारपीट की घटना से घायल महिला घंण्टों इलाज के लिए तड़पती रही और दबगों ने उसकी मदद के लिए बढ़े हाथों को धमका कर भगा दिया, और तो और पुलिस के पास मदद की गुहार लगाने पहुंची महिला की शिकायत पर मित्र पुलिस का दावा करने वाली पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
सम्मानपुर थाना क्षेत्र के बभनपुरा सिकरोहर निवासी महेंद्र यादव, पुत्र राम आसरे यादव, के पड़ोस में रहने वाले दबंगों ने मामूली विवाद लेकर 28 अगस्त की रात हमला बोल दिया। इस दौरान दबंगों से महेंद्र यादव की जमकर पिटाई कर दी, अपने पति को बचाने आई दो महीने की गर्भवती गुंजन को भी दबंगों ने बेरहमी से पीटा। पीड़िता का कहना है की जब दबंगों के खिलाफ 100 नंबर सूचना पुलिस को दी गई तो घटना की जांच पर आई पुलिस ने आरोपियों के साथ मेरे पति को भी जबरन थाने पर ले गई और दर्द से बेहाल गुंजन का इलाज समय पर नहीं कराया। यही नहीं गर्भवती पीड़िता थाने के बाहर ही घायल अवस्था में जाकर कराहती रही और भीड़ उसको देखकर निकलती रही। पुलिस वाले कार्यवाही करने के बजाये केवल नौटंकी करने की ताने कसते रहे।
क्षेत्र के लोगों का कहना है की हमले का कारण पिछली रंजिश है।
पीड़िता गुंजन का कहना है कि आरोपी रामसेवक पुत्र रमेश, राकेश, बृजेश रात्रि के 10:00 बजे शराब के नशे में धुत होकर भद्दी ‘भद्दी गालियां देने लगे, जब पीड़िता के पति महेंद्र ने इसका विरोध किया तो सभी एकजुट होकर महेंद्र पर हमला बोल दिया। यह देख कर दौड़ी आई 25 वर्षीय गुंजन को दबंगों ने सड़क पर बालों से घसीट कर, गिराकर लात-घूंसों से पीटा जिससे कि पीड़िता के गर्भ में 2 माह का बच्चा भी घायल हो गया।
इस बीच घायल अवस्था में पड़ी कराह रही गर्भवती गुंजन को लोगों ने किसी तरह थाने पहुंचायां जहां पर उसको पुलिस ने इलाज करवाने के बजाय कई घंटे बैठाई रही तब पीड़िता दर्द से कराहते हुये, इंसाफ की आस में थाने के बाहर ही पेड़ के नीचे बैठ गई। काफी घंटों के बाद पुलिस ने गुंजन के पति को गुंजन की इलाज करवाने के लिए प्राइवेट अस्पताल भेज दिया लगातार। 10 दिन के इलाज के बाद भी महिला की हालत में सुधार नहीं आया है। दूसरी तरफ इंसाफ की मांग करने वाली महिला ने कहा कि 10 दिन बीतने के बावजूद भी पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत नहीं की है। पीड़ित महिला ने न्याय न मिलने से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और मानव अधिकार महिला आयोग का दरवाजा खटखटाया है।

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