प्रेस्टीज प्रबंधन एवं शोध संस्थान, ग्वालियर में ऐक्सट्रा म्यूरल लेक्चर का हुआ आयोजन | New India Times

गुलशन परूथी, ग्वालियर (मप्र), NIT:

प्रेस्टीज प्रबंधन एवं शोध संस्थान ग्वालियर में दिनांक 27 अप्रैल 2024 को ऐक्सट्रा म्यूरल लेक्चर का आयोजन किया गया। जिसका मुख्य उद्देश्य इन्फोर्मेशन टेक्नोलॉजी में छात्र-छात्राओं के लिए उचित अवसर की जानकारी प्रदान करना तथा करियर ग्रोथ के लिए गाइडेंस देना रहा।

इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री मनीष त्रिपाठी (सीनियर सॉफ्टवेयर इंजीनियर, विप्रो) उपस्थित रहे।

इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री मनीष त्रिपाठी ने बताया कि आई.टी सेक्टर में करियर कि दिशा बढ़ाने के लिए बी.सी.ए. तथा बी.एस.सी के छात्र एवं छात्राओं को कुछ जरुरी कदम उठाने चाहिए सबसे पहला कदम टेक्नीकल स्कील्स को मज़बूत करना है। प्रोग्रामिंग लेंगवेज जैसे जावा, पायथन तथा सी प्लस प्लस सीखना महत्वपूर्ण है। दूसरा कदम सर्टिफिकेशन प्राप्त करना, माइक्रो सोफ्ट सिस्को या ए.डब्लू.एस जैसे रेप्यूटेटिड कम्पनियों से सर्टिफिकेशन लेना आपके रेज्यूमे को मजबूती देता है। इंटर्नशिप और प्रेक्टीकल एक्सपिरियंस भी आपकी करियर में मदद करते हैं। इसके लिए आपको लाइव पार्टीसिपेट करना चाहिए, आपको अपने कम्यूनिकेशन स्कील्स को भी बेहतर बनाना चाहिए।

अंत में उन्होंने बताया कि करेन्ट ट्रन्डस और टेक्नोलॉजी को समझना और उन पर काम करना भी आपकी करियर ग्रोथ के लिए जरुरी है।

संस्थान के निदेशक डॉ निशांत जोशी ने बताया आई.टी. क्षेत्र में करियर बनाने के लिए नौकरी के अवसर बहुत हैं लेकिन यह जरुरी है कि छात्र नवीनतम तकनीकि जानकारी और कौशल को समय-समय पर अपग्रेड करते रहें। जिससे बी.सी.ए. एवं बी.एस.सी के छात्रों के लिए आई.टी. सेक्टर में करियर विकास का सफर बहुत रोचक और उत्साह जनक हो सकता है। बी.एस.सी.एव बी.सी.ए. की पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राऐं विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के विशेष अवसर प्राप्त कर सकते हैं। इन में मुख्य तौर पर सोफ्टवेयर डेवलप्मेंट, वैब डेवलप्मेंट, डेटा बेस एडमिनिस्ट्रेशन, नेटवर्किंग, गेम डेवलप्मेंट और सिस्टम एडमिनिस्ट्रेशन।

संस्थान की सह निर्देशिका डॉ. तारिका सिंह सिकरवार ने बताया कि छात्र एवं छात्राओं उनकी रुचियों और क्षमताओं के अनुसार विभिन्न क्षेत्रों में करियर के मार्ग को चुनने का अवसर मिलता है ताकि सही समय पर छात्र-छात्राऐं करियर ग्रोथ को प्राप्त कर पायें। डॉ. सिकरवार ने बताया कि बी.सी.ए. तथा बी.एस.सी. करने के बाद छात्र एन्ट्री लेवल पोजीशन से काम शुरु कर सकते हैं। जैसे जूनियर सॉफ्टवेयर डबलपर टेक्नीकल स्पोर्ट इंजीनियर या सिस्टम एडमिनिस्ट्रेटर।

इस कार्यक्रम के दौरान संस्थान के फैकल्टी मैम्बर्स असिस्टेंट प्रो. रामकुमार पालीवाल, असिस्टेंट प्रो. भारती गोले, असिस्टेंट प्रो. श्रुति दुबे, असिस्टेंट प्रो. जितेन्द्र कुमार शर्मा, असिस्टेंट प्रो. विभव श्रीवास्तव उपस्थित रहे। इसमें 200 से अधिक छात्र-छात्राऐं भी उपस्थित रहे।


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By nit

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