संदीप शुक्ला, ब्यूरो चीफ, ग्वालियर (मप्र), NIT:

दो दशक से अधिक समय से सघनता के साथ सशक्त समता मूलक समाज के लिये गोपाल किरन समाजसेवी संस्था शिक्षा, स्वास्थ, प्राकृतिक संसाधनों को बढ़ावा, स्वच्छता, बच्चों के सर्वागीण विकास, महिला सशक्तिकरण आदि गतिविधियों के माध्यम से समाज के विभिन्न आयामों के साथ टेक्नोलॉजिकल डेवलपमेंट के लिए कार्यरत है। सरकार एवं सामाजिक संगठन, उद्योग आदि के साथ समन्वय बनाकर कार्यों को बेहतर किया जाये जिससे जरूरतमंद लोगो तक पहुँच सके। संस्था ने अपने कार्य का आरंभ शिक्षा से किया इसके प्राप्त अनुभवों पर पंचायती राज की स्थापना से ग्रामीण क्षेत्र में जमीनी स्तर पर कार्य करने से किया। वर्तमान में अध्यक्ष के रूप में श्रीप्रकाश सिंह निमराजे कार्यरत हैं । गोपाल किरन समाजसेवी संस्था ने अपनी पहचान राष्ट्रीय व अंतराष्ट्रीय स्तर पर बनाई है। देश के लिए सबसे बड़ा काम कहे या भूमिका रही कि संस्था ने सस्टेनेबल डवलपमेंट गोल( एसडीजी ) की स्थापना दिवस पर साप्ताहिक कार्यक्रम आयोजन का कॉन्सेप्ट यूएनओ (UNO) को दिया जिस पर सहमति दी गई, 2019 से प्रति वर्ष आयोजन होते है। डॉ. अम्बेडकर के जल संरक्षण में लोग डॉ. अम्बेडकर की भूमिका को स्वीकार करने को तैयार नहीं थे, संस्था ने राष्ट्रीय शोध सेमीनार का आयोजन कर उनकी भूमिका को स्वीकार करवाया और लोगों द्वारा सराहना की गई यहीं नहीं अपने अध्ययन का विषय भी बनाया है। सविंधान के प्रति लोगों की संवेदनशीलता को बढ़ाने व जागरूकता को बढ़ाने के लिये रन फ़ॉर कॉन्स्टिट्यूशन, मेरी शान भारत का सविधान का सफल आयोजन पहली बार कराया। सावित्रीबाई फुले जयंती का सफल आयोजन पहली बार महाविद्यालय मे कराया जहां यह अनुभव सामने आया कि पहली बार उनके तस्वीर को लोगो ने देखा से। कई प्रतिभाओं को उभारा है।संस्था ने अपने कार्य से देश मे ही नहीं विदेश में अपना लोहा मनवाया है । यही नहीं संस्था ने अपने देश भारत मैं ही नही नेपाल की राजधानी काठमांडू की जमी पर जाकर ग्लोबल कान्क्लेव का सफल आयोजन किया । वन अनुसंधान केंद्र के साथ मिलकर आंवला जीन बैंक की स्थापना व उसके उत्पाद बनाने से लेकर मूल्य निर्धारण व हर स्तर पर भूमिका का निर्वाह किया जिससे ,महिलाओं को रोजगार मिला पहली बार घर से बाहर निकल कर अपने उत्पाद की बिक्री की जिसकी लागत, उसकी बिक्री तक मैं उनकी भूमिका रही। आजीविका विकास में देश में हाशिये पर रहने वाले अनुसूचित जाति व जनजाति वर्ग के लिये जब भी यथा योग्य मंच मिला उसमें उनके विकास, हित सवंर्धन के लिए नीति बनवाने मैं पीछे नहीं रहे। यह पहल स्वंय व दूसरी संस्थाओं के साथ मिलकर पहल की भी है।
कोविड कॉल में इंसानियत को बचाने के लिये खुद बड़े घरो के न होते हुए भी अपने समर्पण हिम्मत को बनाये रखते हुए जो लोग घरो की चार दीवारी से बाहर नहीं निकल रहे लाकडाउन लगे होने पर पर पर्याप्त फण्ड न होते हुए भी आपस में सहयोग एवं एकत्रित होकर राहत एवं जरूरी सामग्री का वितरण गोपाल किरन समाज सेवी संस्था ने किया। संस्था द्वारा 125 दिन तक लोगों को भोजन के पैकेट, दवाईयाँ उनके गंतव्य तक पहुचाने मैं अपनी जान को जोखिम मैं डालकर मानवता का परिचय दिया। इसके साथ ही बाढ़ ,अग्नि पीड़ितों को भी मदद करने में आगे रहे हैं। शासन प्रशासन ने समय- समय पर संस्था व उससे जुड़े पदाधिकारियों को उनके कार्य के लिए सम्मानित भी किया है। संस्था पे बेक सोसायटी के कांसेप्ट पर कार्य करने पर विश्वास करती है।सहभागिता आधारित कई अच्छे मॉडल खड़े किए है।
गोपाल किरन समाजसेवी संस्था द्वारा श्रीप्रकाश सिंह निमराजे के नेतृत्व मे कैलाश चंद मीणा, श्रीमती संगीता शाक्य ,श्री आर. के.मेहरा के संरक्षत्व में 4 सितंबर 2022 को लखनऊ में शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों व समाजसेवी,प्रशासनिक अधिकारियों का सम्मानित किया जायेगा, इसी कार्यक्रम में एक सेमिनार का आयोजन प्रो. खेमसिंह डहेरिया(कुलपति) जी के जिसके सरंक्षक मैं किया जायेगा। शैलेश प्रजापति (समन्वयक) ने बताया है कि कार्यक्रम का उद्देश्य है, उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों की प्रतिभाओं को सम्मान देंना। जिसमें ऐसे शिक्षक पात्र होंगे जिन्होंने अपने -अपने क्षेत्र मे नवाचार किये हो , कोई आदर्श उदाहरण पेश किया या जिस स्कूल मे पदस्थापना के बाद बच्चों के नामांकन में अप्रत्याशित रूप से वृद्धि या किसी भी विद्या मैं ऐसा कोई कार्य किया हो जो मानव व समाज के लिए उपयोगी ,सेमीनार के संरक्षक प्रो. खेमसिंह डहेरिया होंगे । जिसमें
इसमें देश-विदेश के विशेषज्ञ एवं नई नई योजनाएं ,नए विचार , नई रचनाएं , नई रिसर्च,अपनी केस स्टडी ,प्रोजेक्ट आदि प्रस्तुत कर रहे है। कई संस्थाओं को नेटवर्किंग के अवसर उपलब्ध हो रहे है और अवसर प्रस्तुत किए जा रहे है।
सभी स्कूल ,कॉलेज ,यूनिवर्सिटी स्टूडेंट और जो भी जिस क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहता है या किसी की कोई योजना हो और उसे कोई बढ़िया प्लेटफार्म की आवश्यकता हो ,किसी का कोई आईडिया हो किसी का कोई बिजनेस हो, किसी का कोई विचार हो, कोई रिसर्च हो या कोई और योग्यता हो,संगठन या कोई भी संस्था अपनी योजनाएं रखना चाहती हो तो कार्यक्रम में सभी प्रतिभाओं का स्वागत है ।
इस कार्यक्रम में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे जिसमें विभिन्न राज्यों के शिक्षक प्रतिभाग करेंगे। कार्यक्रम संचालन ज्योति सागर बागपत के द्वारा , वंदना गायन ——–करेंगी स्वागत गीत हापुड़ उत्तर प्रदेश की उत्कृष्ट शिक्षिका शहाना सैफी के द्वारा तथा उत्तराखंड राज्य की संस्कृति का प्रदर्शन कुमाऊं और गढ़वाल की वेशभूषा व संस्कृति की झलक उत्कृष्ट शिक्षिका सुमन रानी व सुनीता भटनागर द्वारा किया जाएगा । इस अवसर पर कुछ बच्चों को ब्रांड एम्बेसडर बनायगी।
सेमिनार में शिक्षकों के अलावा प्राध्यापक शोधार्थी,सामाजिक कार्यकर्ता,प्रबुद्ध जन भाग लेंगे। सेमीनार यह कार्यक्रम गोपाल किरन संस्था द्वारा आयोजित किया जा रहा है जो कि एक रजिस्टर्ड ,व नीति आयोग आयकर अधिनियम से भी पंजीकृत है। इस अवार्ड के लिए वही व्यकित पात्र होगा जिसने पंजीयन कराया हो। संस्था द्वारा राष्ट्रीय व अन्तराष्ट्रीय कार्यक्रम भारत मे ही नहीं नेपाल की राजधानी काठमांडू मैं कर चुकी है। अभी हॉल में ही देश की राजधानी नई दिल्ली मे शिक्षा संवाद व ग्लोबल आइकॉन शिक्षक अवार्ड का आयोजन किया गया था। भारत सरकार महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अवर सचिव श्री लखमीचंद गौतम,(डॉ.सारिका महेश शहा ) यवतमाल महाराष्ट्र. विजेता मिसेस युनायटेड नेशन 2019
जी अपनी सहमति दे चुके है । कार्यक्रम में मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, शिक्षा मंत्री वरिष्ठ अधिकारी व कई क्षेत्र के लोगों को आमंत्रित किया जाएगा ! उप मुख्य मंत्री, उत्तर प्रदेश ने अपनी सहमति प्रदान भी कर दी है। विस्तृत विवरण के लिए मो.9425118370 पर सम्पर्क किया जा सकता है! यहाँ यहीं कहना उचित होगा मैं चला अकेला…आज श्रीमती संगीता शाक्य, जो संस्था की मुख्य सरंक्षक है कैलाश चंद्र मीणा (वनमंडलाधिकारी), इंजीनियर आर. एस.वर्मा,(पूर्णे), श्री एस. श्री आर. के.मेहरा, सचिव, PWD, म. प्र.शासन, एल.अटेरिया (सबलगढ़,मुरैना), श्री शिवचरण मंडराई (भोपाल) के संरक्षकत्व में कार्य कर रही जिनके सहयोग, मार्गदर्शन के फलस्वरूप राइट डायरेक्शन और राइट मेंटरिंग द्वारा टीम भावना के साथ और बेहतर कर पा रहे हैं।
