पुलिस ने जान से मारने की धमकी देने और ब्लैकमेल करने के प्रकरण में गुजरात से 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनसे 12 लाख 9 हजार रूपये के गहने तथा 17 लाख नगद किया बरामद, मुख्य आरोपी अभी भी फरार | New India Times

अशफाक़ कायमखानी, सीकर/जयपुर (राजस्थान), NIT:

पुलिस ने जान से मारने की धमकी देने और ब्लैकमेल करने के प्रकरण में गुजरात से 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनसे 12 लाख 9 हजार रूपये के गहने तथा 17 लाख नगद किया बरामद, मुख्य आरोपी अभी भी फरार | New India Times

सीकर जिले के फतेहपुर कस्बे की कोतवाली पुलिस ने स्थानीय युवक रिजवान को गांधीनगर गुजरात के युवकों द्वारा जान से मारने और ब्लेकमैल कर करीबन 80 लाख के गहने और नगदी वसूल करने के प्रकरण में गांधीनगर गुजरात से 6 युवकों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 12 लाख 9 हजार रूपये नगद तथा 17 लाख के गहने बरामद किये हैं लेकिन मुख्य आरोपी अभी भी फरार है जिसकी तलाश जारी है।
घटना का खुलासा करते हुए एएसपी डाॅ. देवेन्द्र शर्मा ने बताया कि फतेहपुर कस्बे के वार्ड 26 निवासी मोहम्मद रफीक बरा पुत्र लाल मौहम्मद बरा ने थाना कोतवाली में इसी 27 सितंबर को रिपोर्ट दर्ज करवाई कि उसके बेटे रिजवान को सीबीएसी बोर्ड की दसवीं परीक्षा में पास करवाने की बात मुख्य आरोपी पिकूं शर्मा ने की। रिजवान के पास होने के बाद पिंकू शर्मा ने रिजवान को धमकाना शुरू कर दिया कि वो उसे पैसे दे वरना वो उसके पिता को सारी बात बता देगा और नियमित अंतराल से आरोपी पैसे लेते रहें। इस वारदात में 6 अन्य आरोपी भी जुडते रहें। दो साल में सातों आरोपियों ने पीड़ित रिजवान से 80 लाख के गहने, नगदी वसूल कर लिये। रिजवान ये सभी राशि और गहने अपने घर से चोरी कर के आरोपियों को देता रहा। आरोपी पैसा वसूली के लिए रिजवान को उसके पिता को सब बात बता देने, पापा सहित अन्य परिजनों को मार डालने की धमकी देते रहे। कोतवाल उदयसिंह के नेतृत्व में एचसी तूफान सिंह, शिवभगवान, जीवराज सिंह, राकेश कुमार, सलीम, संदीप, रामनिवास की टीम ने गुजरात के गांधीधाम से ग्राम और थाना अंजार जिला कच्छ निवासी हीरेन सोधाम 21 पुत्र राजेश सोधाम, नितीश 23 पुत्र नरेश चाटोलिया, निश्चल पवार 22 पुत्र सुरेन्द पंवार, निशांत 23 पुत्र हरेश भाई धुलिया तथा देहरादून निवासी अभिषेक 24 दीपकसिंह नेगी, कच्छ निवासी जयकिशन 22 पुत्र किशन दनिचा को गिरफ्तार किया तथा हिरेन सोधाम के कब्जे से दस लाख नौ हजार नगद और 240 ग्राम वजन के छ बिस्कुट कीमती 15 लाख और निश्चय राजपूत के कब्जे से दो लाख व दो लाख की कीमत के स्वर्ण आभूषण जब्त किये।

मामूली बात बिना अपराध के दे दिये 80 लाख के गहने और नगदी

कोतवाल उदयसिंह ने बताया कि मुख्य आरोपी पिकू शर्मा ने पीड़ित रिजवा से कहा कि गुजरात बोर्ड की दसवीं बोर्ड की परीक्षा बड़ी कड़ी है और उसकी सेटिंग है वो पास करवा देगा। रिजवान अपनी मेहनत से ही पास हो गया तब पिंकू शर्मा ने उससे पैसे मांगे तो रिजवान ने उसे 13 हजार रूपये दे दिये। तभी से धन वसूली का सिलसिला शुरूहो गया।

जब पीकू शर्मा को पैसा मिल गया तो उसने रिजवान को धीरे धीरे ब्लेकमेल करना शुरू कर दिया कि वो उसे पैसे दे वरना वो सारी बात उसके पिता को बता देगा। इस पर उसने कई बार पींकू को पैस दे दिये। पीकूं को पैसे मिलने के बाद यह बात उसके फ्रेडं सर्किल में फैल गई तो उसके दोस्त हीरेन, नितीश, निशांत, जयकिशन, निश्चय और अभिषेक ने भी उसे धमका कर ब्लेकमेल करना शुरू कर दिया।

बेटियों की शादी के लिए रखा था गहना और धनराशि

कोतवाल ने जानकारी दी कि पीड़ित रिजवान के पिता पांच भाई और संयुक्त परिवार है तथा सभी साथ साथ रहते हैं। परिवार में चार बेटियों की शादी के लिए उन्होंने फतेहपुर और गुजरात में पैसा और धनराशि जमा कर रखी थी।
ब्लेकमेल के दबाब में घर में चोरी शुरू की
सभी सातों आरोपियों ने रिजवान पर पैसे देने, उसके पिता सहित अन्य परिजनो को जान से मार देने की धमकी देने के बाद रिजवान दबाब में आ गया और दो साल में उसने आरोपियों को करीबन 80 लाख का सोना और नगदी दे दी।
आरोपियों के हौसले बुलंद, फतेहपुर तक पहुंच गये वसूली के लिए
जब आरोपियों को रिजवान साफ्ट टारगेट लगने लगा तो उसने उस पर अधिक दबाब बनाने लगे तथा वे उससे पैसे लेने के लिए फतेहपुर तक आ गये। पहले एक साल पहले नितीश और पिकूं आये थे और अभी एक सप्ताह पहले सभी आरोपी दो अलग अलग वाहनों से आये और पैसे वसूल कर खूब मस्ती की।
रिजवान से पैसे वसूली पर सभी आरोपियों ने जमकर खरीददारी, मौजमस्त की। नितीश ने जूता खरीदा जिसकी कीमत 30 हजार है, निशांत बैंकाक धूमने गया, एक आरोपी ने कार खरीद ली और एक ने फ्लेट बुक करवा लिया।
सभी अच्छे परिवार के युवा
कोतवाल उदयसिंह ने जानकारी दी कि सभी आरोपी बेरोजगार हैं और अच्छे परिवारों से ताल्लुक रखतें है।आरापी हीरेन के दादा विधायक रह चुके हैं, अभिषेक के पिता बीएसएफ में डिप्टी कमांडेंट हैं, निश्चल के पिता फैक्टरी में मैनेजर हैं, पिकूं शर्मा के पिता भी बंदरगाह पर अधिकारी हैं।
घर से चोरी करना शुरू कर दिया
आरोपियों के दबाब में आकर रिजवान ने उनकी मांगों की पूर्ति के लिए अपने ही घर में चोरी करना शुरू कर दिया तथा गांधीनगर और फतेहपुर के मकान में अपनी बहनों की शादी के लिए जमा गहने और राशि धीरे धीरे चोरी कर आरोपियों को देना शुरू कर दिया। बेहद अधिक दबाब बन गया तो उसने आत्महत्या की कोशिश की तब घर वालों को सारी धटना का पता चला।

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