नागोर के सूदरासन गांव के सपूत नवाब खान को डीजीपी शेखावत के हाथों मिला "उत्तम सेवा चिन्ह" अवार्ड | New India Times

अशफाक कायमखानी, जयपुर, NIT;​नागोर के सूदरासन गांव के सपूत नवाब खान को डीजीपी शेखावत के हाथों मिला "उत्तम सेवा चिन्ह" अवार्ड | New India Timesराजस्थान के नागोर जिले में सत्तावनी के नाम से विख्यात डीडवाना तहसील के गांव सूदरासन के साधारण कायमखानी परीवार के वतन की सीमा पर रक्षा कर दिल को सुकून महसूस करने वाले एक फौजी हासम खां नामक कर्तव्यनिष्ठ, इमानदाराना व हक्रप्रस्ती पर हर हाल मे जीवन जीने वाली शख्सियत के घर जन्म लेने वाले नवाब खान ने 1990 में पुलिस सेवा में सब इंसपेक्टर SI के पद पर जोईन करके हमेशा हक  व ईमानदारी के अलावा समय की पाबंदी के साथ पुलिस विभाग मे सेवा करने का परीणाम ही है कि टोंक में पुलिस विभाग की तरफ से आयोजीत एक कार्यक्रम मे डायरेक्टर जनरल आफ पुलिस, राजस्थान DGP अजीत सिंह शेखावत ने उन्हें “उत्तम सेवा चिन्ह” अवार्ड देकर सम्मानीत किया है।​नागोर के सूदरासन गांव के सपूत नवाब खान को डीजीपी शेखावत के हाथों मिला "उत्तम सेवा चिन्ह" अवार्ड | New India Timesसीकर-नागोर सड़क पर दोनों जिलों की सीमा पर मौजूद डीडवाना तहसील के गांव सूदरासन निवासी नवाब खान बाल्यकाल से ही चंचल व पढने में होशियार होने के कारण वो शुरु से ही परीवार व गांव वासियों के चहते थे। लेकिन 1980 में अचानक पिता का साया सिर से उठ जाने के बावजूद बडे भाई अल्लादीन खान व खानदान की मदद से पढाई को जारी रखकर नवाब खान ने पुलिस विभाग की सब इंसपेक्टर की परीक्षा में सफल होकर 1990 में सरकारी सेवा में जाने के बाद आज तक अपनी डयूटी की जिम्मेदारी व सोसायटी के प्रति अपने कर्तव्य में कभी किसी तरह की चूक नही की है।नागोर के सूदरासन गांव के सपूत नवाब खान को डीजीपी शेखावत के हाथों मिला "उत्तम सेवा चिन्ह" अवार्ड | New India Timesनवाब खान अपने पुलिस विभाग के सेवा काल में विभिन्न थानो मे थानेदार रहते हुये हमेशा अपनी डयूटी को पावर ना मानते हुये केवल कर्तव्य मानते हुये सेवा के नियमोंका पूरी तरह पालन करने व उसूलों के साथ साथ इंसानीयत को सर्वोपरी बनाये रखा है। पिछले दिनों नवाब खान विभागीय तरक्की पाकर उप पुलिस अधीक्षक पद पर चयनीत होने के बाद विभिन्न जगह पोस्टेड रहते हुये वर्तमान में दौसा जिले के बांदीकुई सर्किल में उप पुलिस अधीक्षक Dy. SP पद पर पोस्टेड हैं। नवाब खान के दो पुत्र है। जिनमें छोटा पुत्र इरफान खान मेडीकल MBBS की पढाई कर रहा है, तो बडा बेटा सिविल में बी.टेक करने के बाद अब दिल्ली में भारतीय प्रशासनीक सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहा है। वेसे बेटे मनफूल खान ने असिसटेंट कमांडेट पद के लिये होने वाली परीक्षा को भी पास कर लिया है।

कुल मिलाकर यह है कि नागोर जिले में कायमखानी बिरादरी की सत्तयानी के नाम से मशहूर डीडवाना क्षेत्र की यह भुमि हमेशा से ही जरखेज रही है। इस पावन धरती से आर्मी, सिविल सेवा, न्यायीक सेवा के अलावा अन्य क्षेत्र में कायमखानी बिरादरी के अनेक आला शख्सियत बतौर अधीकारी रहे हैं, जिनमें सूदरासन के पास के गांव के कर्नल अलीम खां के बेटे कुवंर सरवर खान पुलिस सेवा में इंसपेक्टर जनरल आफ पुलिस, राजस्थान IGP व झाड़ोद गांव के कमांडेंट मरहूम बक्सू खां के बेटे भंवरु खां राजस्थान हाई कोर्ट में जस्टीस रह चुके है। उक्त दोनो आला शख्सियतो के अलावा अनेक लोग फौज व सीविल में आला अधीकारी रह चुके है एवं आज भी सेवा में कार्यरत हैं।

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