बिहार में एआईएमआईएम की जीत मुस्लिम नौजवानों की सियासी बेदारी का सबूत है: सुहेल हाश्मी

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मेहलक़ा अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

एआईएमआईएम की मध्य प्रदेश इकाई के पूर्व प्रदेश सचिव एडवोकेट सुहेल हाश्मी ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि बिहार में ऑल इंडिया मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के 5 एमएलए की जीत से यह साबित हो गया कि अब मुस्लिम नौजवानों में सियासी बेदारी आ चुकी है। जरा पिछले 70 सालों से हमारे बुज़ुर्ग सियासी रहनुमा व मजहबी शख्सियत ने सिर्फ भाजपा व आरएसएस को हराने के नाम पर एक तरफा कांग्रेस को वोट दिलाया है जिसके सबब आज मुसलमानों का सियासत में रुतबा खत्म हो चुका था जिसे मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद बैरिस्टर असदुद्दीन ओवैसी ने अपनी सुझ बुझ और सियासी हिकमत ए अमली से दोबारा कायम कर दिया है। आज मुस्लिम नौजवान भाजपा, आरएसएस को हराने के बजाये अपनी कयादत (नेतृत्व) व अपनी पार्टी को मजबूत करने व बेरोजगारी, पिछड़ापन व तालीम जैसे मुद्दों पर वोट कर रहा है जिसका सबूत बिहार में एमआईएम की जीत है। एडवोकेट सुहेल हाश्मी द्वारा बिहार के प्रदेश अध्यक्ष एवं नवनिर्वाचित विधायक अख्तरुल इमान सहित तमाम नवनिर्वाचित विधायकों को बधाई देते हुए कौमी सद्र असदुद्दीन ओवैसी से अपील की है कि वह मध्यप्रदेश में भी जल्द से जल्द प्रदेश कार्यकारिणी कमेटी का गठन करने पर विचार करें क्योंकि मध्यप्रदेश में भी दिसंबर या जनवरी में म्युनिसिपल व पंचायत इलेक्शन होने वाले हैं और जो नौजवान पिछले 5 सालों से पार्टी में मेहनत कर रहे थे वह मायूसी का शिकार हैं।

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