सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों में लापरवाही पाए जाने पर कॉलेज के प्राचार्य के विरूद्ध हुई कार्रवाई, सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों को अधिकारी पूर्ण गंभीरता से लें: कलेक्टर

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संदीप शुक्ला, ब्यूरो चीफ, ग्वालियर (मप्र), NIT:

शासकीय सेवक को सेवानिवृत्ति के पश्चात भी पेंशन आदि का भुगतान न करने की शिकायत पर केआरजी कॉलेज के वर्तमान प्राचार्य तथा पूर्व प्राचार्य के विरूद्ध दण्डात्मक कार्रवाई का निर्णय कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने किया है। सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों में से कुछ हितग्राहियों को अंतरविभागीय समन्वय समिति की बैठक में बुलाकर उनकी समस्याओं को सुनना और उनका निराकरण करने का कार्य प्रति सोमवार को कलेक्टर द्वारा किया जाता है।
कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने 6 जुलाई सोमवार को अंतरविभागीय समन्वय समिति की बैठक में सीएम हैल्पलाइन में शिकायत करने वाले श्री सेतु कुमार गुप्ता को बुलाकर उनकी समस्या को सुना। श्री गुप्ता ने बताया कि 2018 में केआरजी कॉलेज से सेवानिवृत्त होने के पश्चात दो वर्ष तक राशि का भुगतान प्राप्त न होने पर सीएम हैल्पलाइन में शिकायत दर्ज की थी। श्री गुप्ता ने बताया कि शिकायत के पश्चात उसे राशि प्राप्त हो गई है। कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने कॉलेज की प्राचार्य से जब इस संबंध में जानकारी ली तो उनके द्वारा कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। सेवानिवृत्त कर्मचारी को उसकी राशि का भुगतान न करने के मामले को गंभीरता से लेते हुए वर्तमान प्राचार्य तथा इससे पूर्व में रहे प्राचार्य के विरूद्ध दो – दो वेतनवृद्धि रोकने की कार्रवाई का प्रस्ताव तैयार कर विभाग को भेजने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने लक्ष्मण सिंह अरगर एवं मनोज कुमार शाक्य से भी सीएम हैल्पलाइन में शिकायत करने के संबंध में जानकारी ली। श्री लक्ष्मण सिंह द्वारा बताया गया कि उसे मानदेय का भुगतान प्राप्त नहीं हुआ है जबकि मनोज कुमार शाक्य ने कम राशन प्राप्त होने की शिकायत बताई। कलेक्टर ने जब संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली तो मानदेय के संबंध में बताया गया कि इनका निर्धारण शासन स्तर से मानदेय का कर दिया गया है और संबंधित को राशि भी प्राप्त हो गई है। इसी प्रकार मनोज कुमार शाक्य को कम राशन मिलने की शिकायत के संबंध में जानकारी दी गई कि लॉकडाउन के दौरान हितग्राहियों को 10 किलो अनाज प्रदान किया गया था। बाद में आवंटन प्राप्त होने पर खाद्यान्न का वितरण कर दिया गया है।
कलेक्टर श्री सिंह ने अंतरविभागीय समन्वय समिति की बैठक में विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि शासकीय सेवकों के जो भी व्यक्तिगत क्लेम हैं उनका निराकरण समय रहते होना चाहिए। सेवानिवृत्ति के पश्चात भी किसी कर्मचारी को उसके क्लेम न मिलना एक गंभीर मामला है। इस प्रकार की शिकायत मिलने पर संबंधित विभागीय अधिकारी के विरूद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने उच्च शिक्षा, महाविद्यालयीन शिक्षक एवं स्कूली शिक्षकों के पेंशन एवं व्यक्तिगत क्लेम के निर्धारण हेतु जानकारी एकत्र कर कार्रवाई करने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए।
कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने सभी विभागीय अधिकारियों को सीएम हैल्पलाइन को पूरी गंभीरता के साथ लेने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि हैल्पलाइन के तहत प्राप्त होने वाली शिकायतों का निराकरण समय-सीमा में किया जाना चाहिए। एल-1 स्तर पर ही शिकायत को अधिकारी देखें और समय रहते उसका निराकरण सुनिश्चित करें।
कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिये करें प्रभावी कार्रवाई
कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने नोवेल कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिये जिले में प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए हैं। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने कार्यालयों में भी सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध रखें। कार्यालय में आने वाले हर अधिकारी-कर्मचारी तथा आम जनों के लिये सेनेटाइजर की व्यवस्था रखने के साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी सुनिश्चित किया जाए। कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारी सभी लोग अनिवार्यत: मास्क पहनकर रहें। इसके साथ ही कार्यालय को भी समय-समय पर सेनेटाइज किया जाए।
इंसीडेंट कमांडर अपने-अपने क्षेत्र में भ्रमण कर करें कार्रवाई
कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने जिले में नियुक्त सभी इंसीडेंट कमांडरों को निर्देशित किया है कि वे प्रतिदिन अपने-अपने क्षेत्र में भ्रमण कर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन सुनिश्चित करें। इसके साथ ही बिना मास्क के घूमने वालों के विरूद्ध कार्रवाई की जाए। जो लोग बिना मास्क के घूमते पाए जाएं उन्हें कोरोना वॉलेन्टियर बनाकर कार्य कराया जाए।
किल कोरोना अभियान के तहत हो प्रभावी कार्रवाई
प्रदेश सरकार द्वारा कोरोना के संक्रमण की रोकथाम के लिये चलाए जा रहे किल कोरोना अभियान के तहत शतप्रतिशत घरों का सर्वेक्षण कार्य किया जाना है। जिले में गठित किए गए सभी दल अपने-अपने क्षेत्र में सर्वेक्षण का कार्य पूर्ण गंभीरता के साथ करें। इंसीडेंट कमांडर अपने-अपने क्षेत्र में सर्वेक्षण कार्य की निरंतर मॉनीटरिंग करें। अभियान के तहत लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के विरूद्ध दण्डात्मक कार्रवाई भी की जाए।
वन अधिकार पट्टों का वितरण समय-सीमा में हो
राज्य शासन द्वारा पूर्व में निरस्त किए गए वन अधिकार पट्टों के वितरण के लिये अभियान चलाया जा रहा है। ग्वालियर जिले में भी निरस्त हुए वन अधिकार पट्टों का वितरण समय पर हो, इसके लिये सभी अनुविभागीय अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में समय रहते कार्रवाई पूर्ण करें। एसडीएम अपने स्तर से कार्रवाई कर जिला स्तरीय समिति को अनुशंसा सहित प्रकरण भेजें ताकि पट्टों को देने की कार्रवाई समय रहते पूर्ण की जा सके। कलेक्टर श्री सिंह ने कहा है कि शासन के इस सर्वोच्च प्राथमिकता वाले अभियान को अधिकारी पूर्ण गंभीरता के साथ लें और समय पर पट्टों का वितरण हो, यह सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में यह थे उपस्थित
अंतरविभागीय समन्वय समिति की बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री शिवम वर्मा, एडीएम श्री किशोर कन्याल, अपर कलेक्टर श्री आशीष तिवारी, सीईओ स्मार्ट सिटी श्रीमती जयति सिंह सहित सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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