मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर साधा निशाना, कहा इनके रिश्तेदार भी नहीं थे स्वतंत्रता सेनानी

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रहीम शेरानी, भोपाल (मप्र), NIT:

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने राष्ट्रवाद का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी पर बड़ा हमला किया है। कमलनाथ ने कहा की यह लोग कांग्रेस को और सेवादल को राष्ट्रवाद का पाठ पढ़ाएंगे, मैं तो हमेशा से ही कहता हूं की नरेंद्र मोदी जी एक नाम बता दीजिए जो आपकी पार्टी का स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रहा हो।
कमलनाथ ने उन पर तंज कसते हुए कहा की कम से कम अपने ही किसी रिश्तदार का तो नाम बता दीजिए। मुख्यमंत्री कमलनाथ गुरुवार को संत हिरदाराम नगर में आयोजित सेवादल के प्रशिक्षण शिविर कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। कमलनाथ ने कहा की मोदी पर तंज कसते हुए कहा की अपना नाम तो छोडि़ए, अपने किसी रिश्तेदार का ही नाम बता दीजिए। कमलनाथ ने कहा कि यह लोग ध्यान मोडऩे की राजनीति करते हैं।
कमलनाथ ने सेवादल को पार्टी की नींव बताते हुए कहा कि पार्टी का भविष्य भी यही है। कमलनाथ ने कांग्रेस सेवादल के मूल कार्यों और संगठन को मजबूत बनाने पर जोर दिया और कहा कि अब समय के साथ बदलाव लाने की भी जरूरत है। सेवादल को अपनी और पार्टी की पहुंच गांव-गांव तक पहुंचानी होगी। इसके लिए उसे अपना सूचना प्रौद्योगिकी प्रकोष्ठ (आईटी सेल) बनाना चाहिए।
इसके लिए वे पूरी मदद भी करेंगे। प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि हमारे देश की संस्कृति सहिष्णुता वाली है। यही हमारे संविधान का मूल्य है। आज इसी पर हमला हो रहा है। इसके भविष्य पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
कमलनाथ ने कहा कि हमारे देश को पूरी दुनिया बड़े ही ताज्जुब से देखती है कि किस प्रकार यहां विविधता में अनेकता है।
पूरा देश एक झंडे के नीचे खड़ा रहता है। ऐसी ही मजबूती सोवियत संघ में भी थी, लेकिन वो बिखर गया, क्योंकि उनकी संस्कृति ऐसी नहीं थी। हमारी संस्कृति विविधता में एकतावाली है। यही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। इसी पर अब हमला किया जा रहा है। ये लोग हृक्रष्ट की बात करते हैं।
और क्या बोले कमलनाथ
आज ये गुमराह करने की बात करते हैं। आपको भाजपा के पिछले 6-7 साल की राजनीति पहचाननी है। अभी लोकसभा का चुनाव हुआ तो जनता का ध्यान मोड़ दिया गया। आज चुनौतियां और प्रश्न दूसरे हैं, लेकिन उनका जवाब नहीं हैं।
एनआरसी का मतलब है नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजंस। जब आप अपना नाम दर्ज कराएंगे तो सवाल उठेगा कि आपका धर्म क्या है, तो आप कहेंगे हिन्दू। अब आपके पास सबूत क्या है कि आप हिन्दू हैं। फिर वे पूछेंगे कि आपके बाप का क्या धर्म है। दादा का क्या धर्म था। कोई सबूत है क्या। इसमें यह बात नहीं कि क्या लिखा है, चिंता इस बात की है कि क्या नहीं लिखा है।

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