मकसूद अली, ब्यूरो चीफ, यवतमाल (महाराष्ट्र), NIT:

रापनि डिपो में अनियमितताओं के चलते डिपो के कृति समिति द्वारा 23 नवंबर 2019 को विभाग नियंत्रक को लिखित ज्ञापन देकर समस्याओं की ओर ध्यान देने की मांग की गई थी जिसका संज्ञान लेते हुए विभाग नियंत्रक द्वारा कृति समिति के सदस्यों को चर्चा के लिए बुलाया गया था। इस चर्चा में एक माह के भीतर सभी समस्याओं को सुलझाने का आश्वासन विभाग नियंत्रक द्वारा दिया गया था लेकिन एक माह से अधिक का समय बीत जाने पर भी इस समस्याओं के बारे में विभागीय स्तर पर किसी भी प्रकार की कोई कार्रवाई न होने से कृति समिति के कर्मियों में रोष व्याप्त है। डिपो प्रमुख द्वारा भेदभाव कर करीबियों को उनकी इच्छानुसार ड्युटी देने, छोटी छोटी बातों को लेकर कर्मियों को शो कॉज नोटिस देने, डिपो मैनेजर को नमस्ते न करने पर कार्रवाई की धमकी देने, उनका निलंबन करने जैसी कार्रवाई करने का आरोप आंदोलनकर्ताओं ने लगाया है।

इस संदर्भ में प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारीयों को ज्ञापन सौंपकर अवगत कराया गया था जिसके बाद नवंबर माह में संगठन पदाधिकारीयों के साथ बैठक कर एक माह में समस्या हल करने का आश्वासन दिया गया था लेकिन समाधान न होने से यवतमाल डिपो के सभी चालक, वाहक और अन्य कर्मियों ने गुरूवार से हड़ताल कर दी है। जिससे डिपो के तहत यातायात प्रभावित होता दिखाई दे रहा है। डिपो प्रबंधक द्वारा अनुशासन तथा आवेदन पध्दति भंग करना, कर्मचारीयों पर द्वेष भावना से कार्रवाई करना, वाहनों की स्थिति अत्यंत खराब होना आदि शिकायतें आदि बातें कही गई हैं। कृति समिति ने महाराष्ट्र एसटी कामगार संगठन, राष्ट्रीय मोटर कामगार फेडरेशन, कास्ट्राईब रा.प. कर्मचारी संगठन, महाराष्ट्र एसटी वर्क कांग्रेस इंटक संगठन का समावेश है। जब तक समस्याएं पुरी तरह सुलझायी नहीं जाती तबतक अनशन कायम रखने का निर्णय कृति समिति द्वारा लिया गया है। प्रशासन द्वारा कर्मियों की समस्याओं का जल्द समाधान न होने पर यह आंदोलन अन्य जिलों में पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
