अकबरपुर में दलित महिला और उसके बेटे की बेरहमी से पिटाई, महिला ने कहा कि क्या मुझे मान सम्मान से जीने का अधिकार नहीं?

अपराध, देश, राज्य, समाज

गणेश मौर्य, ब्यूरो चीफ, अंबेडकरनगर (यूपी), NIT:

सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कानून व्यव्स्था को दुरूस्त करने का दावा तो करते हैं लेकिन यूपी में महिलाओं और दलितों के खिलाफ हिंसा पर रोक नहीं लग रही है. ताजा मामला अंबेडकर नगर जिले का है जहां पीड़िता लीलावती पत्नी राम जियावन फतेहपुर पकड़ी इंद्रलोक कॉलोनी गांव निवासिनी है.
13 नवंबर की शाम शुक्रवार को केशव राम, पुत्र हरिओम और आनंद साहू ने मिलकर दलित महिला सहित उसके पुत्र की बेरहमी से पिटाई कर दी. महिला के चीखने और चिल्लाने पर दुकानदारों ने बीच-बचाव किया उसके बावजूद भी अपनी दबंगई का परिचय देते हुए दलित महिला को भद्दी भद्दी जातिसूचक गालियां देता रहा सूचना मिलते ही थाने की पुलिस पहुंची फिर दबंग ने पुलिस को भी देख लेने की धमकी दी।

पीड़िता लीलावती ने अकबरपुर कोतवाली में तहरीर देकर न्याय की गुहार लगाई उन्होंने अपनी तहरीर में लिखा कि 13 नवंबर 2020 शाम 7:00 बजे शहजादपुर बाजार से दीपावली की खरीदारी कर घर को वापस आ रही थी. आते समय रास्ते में बालाजी दोना पत्तल विक्रेता पहती पुर रोड पर स्थित दुकान से दोना पत्तल खरीदने लगी सामान लेने के बाद भुगतान करते समय वह अपनी मोबाइल वहीं छोड़ दी दुकान से नीचे उतरते ही ध्यान आया कि मोबाइल ऊपर छूट गई उसी बीच दुकानदार ने मोबाइल को छुपा कर रख दिया. फिर पूछने पर मारपीट पर उतारू हो गया जानकारी के मुताबिक लोगों ने बताया कि मां को बचाने गया उसके पुत्र को भी मारा-पीटा गया है.!
बता दें कि अब तक दलित महिला की तहरीर पर अकबरपुर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा तक नहीं दर्ज किया इस संबंध में जब सीओ सिटी नवीन सिंह” से बात की गई तो उन्होंने कहा महिलाओं मिशन शक्ति के तहत महिलाओं पर उत्पीड़न कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। और मुकदमा हर हाल में पंजीकृत होगा महिला अनुसूचित जाति से है लीलावती ने कहा कि क्या हम लोगों को मान सम्मान से जीने का अधिकार नहीं, अब देखना है कि इस मामले में पुलिस आगे की क्या कार्रवाई करती हैं।
अनुसूचित जाति के खिलाफ एक चौथाई अपराध यूपी में हो रहे हैं जहां सूबे की आबादी का लगभग 23 प्रतिशत आबादी दलित (एससी) है.

Leave a Reply