जिन हाथों में कलम व किताब होनी चाहिए उन हाथों में नजर आ रहे हैं मोबाइल फोन???

देश, राज्य, समाज

हाशिम अंसारी, ब्यूरो चीफ, सीतापुर (यूपी), NIT:जिला मुख्यालय से लगभग 30 किलोमीटर दूर स्थित लहरपुर में अभिभावक व प्रशासन की लापरवाही के चलते देश के युवाओं व देश के कर्णधार का बुरा हाल जिस पर जिम्मेदार सरपरस्त व प्रशासन बेबस नजर आ रहा है। हाल ही में शुरू हुए पब्जी नाम के एक गेम ने युवाओं की जिंदगी बर्बाद करने का संकल्प ले रखा है जिस पर सभी जिम्मेदार बेबस नजर आते हुए दिखाई दे रहे हैं ऐसे में देश के भविष्य को कैसे सुरक्षित समझा जाए जब देश के युवाओं का भविष्य स्वयं में ही सुरक्षित दिखाई नहीं दे रहा है। जिन हाथों में स्कूल की किताबें व कलम होनी चाहिए थी उन हाथों में आज पब्जी नाम के एक गेम ने लोगों की जिंदगी बर्बाद करते हुए मोबाइल साधे दिखाई दे रहा है।
और तो और गेम का आतंक इतना बढ़ गया कि एक निश्चित अड्डे की शक्ल में 5-10 युवाओं का ग्रुप एक जगह एकत्रित होकर अपने भविष्य की बर्बादी का इतिहास लिखते हुए दिखाई देते हैं, उन्हें इस बात की खबर नहीं है की उनके भविष्य का क्या होगा? आने वाले समय में उनका भविष्य कौन सी किरण लेकर कौन सी आशा लेकर भविष्य को संवरेगा, इस बात का अनुमान लगाना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन साबित हो रहा है। वहीं अभिभावकों की मानें तो इस पब्जी नामक गेम के आगे बच्चों को और कुछ दिखाई ही नहीं देता है पढ़ाई लिखाई एक तरफ और मोबाइल एक तरफ दिखाई दे रहा है। अब ऐसे में उनके भविष्य की चिंता अभिभावकों को सताती हुई दिखाई दे रही है।

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