आशिफ शाह, ब्यूरो चीफ भिंड (मप्र), NIT:
देशभर में टेलीकॉम कंपनियों द्वारा लगातार रिचार्ज प्लान महंगे किए जाने के बावजूद उपभोक्ताओं को बेहतर इंटरनेट सुविधा नहीं मिल पा रही है। ₹400 से ₹500 प्रतिमाह तक खर्च करने के बाद भी लोगों को धीमी स्पीड, नेटवर्क समस्या और बार-बार कॉल ड्रॉप जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में स्थिति और भी गंभीर है, जहां उपभोक्ता बताते हैं कि इंटरनेट चलाना तो दूर, कई बार कॉल करना भी मुश्किल हो जाता है। ऑनलाइन पढ़ाई, डिजिटल पेमेंट और सरकारी सेवाओं के लिए इंटरनेट पर निर्भर लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
उपभोक्ताओं का आरोप है कि कंपनियां बड़े-बड़े दावे तो करती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर सुविधाएं बेहद खराब हैं। कई उपभोक्ताओं ने शिकायत की कि दिन के समय इंटरनेट की स्पीड बिल्कुल धीमी हो जाती है, जिससे उनका कामकाज प्रभावित होता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद कंपनियों द्वारा कोई ठोस समाधान नहीं दिया जा रहा है। ग्राहक सेवा केंद्रों पर भी संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है।
उपभोक्ताओं ने सरकार और दूरसंचार विभाग से मांग की है कि टेलीकॉम कंपनियों की सेवाओं की जांच कराई जाए और खराब नेटवर्क के लिए सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, कंपनियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उपभोक्ताओं से लिए जा रहे पैसे के बदले उन्हें उचित गुणवत्ता की सेवा मिले।
अब
देखना यह होगा कि सरकार और संबंधित विभाग इस बढ़ती समस्या पर क्या कदम उठाते हैं, या उपभोक्ताओं की परेशानी यूं ही जारी रहेगी।

