नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:
NEET पेपर लीक के बाद सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्मस पर Gen-G कॉकरोज जनता पार्टी की लोकप्रियता से परेशान बीजेपी के नाक में दम करने के लिए कांग्रेस ने पूरे भारत में सड़क पर आंदोलन शुरू कर दिए है। इंडिया ब्लॉक के घटक दल एनसीपी शरदचंद्र पवार ने महाराष्ट्र में आंदोलन किए हैं। जलगांव के जामनेर मे जनता की मांग पर सड़क पर उतरे दिलीप खोड़पे ने किसानों के पक्ष में सरकार विरोधी आंदोलन का नेतृत्व किया। अनेक सोशल मीडिया यूजर्स ने राष्ट्रवादी को ईंधन इमर्जेंसी को लेकर आंदोलन करने की नसीहत दी थी। पाचोरा तिराहे से डॉ बाबा भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा तक निकाले गए प्रतिरोध के दौरान राष्ट्रवादी ने सड़क जाम कर दी। पेट्रोल डीज़ल की किल्लत, बढ़ती महंगाई, किसानों की बदहाली जैसे मसलों पर मोदी- फडणवीस सरकार के ख़िलाफ़ नारेबाज़ी करी। पार्टी के कुछ फोटोजीवी कार्यकर्ताओं के मुकाबले प्रल्हाद पाटील जैसे आम किसानों ने मीडिया के सामने बेहतर तरीके से अपना पक्ष रखा। मंत्री गिरीश महाजन के किसान विरोधी बयानों को लेकर जनता में स्पष्ट रूप से नाराज़गी देखी जा सकती है। जिला प्रमुख प्रमोद पाटिल, डी के पाटील, जावेद इकबाल, अब्दुल रशीद मुल्लाजी, भगवान पाटिल, आकाश बंडे, सचिन बोरसे, के एस पाटील ने समा बांधने का प्रयास किया।
NCP को लेफ्ट मॉडल की जरूरत

1995 के जनादेश ने जामनेर विधानसभा सीट का भाग्य बदलकर रख दिया। गिरीश महाजन के ख़िलाफ़ विधानसभा के पांच चुनाव हार चुके मराठा नेता बीते 30 साल में राष्ट्रवादी कांग्रेस को वैचारिक स्तर पर लेफ्ट पार्टियों की तरह केडर बेस पार्टी नहीं बना सके है। राजनीत के जानकार बताते हैं कि पूर्व विधायक ईश्वरलाल जैन स्वयं सक्रिय हो कर नामांकन करते हैं तो 2029 के विधानसभा चुनाव का नतीजा राष्ट्रवादी के पक्ष में होगा। जामनेर में आज ठीक वही हालात है जो 1995 में बने थे।

