देश की माटी से जुड़े एक ‘निर्लिप्त साहित्यसेवी’ साहित्यसाधक पं. मुरलीधर पांडेय

देश, राज्य, समाज

सुभाष पांडेय, मीरा-भाईंदर/मुंबई (महाराष्ट्र), NIT:

भायंदर निवासी राष्ट्रीय स्तर की विशुद्ध हिंदी की साहित्यिक पत्रिका संयोग साहित्य के संपादक एवं मूर्धन्य साहित्यकार पंडित मुरलीधर पांडेय को कौन नहीं जानता। देश के लगभग सभी राज्यों में हिंदी सेवी, साहित्य सृजन में तल्लीन, क़लमकार, फ़नकार, गीत- संगीत- कला जगत से जुड़े जाने-माने हस्ताक्षर हैं। उनके द्वारा रचित कई कृतियों को ‘साहित्य अकादमी का पुरस्कार’ भी मिल चुका है। साहित्य मनीषी पंडित मुरलीधर पांडेय के ‘व्यक्तित्व एवं कृतित्व’ पर केंद्रीय शोध कार्य जारी है। मुरलीधर पांडेय के बाल-साहित्य पर आधारित तथा भोपाल के बाल साहित्यकार डॉ. परशुराम शुक्ल के बाल-साहित्य पर केन्द्रित तुलनात्मक अध्ययन पर आधारित शांति निकेतन ( पश्चिम बंगाल ) हिंदी विभाग, डॉ. मंजुरानी सिंह के निर्देशन में शोधकार्य (Ph.D.) सन 2016 में सम्पन्न। पिछले 25 सालों से मुम्बई से प्रकाशित होनेवाली त्रैमासिक हिंदी डायजेस्ट ” संयोग साहित्य ” विशुद्ध साहित्यिक पत्रिका के नऊ विशेषांकों पर आधारित डी. ए. वी. कॉलेज कानपुर, हिंदी विभाग के असोसियेट्स प्रोफेसर डॉ. दया दीक्षित के निर्देशन में ‘ संयोग साहित्य और उसका मूल्यांकन ‘ विषय पर शोध कार्य (Ph.D.) जारी है। इसी तरह मुरलीधर पांडेय की काव्यकृति ‘ सप्तसिंधु ‘ पर केंद्रित ‘ सप्तसिंधु एक मूल्यांकन ‘ विषय पर मुंबई विश्वविद्यालय, हिंदी विभाग, प्रो. डॉ. करुणाशंकर उपाध्याय के निर्देशन में एम. फिल. (M.Phil.) शोधकार्य सम्पूर्ण।

कवि, लेखक, गीतकार, नाटककार, संगीतकार, एकांकीकार , बाल-उपन्यासकार, साहित्यिक विधा के जानेमाने प्रखर वरिष्ठ पत्रकार पंडित मुरलीधर पांडेय ने अपने जीवन में साहित्य यात्रा क्षेत्र में विविध साहित्य रचे हैं तथा साहित्यसाधना जारी है। लगभग 30 साल मुम्बई में ‘ देना बैंक ‘ में नोकरी की, तत्पश्चात ‘ अवकाशप्राप्त ‘। सन 1974 में देना बैंक की प्रमुख पत्रिका ‘ देना ज्योति ‘ में प्रथम रचना का प्रकाशन। 07 अक्टूबर 1949 को जन्में मुरलीधर पांडेय के पिताजी रामकरतार पांडेय भी मुम्बई में ही ‘ देना बैंक ‘ से जुड़े रहे। अंततः 1972 में ‘ रिटायर्ड ‘ होकर उत्तरप्रदेश अपने मूल गांव चले गए। मुरलीधर पांडेय के पिताजी भी ‘ आध्यत्मिक दोहे ‘ लिखा करते थे। मुरलीधर पांडेय के प्रकाशित कृतियों में ‘ राक्षसी गुफ़ा ‘ ( बाल उपन्यास ), ‘ कच्चे-रास्ते ‘ ( एकांकी संग्रह), पाखंड युग ‘ (हास्य-व्यंग्य कहानी संग्रह ), ‘ राम नाम के बिखरे मोती ‘ ( भजन संग्रह), ‘ सप्तसिंधु ‘ (काव्य संग्रह ) , ‘ पर्दाफाश ‘ (लघु नाटक संग्रह ), ‘ साहित्य साधक पं. मुरलीधर पांडेय ‘ संपादक : डॉ. करुणाशंकर उपाध्याय , ‘ पूरब-पश्चिम ‘ ( नाटक ), ‘ जिनके घर में छोटे बच्चे होते हैं ‘ ( बाल-साहित्य), ‘ मेंढक बोले टुर्रम टुर्र ‘( बाल-साहित्य ), ‘ कंजूस शतक ‘ ( दोहा-संग्रह ) आदि पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। कच्चे-रास्ते के तीन एकांकियों एवं ‘ पूरब-पश्चिम ‘ का मुम्बई में कई बार मंचन। रचनाएं देश के पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित एवं देश के विभिन्न आकाशवाणी एवं दूरदर्शन से प्रसारित । राष्ट्र की हिंदी साहित्य की प्रमुख पत्रिका ” संयोग साहित्य ” का 1) डॉ. हरिवंशराय बच्चन, 2) राजस्थान काव्य विशेषांक, 3) उत्तरप्रदेश काव्य विशेषांक, 4) बिहार काव्य विशेषांक, 5) मध्यप्रदेश विशेषांक, 6) पिंगलाचार्य आर.पी. शर्मा ‘ महरिष ‘ पर केंद्रित विशेषांक, उत्तराखंड विशेषांक, हिमाचल प्रदेश विशेषांक, हरियाणा काव्य विशेषांक प्रकाशित हो चुके हैं। देश के लगभग 10 प्रान्तों में आयोजित कवि-सम्मेलनों में भागीदारी रही। सुगम, शास्त्रीय एवं उपशास्त्रीय रचनाओं का समय-समय पर गायन कार्यक्रम सम्पन्न। पं. मुरलीधर पांडेय मुंबई प्रांतीय राष्ट्रभाषा प्रचार सभा, मुंबई समेत फ़िल्म राइटर एसोसिएशन, भारतीय संगीत अकादमी , हिंदी साहित्य सम्मेलन , प्रयाग (इलाहाबाद) आदि संस्थाओं से जुड़े हैं।
मुंबई विश्वविद्यालय के हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. करुणाशंकर उपाध्याय द्वारा कुल 192 पेजेस
की पुस्तक में देश के प्रमुख हिंदी के रचनाकारों में डॉ. रमानाथ त्रिपाठी (दिल्ली) , डॉ. करुणाशंकर उपाध्याय (मुम्बई) , डॉ. राधेश्याम शुक्ल ( हिसार, हरियाणा) , आर.पी. शर्मा ‘ महरिष ‘( मुम्बई) , रामदेव लाल ‘ विभोर ‘ ( लख़नऊ), म.ना. नरहरि ( मुम्बई) , डॉ. ए. एल. श्रीवास्तव ( लख़नऊ, उत्तरप्रदेश ) , डॉ. पुण्यचंद ‘ मानव ‘ (बेंगलोर) , डॉ. परशुराम शुक्ल (भोपाल, मध्यप्रदेश) , सत्यप्रकाश पुरोहित ( जैसलपार्क, भायंदर) , डॉ. रमाकांत श्रीवास्तव (लखनऊ) , कृष्णकुमार ग्रोवर (नई दिल्ली) , राव मुकुल मानसिंह (कासगंज ,उत्तरप्रदेश), दुर्गाचरण शुक्ल ( कानपुर, उत्तरप्रदेश) , डॉ एम.एल.खरे (भोपाल , उत्तरप्रदेश ) , डॉ. सुरेश प्रकाश शुक्ल (लखनऊ, उत्तरप्रदेश ), नेहपाल सिंह वर्मा ( हैदराबाद ), डॉ. भगवानस्वरूप चैतन्य (ग्वालियर, मध्यप्रदेश) , डॉ. किशन तिवारी (भोपाल, मध्यप्रदेश), डॉ. हरेराम बाजपेयी ( इंदौर,मध्यप्रदेश), सूर्यदेव पाठक ‘ पराग ‘( गोरखपुर , उत्तरप्रदेश) , डॉ. महाश्वेता चतुर्वेदी (बरेली, उत्तरप्रदेश) , शिव अवतार ‘ सरस ‘( मुरादाबाद, उत्तरप्रदेश) , सुरेश शर्मा ( इंदौर , मध्यप्रदेश) , प्रो. डी. तंकप्पन नायर (तिरुवनंतपुरम) , डॉ. आदित्य प्रसाद तिवारी (जैसलपार्क, भायंदर ) , विनोदचंद्र पांडेय ‘ विनोद’ ( अलीगंज, लख़नऊ) , डॉ. रामकृष्ण शर्मा (कानपुर, उत्तरप्रदेश) , खुर्शीद नवाब ( उदयपुर, राजस्थान) , डॉ. ब्रह्मजीत गौतम (भोपाल, मध्यप्रदेश) , डॉ. उमेशचंद्र शुक्ल (आर.एन. पी. पार्क, भायंदर) , डॉ. विभा शुक्ला (भोपाल, मध्यप्रदेश) , संजीव निगम (मुम्बई, महाराष्ट्र) , डॉ. सरदार मुजावर ( सतारा, महाराष्ट्र) , वासुदेव तिवारी (मुम्बई, महाराष्ट्र) , डॉ. श्यामरंग शुक्ला (लोणावाला, पुणे, महाराष्ट्र ) , अंशु रिछारिया (बैंगलोर, कर्नाटक) , वीरेंद्र कुमार दुबे ( आर.एन. पी. पार्क, भायंदर) , अमरनाथ शुक्ल ‘ अकराल ‘ ( आर.एन. पी.पार्क, भायंदर) , डॉ. सूर्यपाल सिंह ( गोंडा, उत्तरप्रदेश) , कमलेश लरियाल( पुणे, महाराष्ट्र ) , नीरजकुमार ( भायंदर) ने हिंदी के साहित्यकार पंडित मुरलीधर पांडेय पर विस्तृत लेख लिखे जिसका सम्पादन -प्रकाशन डॉ. करुणाशंकर उपाध्याय ने किया।
हिंदी के जाने माने साहित्यकार पण्डित मुरलीधर पांडेय को ‘ अखिल भारतीय साहित्यकार अभिनंदन समिति ‘ द्वारा मथुरा ( उत्तरप्रदेश ) में दिनांक 6 मार्च, 1988 को ‘ साहित्यकार सम्मान ‘ से सम्मानित किया। ‘ नवोदित साहित्यकार परिषद, गोंडा ‘ (उत्तरप्रदेश) द्वारा 10 जून 1994 को ‘ गीत गौरव सम्मान ‘ से सम्मानित किया। ‘ तमिलनाडु हिंदी अकादमी, चैन्ने-33 ‘ द्वारा आयोजित समारोह में दिनांक 8 जनवरी 2002 को अखिल भारतीय संगोष्टि में सम्मानित। ‘ विक्रमशिला हिंदी विद्यापीठ, गांधीनगर (बिहार) ‘ द्वारा आयोजित 19 दिसंबर 2010 को ‘ विद्यावाचस्पति ‘, उपाधि से अलंकृत, ‘ राइटर्स एण्ड जर्नलिस्ट एसोसिएशन ‘ द्वारा आयोजित चव्हाण हॉल, मुम्बई में दिनांक 2 जनवरी 2011 को ‘विशेष अकादमी सम्मान ‘ से सम्मानित। ‘ पंजाब कला साहित्य अकादमी ‘ द्वारा आयोजित राष्ट्रीय समारोह में जालंधर (पंजाब) में दिनांक 11 सितंबर 2011 को ‘ विशेष अकादमी सम्मान ‘ से समान्नित। ‘ राष्ट्रभाषा स्वाभिमान न्यास ‘ द्वारा आयोजित राष्ट्रीय समारोह में दिनांक 9 अक्टूबर 2011 को आगरा में प्रख्यात साहित्यकार डॉ. रत्नाकर पांडेय के करकमलों से ‘ काव्य भूषण सम्मान ‘ से अलंकृत।’ राष्ट्रीय मंदाकिनी संस्था ‘ द्वारा आयोजित समारोह दिनांक 28 अप्रैल 2012 को कानपुर शहर (इंदिरा नगर) में प्रशस्तिपत्र, शॉल, आदि भेंटकर ‘ सारस्वत सम्मान ‘से वार्षिकोत्सव 2012 को अलंकृत। ‘ मन्दाकिनी अंतरराष्ट्रीय ‘ ( साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था) द्वारा आयोजित हिंदी साहित्य सेवा हेतु बरेली (उत्तरप्रदेश), में प्रशस्ति-पत्र भेंट कर संस्थापक सचिव डॉ. महाश्वेता चतुर्वेदी द्वारा सम्मानित। (पीपल्स एज्युकेशन सोसायटी, मुम्बई ) हिंदी साहित्य मंडल द्वारा आयोजित काव्य के क्षेत्र में निरंतर सेवा प्रदान करने के उपलक्ष्य में ‘ काव्य सुमन ‘ की उपाधि से दिनांक 25 सितंबर 2008 को सम्मान प्राप्त, साहित्यकार एवं प्राध्यापिका डॉ. दया दीक्षित (कानपुर) द्वारा आयोजित अक्टूबर 2008 के कार्यक्रम में ‘ पाठकमंच, कानपुर ‘ के तत्वावधान में स्मृति चिन्ह, शॉल एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित। इलाहाबाद की प्रख्यात संस्था ‘ हिंदी साहित्य सम्मेलन ‘ प्रयाग के शताब्दी वर्ष पर सन 2010 में स्मृति चिन्ह आदि भेंट कर राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सूर्यप्रसाद दीक्षित के करकमलों द्वारा सम्मान प्राप्त। ब्रजेश पाठक ‘ मौन ‘ पुरस्कार , सन 2011 स्व. ब्रजेश पाठक ‘ मौन ‘ स्मृति में सम्मान समारोह एवं काव्य-संध्या के अवसर पर सार्वजनिक समारोह में सम्मानीय अतिथि के रूप में शॉल , स्मृति चिन्ह से फ़िल्म-निर्देशक राजकुमार बड़जात्या के करकमलों द्वारा सम्मानित, बस्ती ( उत्तरप्रदेश ) प्रख्यात रचनाकार डॉ. राजेन्द्र परदेशी द्वारा आयोजित एवं स्थानीय साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था द्वारा संयोजित सार्वजनिक समारोह में गांधीनगर में सन 1995 में सम्मानित । ‘ कादम्बिनी क्लब ‘ हैदराबाद संस्था द्वारा आयोजित हैदराबाद के एक समारोह में प्रख्यात साहित्यकार श्री विष्णु प्रभाकरजी के साथ दिनांक 6 मार्च 2005 में सम्मानित। ‘ हमदर्द एकता संस्था ‘ हैदराबाद संस्था द्वारा आयोजित उदयपुर में सन 2008 में आयोजित कार्यक्रम में सम्मान प्राप्त। ‘ श्री मध्य भारत हिंदी साहित्य अकादमी (इंदौर) ‘ द्वारा आयोजित सन 2010 के कार्यक्रम में इंदौर में सम्मानित । ‘ बुलंदप्रभा ‘ पत्रिका द्वारा आयोजित समारोह में बुलंदशहर (उत्तरप्रदेश) में सन 2011 को वरिष्ठ वकील एवं ‘ बुलंदप्रभा ‘ के प्रधान संपादक श्री शरतचंद्र वार्ष्णेय के करकमलों द्वारा सम्मान प्राप्त। भाईंदर, जिला -थाणे ( महाराष्ट्र ) में हिंदी साहित्य की उत्कृष्ट सेवा के लिए ‘ राष्ट्रभाषा रत्न सम्मान ‘ से सम्मानित। ‘ स्व.रामकिशन दास स्मृति साहित्य सम्मान, मुरादाबाद (उत्तरप्रदेश) ‘ अखिल भारतीय साहित्य कला मंच गवारा आयोजित वार्षिक सम्मान समारोह में दिनांक 14 अक्टूबर 2012 को सम्मानित किया गया। ‘ श्रुति संवाद ‘ संस्था द्वारा आयोजित नई मुम्बई में ‘ शुद्ध साहित्यिक पत्रकारिता ‘ के लिए स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया। ‘ गोलकोण्डा दर्पण ‘ संस्था आयोजित कबीर गोष्ठी में हैदराबाद शहर में आयोजित समारोह में वरिष्ठ साहित्यकार श्री नेहपाल सिंह वर्मा द्वारा सम्मान-प्राप्त। ‘ अल्मोड़ा (उत्तराखंड) बार साहित्य संस्थान ‘ द्वारा आयोजित दिनांक 23 जून 2012 को रैमजे इण्टर कॉलेज हॉल , अल्मोड़ा में ‘ बाल प्रहरी सृजन साहित्य सम्मान ‘ से सम्मानित। ‘ देवरिया (उत्तरप्रदेश) गजानन नाट्य साहित्य एवं संस्थान ‘ द्वारा आयोजित साहित्य के क्षेत्र में विशिष्ठ योगदान के लिए ‘ काव्य कलश ‘ सम्मान से दिनांक 24 जून 2012को सम्मानित। संयोजक डॉ. महेंद्र प्रताप पांडेय ‘नंद’ अल्मोड़ा (उत्तराखंड)। ‘ महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी ‘ द्वारा नाटक ‘ कच्चे रास्ते ‘ कृति पर विष्णुदास भावे सम्मान ‘ से दिनांक 14 सितंबर 2013 को पुरस्कृत एवं सम्मानित। ‘ हिमाचल प्रदेश सिरमौर कला संगम ‘ द्वारा जिला-सिरमौर (हि. प्र.) में 28 जून 2013 को सम्मानित। सोलन , हिमाचल प्रदेश में दिनांक 29 जून 2013 को वरिष्ठ प्राध्यापक एवं लेखक डॉ. शंकर वशिष्ठ द्वारा सम्मान प्राप्त। ‘ कादम्बरी संस्था जबलपुर ‘ द्वारा आयोजित नाटक ‘ पूरब-पश्चिम ‘ कृति पर स्व. ‘ सेठ गोविन्ददास सम्मान ‘ से दिनांक 27 नवम्बर 2013 को जबलपुर में पुरस्कृत एवं सम्मानित। ग्वालियर (मध्यप्रदेश) 20 सितंबर 2014 को संयोग साहित्य ( त्रैमासिक हिंदी डायजेस्ट ) के संपादक पंडित मुरलीधर पांडेय का समनं ग्वालियर साहित्य , कला परिषद द्वारा ‘ काव्य-कुमुद ‘ सम्मान से सम्मानित। ‘ आथर्ज गिल्ड ऑफ हिमाचल संस्था ‘ द्वारा आयोजित पाउटा साहिब (हिमाचल प्रदेश) में दिनांक 23 नवंबर 2014 को ‘ महामुनि वेदव्यास ‘ सम्मान से अलंकृत। आयोजक : जयदेव विद्रोही। ‘ श्रीमती कलावती वीरेंद्र कुमार हिंदी कविता ट्रस्ट , हैदराबाद ‘ द्वारा आयोजित ‘ पांचवां अखिल भारतीय कविता पुरस्कार ‘ 2015 , रुपये 10,000/- (दस हजार नकद) , शॉल, श्रीफल, पुष्पगुच्छ लरदान कर अभिनंदन। डॉ. लक्ष्मण ठाकुर (अमेरिका ) एवं ट्रस्टी नेहपाल सिंह वर्मा के करकामलों द्वारा सम्मानित। साहित्य मंडल , श्रीनाथद्वारा ( राजस्थान ) द्वारा आयोनित ‘ सम्पादक शिरोमणि ‘ उपाधि से अलंकृत। सितंबर 2015 । आयोजक : श्यामभाई देवपुरा।
‘ मुम्बई प्रांतीय राष्ट्रभाषा प्रचार सभा ‘ द्वारा आयोजित स्व. कांतिलाल जोशी स्मृति सम्मान से दिनांक 17 सितंबर, 2016 को अलंकृत किया गया। हिंदी साहित्य सम्मेलन , प्रयाग द्वारा आयोजित – शिलांग (मेघालय ) में मार्च 2017 में भाग लिया। मनुमुक्त ‘ मानव ‘ मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा आयोजित विशिष्ट सम्मान समारोह के अवसर पर दिनांक 22 अक्टूबर 2017 को नारनोल (हरियाणा) में साहित्यिक पत्रकारिता को ध्यान में रखते हुवे ‘ डॉ. मनुमुक्त ‘ मान ‘ स्मृति सम्मान ‘ से सम्मानित किया गया। आयोजक – डॉ. रामनिवास ‘ मानव ‘ नारनोल (हरियाणा )। ‘ दयानंद शिक्षा संस्थान, कानपुर ‘ द्वारा आयोजित ‘ हिंदी भाषा तथा साहित्य के प्रचार प्रसार’ को ध्यान में रखते हुवे दिनांक 2 नवंबर 2017 से सम्मानित किया गया। संयोजक : डॉ. दया दीक्षित ( एसोसिएट प्रोफेसर डी. ए. वी. कॉलेज( कानपुर)। तमिलनाडु हिंदी अकादमी द्वारा आयोजित चेन्नई ( तमिलनाडु ) में दिनांक 9 दिसंबर 2017 को मुरलीधर पांडेय के साहित्यिक योगदान को दृष्टि में रखते हुए सम्मानित किया। मुख्य आयोजक थे : श्री ईश्वर करुण, श्री संजय रामण आदि। ‘ सिद्धार्थ तथागत कला-साहित्य संस्थान ‘ द्वारा आयोजित सिद्धार्थनगर (उत्तरप्रदेश) दिनांक 11 नवंबर 2018 के दिन मुरलीधर पांडेय को मिला ‘ तथागत सृजन सम्मान ‘ । इस संस्थान के संरक्षक हैं डॉ. राजेन्द्र परदेसी तथा अध्यक्ष हैं डॉ. भाष्कर शर्मा। गौरी इंटरनेशनल फिल्म्स द्वारा एक समारोह में फ़िल्म गीत गाने व फिल्मों में अभिनय को देखते हुवे शॉल , स्मृति चिन्ह व पुष्पगुच्छ भेंट कर फ़िल्म निर्माता गौरी त्रिपाठी तथा प्रमुख अतिथि सुचिकुमार हॉलीवुड के फिल्म अभिनेता के करकमलों द्वारा 20 फरवरी 2020 को सम्मानित । ‘आकांक्षा संस्था समाज ‘ द्वारा आयोजित 7 मार्च 2020 को सांताक्रुज (पूर्व) मुम्बई में पद्मश्री सोमा घोष (ठुमरी गायिका) के करकमलों द्वारा सम्मानित। संस्थाध्यक्ष श्री ब्रजेश बासुदेव तिवारी मंच पर उपस्थित थे। इसी तरह देश के प्रमुख तीर्थ यात्रा में उज्जैन , जग्गनाथपुरी, द्वारिकापुरी, रामेश्वरम, कन्याकुमारी, नाशिक, अयोध्या, उत्तरकाशी, संगम इलाहाबाद, मथुरा, पद्मनाभम (तिरुवनंतपुरम), रेणुकामाता मंदिर, भीमाशंकर , नैनादेवी (नैनीताल ) आदि तीर्थस्थलों की यात्राएं की हैं।

कलाकार निवास ” में भारत के राष्ट्रपति द्वारा पुरस्कृत पद्मश्री ब्रम्हदेव पंडित के साथ हिंदी त्रैमासिक पत्रिका ” संयोग साहित्य ” के प्रबंध संपादक सुभाष मुरलीधर पांडेय चित्र में दिखाई दे रहे हैं। इस अवसर पर पत्रकार सुभाष पांडेय को भेंट स्वरूप पद्मश्री ब्रम्हदेव पंडित जी ने उनकी ” जीवनी ” पर प्रकाशित पुस्तक भेंट स्वरूप प्रदान की।

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