संदीप शुक्ला, ब्यूरो चीफ, ग्वालियर (मप्र), NIT:

आज प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की भगिनी संस्था राजयोग एज्युकेशन एण्ड रिसर्च फाउंडेशन के मेडिकल विंग द्वारा “विश्व तम्बाकू निषेध दिवस” पर एक वेबिनार का आयोजन, तम्बाकू निषेध जागरूकता के लिए किया गया. इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को तम्बाकू, सिगरेट आदि से होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक करना था.
इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से डॉ. अलोक पुरोहित जिला नोडल अधिकारी (तम्बाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ ग्वालियर), बी.के. डॉ. गुरचरण भाई, मैडिटेशन एक्सपर्ट (ब्रह्माकुमारीज़ ग्वालियर), श्रीमती आशा सिंह (वरिष्ठ समाजसेविका ग्वालियर) और बी.के प्रह्लाद (मोटिवेशनल स्पीकर) उपस्थित रहे.
बी.के प्रह्लाद ने कार्यक्रम में जुड़े सभी का स्वागत अभिनन्दन किया और बताया कि व्यसन (नशा) एक ऐसा मार्ग है जो धीरे धीरे हमारे स्वास्थ को नष्ट कर देता है. आज लाखों लोग इन व्यसन का सेवन करने से शारीर छोड़ते हैं तो समाज में सभी लोगों को इसके प्रति जागरुकत होने की आवश्यकता है.
तत्पश्चात डॉ. आलोक पुरोहित (नोडल ऑफिसर,जिला तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ) ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि आज सार्वजनिक जगहों पर या स्कूल कॉलेजों के आसपास कोई भी धूम्रपान का न तो सेवन कर सकता है और न ही इन्हें बेच सकता है, इसके लिए कानून बना हुआ है. अब कानून की धाराएं एवं उनका क्रियान्वयन के लिए सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं को आगे आना होगा कि समाज को कितना नुकसान हैं इससे, सभी के सहयोग से इसको कम किया जा सकता है. नशा करने वाले लोगों पर किस स्थिति में और कहाँ पर जुर्माना लगाया जा सकता है और कौन लगा सकता है यह भी स्पष्ट किया. इसके साथ ही नशा न करने की सलाह भी दी.
बी.के. डॉ.गुरचरण भाई ने बताया कि इन सब व्यसनों का जब सेवन करते है तो कई सारी बिमारियों का शिकार बन जाते हैं. कोई भी आज अगर नशा करता हैं तो वो समझते हैं की हम बहुत अच्छा कार्य कर रहे हैं और आस पास के सभी लोगों पर भी वो उस बात का प्रभाव डालते हैं जिससे एक दूसरे के संग के रंग में आकर वो भी उन्हीं की तरह नशा करने लग जाते हैं. ज्ञान सभी को है की नशा करना सेहत के लिए हानिकारक है परन्तु फिर भी सभी इन व्यसनों से घिरे हुए हैं, क्योकि आज कल व्यक्ति आंतरिक रूप से, मानसिक रूप से कमज़ोर हो गया है जिस वजह से वो बुराई पर विजय नहीं प्राप्त कर पा रहा है तो आज सभी को आध्यात्मिक शक्ति की ज़रूरत है.
अगर नशा करना ही है तो उस परमात्मा के प्यार का नशा करें और दूसरों को भी करवाएं क्योंकि अगर एक बार उस परमात्मा के प्यार का नशा चढ़ गया तो बाकी सभी नशों से आसानी से मुक्ति पा सकेंगे.
तत्पश्चात श्रीमती आशा सिंह (समाज सेविका) ने बताया कि आज युवा पीढ़ी सब से ज्यादा इन व्यसनों की गिरफ्त में आती जा रही है. युवा पीढ़ी सिर्फ इन सब चीज़ों का सेवन ही नहीं करती परन्तु सभी ने इस चीजों का एक धंधा भी बना लिया है जो कि आज बहुत बड़ा जाल बन गया है और सब इस जाल में फंसते जा रहे हैं. आज कितने लोग दुखी, तनाव, डिप्रेशन वाला जीवन जी रहे हैं, क्योंकि अधिकतर लोगों को इन व्यसनों की आदत हो गयी है जिसके कारण आज कितने घर परिवार बर्बाद हो गए हैं, सुख शांति चली गयी है तो ऐसे नशे का क्या फायदा जिससे की आप अपने सुखमय जीवन को ही ख़राब कर दें तो इन सब से निजात पाना भी बहुत ज़रूरी है. उसके लिए अपने मन को आध्यात्मिक की तरफ लगाये, ब्रह्माकुमारीज पिछले कई वर्षो से इस फील्ड में बहुत अच्छा कार्य कर रहा है.
इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी ज्योति दीदी ने कहा कि जागरूकता के लिए तरह तरह के प्रोग्राम रखे जायें. राजयोग मैडिटेशन सीखें जो कि बहुत आसन तरीका है इन व्यसनों से मुक्त होने का. उन्होंने कहा कि मैंने बहुत सारे ऐसे लोगों को देखा है जो हमारे संस्थान में मैडिटेशन सीखने आए उन्होंने सहज ही व्यसनों को छोड़ दिया. इसके लिए खुद जागरूक हों और दूसरों को भी जागरूक करें. इसके बाद उन्होंने सभी को राजयोग की सहज विधि बताई और इसका अभ्यास भी कराया और सकारात्मक चिंतन करने के लिए प्रेरित भी किया.
कार्यक्रम के अंत में बी. के. प्रहलाद ने सभी का आभार व्यक्त किया और कहा कि हम सभी को मिलकर ऐसे समाज का निर्माण करना है जहाँ किसी भी प्रकार का नशा और दुःख ना हो.
इसके साथ ही कुछ स्लोगन भी कहे –
1.व्यसन मुक्त हो हमारा भारत, सबको यह राह बताएँगे|
अपने कर्मों के द्वारा हम इस धरती को स्वर्ग बनायेंगे||
2. आईये यह संकल्प करें, कभी न हाथ इन्हें लगायेंगे |
और अपने भाईओं बहनों को भी इन व्यसनों से बचायेंगे ||
