फराज अंसारी, बहराइच ( यूपी ), NIT;
बहराइच जिला अस्पताल में फाइलों के रख रखाव में हो रही है घोर लापरवाहीका खमियाजा अब मरीज भुगतेंगे क्योंकि महत्वपूर्ण फाइलों को दीमक चट कर रहे हैं।
चिकित्सीय परीक्षण हो या ऑपरेशन से सम्बंधित फाइलें अस्पताल में रख रखाव में हो रही लापरवाही के कारण फाइले ख़राब हो रही हैं। स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही देखिये कि रिकार्ड की फाइलें बेफिक्री से इधर उधर फेंक देते हैं, जिससे दीमक फाइलों को चट कर रहे हैं। जबकि अस्पताल में फाइलों के रख रखाव के लिए बजट उपलब्ध है लेकिन न तो फाइलों को सही तरीके से रखा जाता है और न ही उनपर कीटनाशक दवाओं का छिड़काव होता है। अदालत में मारपीट, हत्या, बलात्कार से सम्बंधित मरीजों के कई रिकार्ड धूल, मिट्टी और कीड़े मकोड़ों का शिकार हो रहे हैं। ऐसे में मारपीट, रेप, हत्या और बर्न तथा ऑपरेशन के मामलों से सम्बन्धी रिकार्ड मिलना दुर्लभ है।
तमाम मामले में अदालत में रिकार्ड कई-कई सालों के बाद तलब किये जाते हैं। दीमक द्वारा चट की गयी फाइलों में न तो नाम बचा है न ही पता, फाइलों का क्रमांक भी गायब है। ऐसे में सबूत के लिए मांगे गए रिकार्ड स्वास्थ्य कर्मी कैसे देंगे यह उन्हें खुद भी नहीं पता है। जिम्मेदार अधिकारीयों की भी निगाह इस तरफ नहीं जा रही है। ऐसे में अदालत द्वारा मांगे गए रिकार्ड न दे पाने पर स्वास्थ्य कर्मियों के नप जाने का भी खतरा बना हुआ है।
