तारिक खान, रायसेन ( मप्र ), NIT;
उपार्जन केन्द्रों में समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद को लेकर कलेक्टर द्वारा समीक्षा बैठक आयोजित की गई। विक्रय के लिए आने वाले किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए उपार्जन केन्द्रों में सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कलेक्टर ने निर्देश दिए। साथ ही किसानों को उपार्जन के पश्चात जल्द से जल्द भुगतान प्राप्त हो सके, यह सुनिश्चित करने के निर्देश भी कलेक्टर श्रीमती भावना वालिम्बे ने गेहूं उपार्जन संबंधी बैठक में संबंधित अधिकारियों को दिए। गेहूंउपार्जन का कार्य रायसेन जिले में 20 मार्च से प्रारंभ किया जा रहा है।
कलेक्टर श्रीमती वालिम्बे ने कहा कि सभी उपार्जन केन्द्रों में तौल कांटे निर्धारित मानकों के अनुरूप हों। गेहूं तुलाई का कार्य एवं परिवहन तेज गति से किया जाए ताकि बेकलॉग की स्थिति न बने और गेहूं सीधा गोदामों में भण्डारित किया जाए। उन्होंने पर्याप्त बारदाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने उपार्जन के पश्चात किसानों को भुगतान की शीघ्र कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने उपार्जन केन्द्रों पर छन्ना, किसानों के लिए बैठक व्यवस्था, छाया, पेयजल आदि की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष श्री शिवाजी पटेल ने सहकारियों समितियों की कठिनाईयों के संबंध में चर्चा की। बैठक में डिफाल्टर किसानों से ऋण वसूली के संबंध में भी चर्चा की गई। सभी किसानों के खाते में ऋण की फीडिंग कराने के भी निर्देश दिए गए ताकि उपार्जन के भुगतान के समय ऋण की कटौती की जा सके। बैठक में नान के श्री डीके सक्सेना, जिला सहकारी बैंक के महाप्रबंधक श्री आरपी हजारी, डीआरसीएस श्री सोर्ते तथा खाद्य एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
