ओवैस सिद्दीकी, अकोला/नागपुर (महाराष्ट्र), NIT:

बीते दिनो खदान पुलिस ने शहनाज मुकिम अहमद की शिकायत पर इक़्बाल के खिलाफ भादवि की धारा 143, 146, 147, 149, 302, 201, 120ब के तहत कथित अपराध के लिए मुकदमा चलाया गया था। शिकायत कर्ता ने बताया था की उनके पति मुकिम अहमद गुमशुदा है तथा उनका फोन बंद बता रहा है। दिए शिकायत के अनुसार मुकिम अहमद का अपहरण कर लिया गया था। उनके पति राजनीतिक रूप से सक्रिय थे और इसलिए उनके पति के कई दुश्मन थे। उनके साथ शाफी कादरी भी थे और उनका भी अपहरण हुआ है तथा उन्हें तस्वर कादरी, कौसर शेख, शेख चांद, संदीप अदि पर संदेह है। गिरफ्तारी के बाद संदीप ने बताया था की उपरोक्त अन्य आरोपियों ने मुकीम अहमद की हत्या की थी तथा शव को बुलढाणा के जंगल मे फेंका था। इसी बीच 5 अगस्त 2018 को अभियुक्त इकबाल को उक्त मामले मे गिरफ्तार किया गया, जाँच के दौरान उसके पास से खून से भरे कुछ कपड़े बरामद किए गए। यह आरोप लगाया गया था कि इकबाल ने तसव्वुर क़ादरी के घर पर मुकीम अहमद और शफ़ी क़ादरी का गला घोंट दिया है। इकबाल ने सत्र न्यायालय अकोला के समक्ष जमानत याचिका दायर की थी जिसे न्यायलय ने खारिज कर दिया था। उसने अपने अधिवक्ता मीर नागमान अली के माध्यम से जमानत की अर्जी मुंबई उच्च न्यायालय के नागपुर खंडपीठ में दाखिल की थी। न्यायमूर्ति एमजी गिरतकर ने जमानत अर्जी मंजूर की और इकबाल को जमानत पर रिहा करने के निर्देश दिए।
