त्रिवेंद्र जाट, देवरी/सागर (मप्र), NIT:

देवरी नगर के झुनकू वार्ड स्थित मुक्तिधाम में 4 अप्रैल को प्रशासन द्वारा की गई बुल्डोजर कार्रवाई के विरोध में सैकड़ों नागरिकों ने मौन जुलूस निकालकर मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। नागरिकों ने जनसहभागिता से चल रहे सौंदर्यीकरण कार्य में हस्तक्षेप बंद करने और ध्वस्त निर्माण कार्यों को पुनः यथावत कराने की मांग की।
जानकारी के अनुसार, भाजपा मंडल अध्यक्ष एवं पार्षद भारतेन्दु राजपूत की शिकायत पर प्रशासन ने निर्माणाधीन कार्यों पर बुल्डोजर चलाकर कार्रवाई की थी, जिससे नगरवासियों में भारी असंतोष व्याप्त है। इसी के चलते शाम 5 बजे बड़ी संख्या में लोग नगरपालिका परिसर में एकत्रित हुए और हाथों में तख्तियां लेकर करीब 2 किलोमीटर पैदल मार्च करते हुए तहसील कार्यालय पहुंचे, जहां तहसीलदार प्रीतिरानी चौरसिया को ज्ञापन सौंपा गया।

ज्ञापन में बताया गया कि नगर के प्रबुद्ध नागरिकों द्वारा स्वच्छता अभियान से प्रेरित होकर मुक्तिधामों के सौंदर्यीकरण का कार्य जनसहयोग और श्रमदान से किया जा रहा है। कौशल किशोर वार्ड और तिलक वार्ड स्थित मुक्तिधामों में वृक्षारोपण, रंग-रोगन, शेड निर्माण, पेवर्स ब्लॉक, विद्युत सज्जा, गौ आश्रय केंद्र संचालन सहित कई कार्य किए जा चुके हैं, जिससे ये स्थल व्यवस्थित और आकर्षक बने हैं।
इसी क्रम में झुनकू वार्ड संगम घाट मुक्तिधाम में भी पिछले दो माह से सफाई, समतलीकरण, फर्श निर्माण, पिचिंग, बैठने की व्यवस्था एवं नदी के गहरीकरण जैसे कार्य किए जा रहे थे। नागरिकों का आरोप है कि प्रशासन ने बिना उचित कारण जनहित में चल रहे कार्यों को बुल्डोजर से ध्वस्त कर दिया, जो दुर्भावनापूर्ण और आपत्तिजनक है।
नागरिकों ने मांग की है कि जब्त सामग्री वापस की जाए, स्वच्छ भारत अभियान से प्रेरित कार्यों में बाधा न डाली जाए तथा ध्वस्त निर्माण को पुनः कराया जाए। साथ ही मुक्तिधाम में लकड़ी भंडारण, चौकीदार की नियुक्ति, अस्थि संचय कक्ष, घाट निर्माण और जल स्रोत विकसित करने के निर्देश देने की भी मांग की गई।
चेतावनी दी गई है कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो नागरिक धरना, भूख हड़ताल और आमरण अनशन के लिए बाध्य होंगे।
इस दौरान नगरपालिका अध्यक्ष नेहा अलकेश जैन, महंत हरि कृष्णदास सहित बड़ी संख्या में नागरिक एवं महिलाएं उपस्थित रहीं।

