सैय्यद फ़ैज़ानुद्दीन, पुसद-यवतमाल (महाराष्ट्र), NIT;
यवतमाल ज़िला के पुसद शहर में ईद मिलादुन्नबी (सल.) के मौके पर बड़े ही धूम धाम एवं शांति पूर्ण रूप से जशन ईदे मिलादुन्नबी मनाया गया है।
यह जुलूस पुसद शहर की जमा मस्जिद से निकल कर बड़े आन बान और शान से शहर में घूमता हुआ गुजरी चौक, कपड़ा लाइन, सुभाष चौक, लोहार लाइन, आज़ाद चौक, मालीपुरा होते हुये गड़ी मैदान में पहुंचा। ईदमिलादुन्नबी (सल.) के मौके पर निकाले गए इस जलूस में हजारों की तादाद में लोगों ने शिरकत की।जुलूस में मौजूद बुज़ुर्ग जवान और बच्चों ने हाथों में परचम लिए सरकार की आमद मरहबा के नारे लगाते हुये खुशी से झूमते रास्ते पर चलते रहे। कई जगहों पर इस जुलूस का स्वागत किया गया। समाज के ज़िम्मेदारों और आलिम उलमाओं की तक़रीर और बयान हुए जिसे पुसद शहर के लोगों में बहुत दिलचस्पी सुने और देखे। खास कर इकबाल अहमद कादरी ने अपने बयान में कहा है पैगम्बर हज़रत मोहम्मद (saw) का जन्म अरबी तारीख 12 रबीउल अव्वल को हुआ है, इसलिए आज के दिन यानि 12 रबीउल अव्वल के दिन बहुत महत्व पूर्ण दिन होता है।
इस जुलूस में पुसद शहर की शांतता समिती का मंडप भी लग हुआ था, भ जहाँ जुलूस में मौजूद लोगों को गुलाब के फूल देकर स्वागत किया गया और मुबारक बाद दी गई।जिस में पुसद शहर के डीवायएसपी अजय कुमार बंसल और पुसद शहर के ज़िम्मेदार लोग जिसमें डॉ.नदीम, सरफ़राज़ भाई, डॉ. अकील मेमन, राहुल कांमले, अड. रऊफ शेख, अलियार भाई, राजू सोलंकी, ताहेर खान पठान, खान मोहम्मद खान (सनी), अनीस चव्हाण, डॉ. वाडवे, मतीन खान, अनवर जिंदरान, सैय्यद इस्तियाक भाई, और जुलूस कमेटी के मुजीबोद्दीन खतीब सर, सलीम काज़ी सहाब, हैदरया मसजिद के इमाम, डॉ.अब्दुल, अमजद बिल्डर, अफ़रोज़ गुलशन, रहेमान गौरी, और कमेटी के तमाम ज़िम्मेदार मैजूद थे।
