रायगढ़ जिला इरशालवाड़ी भू-स्खलन मामले में सरकार पर लगा कुप्रबंधन का आरोप, मंत्रियों की इमेज बिल्टअप करने में लगा IT Cell, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ली सुध, मानसून सत्र में विपक्ष ने अपनाया आक्रामक रुख | New India Times

नरेंद्र कुमार, जलगांव/रायगढ़/मुंबई (महाराष्ट्र), NIT:

रायगढ़ जिला इरशालवाड़ी भू-स्खलन मामले में सरकार पर लगा कुप्रबंधन का आरोप, मंत्रियों की इमेज बिल्टअप करने में लगा IT Cell, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ली सुध, मानसून सत्र में विपक्ष ने अपनाया आक्रामक रुख | New India Times

महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के खानापुर ब्लॉक में पहाड़ों की तलहटी में बसे इरशालवाड़ी गांव के करीब पचास घर भूस्खलन के कारण जमींदोज हो गए हैं। इस घटना में 100 लोग गायब हैं। शिंदे-फडणवीस-अजीत पवार सरकार का सारा का सारा मंत्रीमंडल बारी बारी से घटना-स्थल पर आवागमन कर रहा है। इस घटना पर गृहमंत्री अमित शाह ने दुःख जताते हुए राहत और बचाव कार्य को लेकर राज्य सरकार से बात की है। विपक्ष के कई नेताओं ने घटना-स्थल का मुआयना किया जिसके बाद राज्य विधानसभा के मानसुन सत्र में विपक्षी मविआ ने इस घटना को लेकर सरकार के कामकाज पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कोंकण में 1988 से अब तक 300 से अधिक लोगों को प्राकृतिक आपदा में अपनी जान गंवानी पड़ी है।

रायगढ़ जिला इरशालवाड़ी भू-स्खलन मामले में सरकार पर लगा कुप्रबंधन का आरोप, मंत्रियों की इमेज बिल्टअप करने में लगा IT Cell, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ली सुध, मानसून सत्र में विपक्ष ने अपनाया आक्रामक रुख | New India Times

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इसरो ने केंद्र सरकार को हैवी रैन के बारे में चेतावनी दे दी थी जिसके इनपुट राज्य सरकार के पास हैं बावजूद इसके राज्य सरकार ने आपदा प्रबंधन को लेकर कोई योजना नहीं बनाई और जैसे ही यह घटना घटी वैसे तड़के मंत्रियों को वहां दौड़ा दिया। अगस्त 2019 को याद कीजिए जब CM देवेंद्र फडणवीस जलगांव में भाजपा को पूर्ण बहुमत मांगते रहे और उधर आलमट्टी डैम बैक वाटर के कारण पश्चिम महाराष्ट्र के तीनों जिले बाढ़ की चपेट में आ गए तब सिंचाई मंत्री गिरीश महाजन को कोल्हापुर में व्यक्तिगत रूप से राहत और बचाव कार्य में उतरना पड़ा। तब और अब सरकार के मिस मैनेजमेंट का पैटर्न और राजनीतिक किरदार सेम है बस घटनाएं अलग अलग हैं। आखिर भाजपा की सरकार में ऐसी घटनाएं क्यों हो रही है और इन घटनाओं से होने वाली क्षति को टालने के लिए कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाए जा रहे हैं?

रायगढ़ जिला इरशालवाड़ी भू-स्खलन मामले में सरकार पर लगा कुप्रबंधन का आरोप, मंत्रियों की इमेज बिल्टअप करने में लगा IT Cell, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ली सुध, मानसून सत्र में विपक्ष ने अपनाया आक्रामक रुख | New India Times

आपदा में इमेज मैनेजमेंट
आपदाओं मे अवसर खोजने वाले नेताओं की इमेज को चमकाने का न्यूज़ फैक्टर स्मार्ट फोन के कारण काफी आधुनिक हो गया है। राजनीतिक पार्टियों ने अपने अपने संगठनों में आइटी सेल बना दिए हैं जिनके वर्कर अपने नेता को मानवता के मसीहा के रूप में इस तरह पेश करते हैं कि मानो नेताजी ना होते तो पीड़ितों का क्या होता। इसे इमेज मैनेजमेंट (छवि को चमकाना) कहते हैं जिसका असर समाज के उस तबके पर होता है जो मतदाता के रूप में भावनिक होता है। ज्ञात हो कि इमेज मैनेजमेंट के कैमरा प्रिय नेता और उनकी सर्वोच्च लीडरशिप मणिपुर हिंसा पर उनके सरकार की जवाबदेही और फोटोशूट इन दोनों से बचते नजर आए हैं।

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