मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:
दाऊदी बोहरा समाज द्वारा शनिवार को बकरा ईद (ईद-उल-अजहा) का पर्व धार्मिक श्रद्धा, उत्साह और भाईचारे के माहौल में मनाया गया। शहर की सभी दाऊदी बोहरा मस्जिदों में समाजजनों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर ईद की नमाज अदा की। पर्व को लेकर सुबह से ही समाज के लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं और युवा बड़ी संख्या में मस्जिदों में पहुंचे और इबादत की।
दाऊदी बोहरा समाज के पीआरओ कमेटी कोऑर्डिनेटर तफज्जुल हुसैन मुलायमवाला ने जानकारी देते हुए बताया कि शहर आमिल शेख हैदर भाई साहब जमाली की सदारत में बकरा ईद का पर्व मनाया गया। शहर की प्रमुख नजमी मस्जिद में सुबह फजर की नमाज अदा की गई, जिसके बाद ईद-उल-अजहा का विशेष खुतबा पढ़ा गया। सुबह करीब 6 बजे शहर आमिल शेख हैदर भाई साहब जमाली ने ईद का खुतबा पढ़ते हुए समाजजनों को कुर्बानी, भाईचारे, त्याग और इंसानियत का संदेश दिया।
उन्होंने बताया कि नमाज में समाज के बड़ी संख्या में स्त्री-पुरुषों और बच्चों ने भाग लिया। नमाज के दौरान देश और दुनिया में अमन-चैन, खुशहाली और भाईचारे की दुआ मांगी गई। मस्जिदों में सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए थे।
नमाज के बाद समाज के लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी और मिठाइयां बांटकर खुशियां साझा कीं। बच्चों में ईद को लेकर विशेष उत्साह नजर आया। कई परिवारों में पारंपरिक व्यंजन बनाए गए तथा रिश्तेदारों और परिचितों के यहां जाकर लोगों ने त्योहार की खुशियां मनाईं।
तफज्जुल हुसैन मुलायमवाला ने बताया कि दाऊदी बोहरा समाज हमेशा से सामाजिक सद्भाव और भाईचारे का संदेश देता आया है। ईद का पर्व भी आपसी प्रेम, त्याग और इंसानियत की भावना को मजबूत करने का संदेश देता है। पूरे दिन समाज में उत्सव और खुशी का माहौल बना रहा।

