पंकज शर्मा, ब्यूरो चीफ, धार (म.प्र.), NIT:

आज बुधवार को जयस/आदिवासी समाज के जागरूक युवा जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंच कर यूनिफार्म सिविल कोड (UCC) को लेकर माननीय विधि आयोग को ज्ञापन जिला कलेक्टर के माध्यम से प्रतिनिधि एसडीएम महोदय वीरेंद्र कटारे जी को सौंपा।
सामाजिक कार्यकर्ता विजय चोपड़ा ने बताया की ज्ञापन के माध्यम से आदिवासी समाज यूनिफार्म सिविल कोड को लेकर चिंतित है, यदि इसे आदिवासी समाज या अनुसूचित क्षेत्र 244.1 &2 में लागू किया जाता है तो इनके कस्टमरी ला खतरे में आजायेंगे, आदिवासी समाज सदियों से अपनी नेचुरल जुडीशियरी व्यवस्था से संचालित होता आया है यहां की अपनी रुड़ी प्रथाएं हैं जिसे सविंधान मान्यता देता है और 13.3 क में इसे विधि का बल प्राप्त है।
आदिवासी समाज द्वारा ज्ञापन में बताया की आदिवासियों की अपनी व्यवस्थाएं हैं जिसमें बहु विवाह, सम्पत्ति बंटवारा अधिकार, दत्तक पुत्र, पिता पुत्र, पुत्री, घर जवाई, आपसी विवाद स्थानीय स्तर पर निपटाने की शक्ति प्राप्त है।
आदिवासियों के विशेष क्षेत्र 244.1 & 2 में उनकी संस्कृति सभ्यता परम्परा को संरक्षित करने हेतु विशेष प्रावधान किये गए हैं जिसका संरक्षण सरकार की जिम्मेदारी है।

यदि UCC इन क्षेत्र में लागू होगा तो निश्चित ही आदिवासियों की ये व्यवस्था बाधित होगी अतः माननीय विधि आयोग की मंशा अनुसार आदिवासी समाज द्वारा लिखित सुझाव ज्ञापन के माध्यम से प्रेषित कर यूनिफार्म सिविल कोड को आदिवासी क्षेत्र 244.1. & 2 में न लागू करने का निवेदन किया है ताकि उनके संवैधानिक अधिकार सुरक्षित रहें।
वहीं कल सीधी जिले में जिस तरह आदिवासी मजदूर गरीब युवक पर पेशाब कर मानवता को शर्मशार कर देने वाला वीडियो वायरल हुआ है आदिवासी समाज आहत है और दोषी प्रवेश शुक्ला के रूप में पहचान हुई है जिसने एक मासूम मजदूर आदिवासी युवक को जबरन शराब के नशे में जाकर उसके ऊपर पेशाब करते नजर आरहा है जो जातिवादी मानसिकता से ग्रसित है हालांकि माननीय मुख्यमंत्री शिवराज सिंह जी चौहान द्वारा NSA लगाने के निर्देश दिए है किन्तु आदिवासियों पर जिस तरह सरेआम अत्याचार बड़े है उससे आदिवासी समाज में आक्रोश है और वो दोषी पर सख्त कार्यवाही की शुरुआत बुलडोजर से शुरू करने की मांग कर रहे है, सख्त सजा के साथ ही परिवार को सुरक्षा मुह्हेया करवाने और उचित मुआवजा राहत की भी मांग रखी है।
ज्ञापन में चेतावनी देते हुऐ बताया की उपरोक्त मांगों पर त्वरित कार्यवाही न होने पर आदिवासी समाज पुरे प्रदेश में आंदोलन को बाध्य होगा।
ज्ञापन का वाचन राहुल गुजराती एवं महेश डामोर द्वारा किया गया।
ईस दौरान विजय चोपड़ा, विनोद चौहान, राहुल वसुनिया, राहुल गुजराती, राजेश चौहान, राज वसुनिया, सुरेश खराड़ी, महेश निनामा, नारायण भूरिया, महेश डामोर, सिद्धार्थ भूरिया, विजय मोहनिया आदि जयस, आदवासी समाज, भीम आर्मी के कई युवा मौजूद रहे।
