15 किलो के बच्चे उठा रहे हैं 30 किलो का गैस सिलेंडर, मां-बाप के सपने और बच्चों के भविष्य सरकार की व्यस्था हुआ चकनाचूर, शिक्षा अधिकारी बेखबर | New India Times

अंकित पाण्डेय, मिर्ज़ापुर (यूपी), NIT:

15 किलो के बच्चे उठा रहे हैं 30 किलो का गैस सिलेंडर, मां-बाप के सपने और बच्चों के भविष्य सरकार की व्यस्था हुआ चकनाचूर, शिक्षा अधिकारी बेखबर | New India Times

उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार द्वारा जनता के हित में कार्य किया जा रहा है एवं बच्चों के भविष्य को देखते हुए कई तरह की योजना बनाई जा रही है और संचालित किया जा रहा है। जहां एक तरफ विद्यालय में निपुण शिक्षा का लक्ष्य योजना चलाई जा रही है वहीं दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर हलिया रतेह प्राथमिक विद्यालय में बच्चों की एक छवि वायरल हो गई है बहुत तेजी के साथ जिसमें लगभग तीन बच्चों के द्वारा एक गैस सिलेंडर को धक्का देते हुए विद्यालय परिसर में ले जाया जा रहा है।

बताते चलें कि वायरल छवि जब पत्रकार द्वारा लिया गया और उसकी जानकारी के लिए रतेह प्राथमिक विद्यालय में हेडमास्टर महोदय से सम्पर्क करने की कोशिश किया गया लेकिन वहां हेडमास्टर नहीं थे प्रभार पर रमेश केशरी उपस्थित पाए गए।

तीन बच्चों सहित एक गैस सिलेंडर को धक्का देते हुए विद्यालय परिसर में लाने वाली छवि के बारे जानकारी लिया गया तो वह पत्रकार से अभद्र व्यवहार करते हुए रौब में आकर कहते हैं आप कौन हैं छवि लेने वाले और कौन मेरा क्या कर लेगा, हमारे रिश्तेदार प्रधान हैं और हमारे रिश्ते में अधिकारी भी हैं।

सहायक अध्यापक कल्पना देवी भी वार्तालाप के दौरान उपस्थित थीं, जब उनसे वार्तालाप किया गया और इस बारे में जानकारी प्राप्त करना चाही तो कल्पना देवी बोलती हैं आप जैसे पत्रकार बहुत गली में घूमते हैं और सौ दो सौ लेकर चले जाते हैं।

हेडमास्टर के अनुपस्थिति में प्रभार पर रमेश केशरी एवं सहायक अध्यापिका कल्पना देवी द्वारा पत्रकार पर अंगुली उठाई जा रही है, देश के चौथे स्तंभ पर अंगुली उठाई गई, आखिरकार में दोनों व्यक्ति से वार्तालाप के द्वारा कोई स्पष्ट जानकारी प्राप्त ना होने पर खण्ड शिक्षा अधिकारी से जब इस सन्दर्भ को बताया गया और जानकारी दी गई तो उन्होंने कन्नी काटते हुए कहा कि हम मिर्जापुर विकास भवन सभागार में हैं और हम इस समस्या को बाद में देखते हैं।

आखिरकार देखना अब यह है कि सरकारी योजनाओं द्वारा संचालित शिक्षा व्यवस्था के कार्यशैली एवं देश के चौथे स्तंभ में आने वाली पत्रकारिता पर अंगुली उठाने वाले कर्मचारियों पर उच्च शिक्षा अधिकारी द्वारा क्या उचित कार्यवाही की जाती है या फिर नहीं, आखिर जनता के बीच में अहम सवाल सरकार द्वारा संचालित शिक्षा व्यवस्था में गरीबों के बच्चों के भविष्य के साथ खुलेआम दुर्व्यवहार क्यों?

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