अबरार अहमद खान/मुकीज़ खान, भोपाल (मप्र), NIT:

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल का ऐतिहासिक इक़बाल मैदान दिन प्रति दिन बदहाल होता जा रहा है. अल्लामा इक़बाल के अशआर उकेरे पत्थर उखड़ रहे हैं, शाहीन पूरी तरह से खस्ता हाल है। वाटर फाउंटेन बंद है, बिजली के खम्बे टेढ़े और बाउंड्रीवाल गिर रहे हैं लेकिन इस की बदहाली को दूर करने के लिए किसी को कोई चिंता नहीं है। ऐसे में जमीअत उलमा मध्यप्रदेश के पदाधिकारियों ने उसकी बदहाली को दूर करने के लिए नगर निगम एवं पर्यटन विभाग को पत्र लिखा है।

जमीअत उलमा मध्यप्रदेश के प्रेस सचिव हाजी मोहम्मद इमरान का कहना है कि जमीअत की टीम लागतार कई वर्षों से नगर निगम, पर्यटन विभाग एवं अन्य ज़िम्मेदारों से इक़बाल मैदान की बदहाली दूर करने की मांग कर रही है लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। उनका का कहना है कि पुराने भोपाल का एक मात्र ऐतिहासिक मैदान जिसे अल्लमा इक़बाल मरहूम के नाम से जाना जाता है दिन प्रति दिन बदहाल हो रहा है. आज जमीअत की टीम हाजी मोहम्मद इमरान, हाफिज़ इस्माईल बैग, मुजाहिद मोहम्मद खान,साजिद मौलाना आदि ने नगर निगम और पर्यटन विभाग को पत्र भेज कर 9 नवम्बर 2021 अल्लमा इक़बाल र.आ के जन्म दिवस से पूर्व इक़बाल मैदान को दुरस्त करने की मांग की है.

जमीअत की टीम लागतार कई वर्षों से इक़बाल मैदान को संरक्षित करने की मांग कर रही है और टीम के ज़रिए भी कई बार मैदान में संरक्षण के कार्य किए गए सैकड़ों उखड़े हुए पत्थर लगवाए गए बोर्ड लगवाए गए हज़ारों रुपये खर्च किए गए पर इनको भी सुरक्षित नहीं किया गया. अभी हाली में कई बढ़े पेड़ उखड़ने की कगार पर हैं, बाउंड्री वाल चारों तरफ से झुक चुकी है, कई जगह से गिर चुकी है, ऐतिहासिक यादगार शाहीन पूरी तरहा बदहाल है, वाटर फाउंटेन कचरा घर बना हुआ है, दरवाज़े टूट रहे हैं जिनकी सुरक्षा एवं संरक्षण समय पर किया जाना ज़रूरी है. कल जमीअत की टीम ने इक़बाल मैदान का दौरा कर वहां के हालात दुरस्त करने के लिए नगर निगम मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग से मांग की है. हाजी इमरान ने कहा कि 9 नवम्बर आगमी माह में अल्लमा इक़बाल का जन्म दिवस होता है उससे पूर्व इक़बाल मैदान को व्यवस्थित किया जाए. जमीअत की टीम द्वारा भी इक़बाल मैदान में संरक्षण के कार्य करने के प्रयास जारी हैं जिसमें सुनिश्चित किया गया है कि संगेमरमर पर अल्लमा इक़बाल का जीवन परिचय उकेर कर लगवाया जाए ताकि आने वाली नस्लें अल्लमा इक़बाल को जान सकें। दूसरी ओर जमीअत की टीम ने मांग की है कि इक़बाल मैदान के चारों ओर पत्थर पर अल्लमा इक़बाल के अशआर कोमी तराने वो भी उखड़ रहे हैं उनको दुरस्त किया जाए।
