नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

महाराष्ट्र की देवेन्द्र फडणवीस सरकार ने लंबित सिंचाई प्रोजेक्टस पूरे करने के लिए नाबार्ड एशियाई बैंक से 15 हजार करोड़ रुपए का कर्ज़ उठाने को मंजूरी दे दी है। महाराष्ट्र पर 09 लाख 34 हजार करोड़ रुपए का कर्ज़ बढ़कर अब 09 लाख 49 हजार करोड़ हो जाएगा। बीजेपी ने सिंचाई विभाग के संचालन के लिए राधा कृष्ण विखे पाटील और गिरीश महाजन इन दोनों को कैबिनेट मंत्री बनाया है। सरकारी विभागो की कुल 03 लाख करोड़ की देनदारी में 13 हजार करोड़ रुपए सिंचाई विभाग की ओर से देनदारो को देने है।

छोटे-छोटे इरिगेशन प्रोजेक्ट को पूरा करने को जरूरी फंड के लिए केंद्र सरकार से गुहार लगाने वाली देवेन्द्र फडणवीस सरकार आधिकारिक रूप से दिवालिया घोषित होनी है। विदर्भ में 146 में 111 प्रोजेक्ट का काम शुरू नही किया गया है। 13 प्रोजेक्ट वन विभाग की मंजूरी के अभाव से सिरे से रद्द कर दिए गए है। उत्तर महाराष्ट्र में वाघूर लिफ्ट इरिगेशन , बोदवड लिफ्ट इरिगेशन , भागपुर , तापी पूर्णा सुर नदी जोड़ , नार पार गिरणा योजना का काम ठप पड़ा है।
मेरिट के आधार पर रिपोर्ट कार्ड बनाकर मंत्रियों का SIR करने वाली मोदी – शाह की राजनीतिक पॉलिसी को देवेन्द्र फडणवीस ने महाराष्ट्र मे लागू नहीं होने दिया है। सरकारी खर्चे पर जनता के लिए सेवारत मंत्रियो के रसूख का इस्तेमाल सत्ता पक्ष में शामिल पार्टीयों द्वारा चुनाव प्रचार के लिए किया जा रहा है।
अगली रिपोर्ट में हम आपको महाराष्ट्र सरकार द्वारा निजी क्षेत्र की कंपनियों से किए जा रहे आपसी समझौतों (Memorandum of Understanding’s) के नतीजों के बारे में जानकारी देने का प्रयास करेंगे।

