संदीप तिवारी, ब्यूरो चीफ, पन्ना (मप्र), NIT:

लंबे अरसे से पन्ना जिले में आवाम के ऊपर अन्याय, अत्याचार एवं दमनकारी नीतियों पर काम किया जा रहा है लेकिन जिले के मुलाजिम अब पस्त हैं क्योंकि जिले में नवागंतुक कलेक्टर संजय मिश्रा के आने की धमक 24 घंटे के अंदर सुनाई देने लगी है और वह धमक ऐसी वैसी नहीं है, शिकायत और प्रमाण मिलने के तुरंत बाद कलेक्टर ने संज्ञान में लेते हुए तत्काल जिला उप पंजीयक रामेश्वर प्रसाद अहिरवार को हटा दिया और उनके स्थान पर अंशुल श्रीवास्तव उप पंजीयक पवई को पन्ना गुनौर ज्वाइन करने के निर्देश दे दिए हैं।
ज्ञात हो कि बीते दिनों नई दुनिया समाचार पत्र के स्थानीय रिपोर्टर संदीप विश्वकर्मा ने किसानों की शिकायत पर जिला पंजीयक पन्ना रामेश्वर प्रसाद अहिरवार से दूरभाष पर यह जानकारी चाहिए थी कि बीते दो-तीन माह से आपके कार्यालय पन्ना में निष्पादित किए गए दस्तावेजों कि मूल प्रति क्यों नहीं मिल रही है क्योंकि एमपीआइजीआर में रजिस्टर्ड विक्रय पत्र वसीयतनामा एवं अन्य दस्तावेज कराने के बाद तुरंत देने का आदेश सरकार का है क्योंकि शासन ने यह व्यवस्था लागू किया था की कैशलेस व्यवस्था के कारण एक तरफ जहां भ्रष्टाचार रुकेगा तो वहीं दूसरी तरफ ऑनलाइन मुद्रांक व्यवस्था लागू होने से आवाम को राहत मिलेगी मगर बीते साल से इस व्यवस्था पर ग्रहण लग गया था। लापरवाही अराजकता का माहौल एवं विपरीत कार्यशैली का शिकार पन्ना का दफ्तर हो गया था जिसके कारण किसान अधिवक्ता खासे परेशान थे क्योंकि महीनों बीतने के बाद भी यह बहाना बनाया जाता था कि अभी सिस्टम नहीं चल रहा है तो कभी कह दिया जाता था अभी साइड बंद है कभी नेट बंद है और कभी-कभी तो यह कह दिया जाता था कि अभी साहब नहीं है कई बार तो इन साहब ने गरीब मजदूर किसानों को लिखित में दस्तावेज वापस किए और क्या यह कह दिया अभी कोरोना पीरियड में वसीयतनामा नहीं होगा जबकि हितग्राही ने ऑनलाइन पंजीयन कर के शासन का शुल्क जमा कर दिया और उसका दस्तावेज बिना किसी कारण के पन्ना से लौटा दिया जिसके कारण किसान अधिवक्ता खासी नाराज थे । उक्त व्यवस्था को लेकर हितग्राहियों ने नई दुनिया के रिपोर्टर से बात की और कहा कि साहब हम लोगों के रजिस्टर्ड विक्रय पत्र महीनों बीत जाने के बाद भी उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं जबकि हमसे बाद के निष्पादित किए गए दस्तावेज लोगों को उपलब्ध हो गए हैं जिससे भ्रांतियां पैदा हो गई हैं और संदेह की स्थिति निर्मित हो रही है कि मामला कहीं सुविधा शुल्क का तो नहीं इसी बात को लेकर जब रिपोर्टर ने जिला उपपंजीयक रामेश्वर प्रसाद अहिरवार से उनके दूरभाष पर बात किया तो साहब को इतना गुस्सा आया कि वह तामस में आकर रिपोर्टर पर इतना भड़के कि वह गाली गलौज पर भी उतर आए और पिटाई करने तक की धमकी दे डाली इतना ही नहीं साहब ने अपने शागिर्द को दूरभाष पर इतनी धमकियां दिलवाई एवं रिपोर्टर को यह तक कहलवा दिया की पंचायत में मत पढ़ो अपना पेट पालो एवं अभद्रता पूर्वक वार्तालाप पर उतर आए जिसकी शिकायत रिपोर्टर ने अपने वरिष्ठ पत्रकारों को दी जिस पर संज्ञान लेते हुए उन्होंने पुलिस कप्तान पन्ना मयंक अवस्थी एवं नवागंतुक कलेक्टर संजय मिश्रा को एक राय होकर न्याय उचित कार्यवाही की मांग की थी जिस पर कार्रवाई की गई। इसके पूर्व भी सब रजिस्टार की कार्यशैली से पीड़ित पन्ना जिले के अधिवक्ता संघ एवं विधि व्यवसायियों ने कलेक्टर को ज्ञापन दिया था एवं मंत्री जी को सुनाया था जिस पर कलेक्टर ने संज्ञान लेकर उप पंजीयक रामेश्वर प्रसाद अहिरवार को पन्ना से हटा कर कार्रवाई की।
