खाकी पर दाग: बीनागंज चौकी प्रभारी और आरक्षकों पर युवक को बेरहमी से पीटने का आरोप, पुलिस अधीक्षक से हुई शिकायत | New India Times

इदरीस मंसूरी, ब्यूरो चीफ, गुना (मप्र), NIT:

गुना जिले के बीनागंज में पुलिस का अमानवीय चेहरा सामने आया है। यहाँ एक युवक ने बीनागंज चौकी प्रभारी सहित चार पुलिसकर्मियों पर उसे अवैध रूप से हिरासत में रखने, बाल खींचकर घसीटने और डंडों से बेरहमी से पीटने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित ने शरीर पर आई चोटों के निशान दिखाते हुए पुलिस अधीक्षक (एसपी) को शिकायती आवेदन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है।
सिम पोर्ट कराने गया था, उठाकर ले गई पुलिस
बीनागंज वार्ड नंबर 15 निवासी तरुण शाक्यवार ने अपनी शिकायत में बताया कि वह बाजार में मोबाइल सिम पोर्ट कराने गया था। तभी आरक्षक नरेंद्र ओझा उसे यह कहकर बाइक पर बैठाकर चौकी ले गए कि ‘अजय सर’ बुला रहे हैं। पीड़ित का आरोप है कि चौकी पहुँचते ही प्रभारी अजय प्रताप सिंह ने उसे जोरदार थप्पड़ मारा, जिससे वह जमीन पर गिर गया। इसके बाद प्रभारी सहित आरक्षक नरेंद्र ओझा, मोनू और कुलदीप ने उसे घसीटकर अंदर रूम में बंद कर दिया।
6 घंटे तक दी ‘थर्ड डिग्री’ टॉर्चर
तरुण का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उसे मुर्गा बनाया और करीब 6 घंटे तक पंजों, जांघों और पीठ पर डंडों से बेरहमी से वार किए। मारपीट इतनी भीषण थी कि युवक को अब चलने-फिरने में भी परेशानी हो रही है। पीड़ित का कहना है कि पुलिस उस पर बीनागंज में हुई किसी चोरी के झूठे केस को कबूल करने के लिए दबाव बना रही थी। जबरन अपराध स्वीकार न करने पर उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
पुलिस अधीक्षक से कार्रवाई की मांग
पीड़ित युवक ने पुलिस अधीक्षक से निवेदन किया है कि सीसीटीवी फुटेज और उसके शरीर पर मौजूद चोटों के आधार पर जांच की जाए। उसने चौकी प्रभारी अजय प्रताप सिंह और तीनों आरक्षकों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। इस मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर आक्रोश है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन अपने ही विभाग के कर्मचारियों पर लगे इन गंभीर आरोपों पर क्या रुख अपनाता है।


गुना जिले के बीनागंज में पुलिस का अमानवीय चेहरा सामने आया है। यहाँ एक युवक ने बीनागंज चौकी प्रभारी सहित चार पुलिसकर्मियों पर उसे अवैध रूप से हिरासत में रखने, बाल खींचकर घसीटने और डंडों से बेरहमी से पीटने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित ने शरीर पर आई चोटों के निशान दिखाते हुए पुलिस अधीक्षक (एसपी) को शिकायती आवेदन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है।
सिम पोर्ट कराने गया था, उठाकर ले गई पुलिस
बीनागंज वार्ड नंबर 15 निवासी तरुण शाक्यवार ने अपनी शिकायत में बताया कि वह बाजार में मोबाइल सिम पोर्ट कराने गया था। तभी आरक्षक नरेंद्र ओझा उसे यह कहकर बाइक पर बैठाकर चौकी ले गए कि ‘अजय सर’ बुला रहे हैं। पीड़ित का आरोप है कि चौकी पहुँचते ही प्रभारी अजय प्रताप सिंह ने उसे जोरदार थप्पड़ मारा, जिससे वह जमीन पर गिर गया। इसके बाद प्रभारी सहित आरक्षक नरेंद्र ओझा, मोनू और कुलदीप ने उसे घसीटकर अंदर रूम में बंद कर दिया।
6 घंटे तक दी ‘थर्ड डिग्री’ टॉर्चर
तरुण का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उसे मुर्गा बनाया और करीब 6 घंटे तक पंजों, जांघों और पीठ पर डंडों से बेरहमी से वार किए। मारपीट इतनी भीषण थी कि युवक को अब चलने-फिरने में भी परेशानी हो रही है। पीड़ित का कहना है कि पुलिस उस पर बीनागंज में हुई किसी चोरी के झूठे केस को कबूल करने के लिए दबाव बना रही थी। जबरन अपराध स्वीकार न करने पर उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
पुलिस अधीक्षक से कार्रवाई की मांग
पीड़ित युवक ने पुलिस अधीक्षक से निवेदन किया है कि सीसीटीवी फुटेज और उसके शरीर पर मौजूद चोटों के आधार पर जांच की जाए। उसने चौकी प्रभारी अजय प्रताप सिंह और तीनों आरक्षकों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। इस मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर आक्रोश है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन अपने ही विभाग के कर्मचारियों पर लगे इन गंभीर आरोपों पर क्या रुख अपनाता है।

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