कांग्रेसी विधायक आरिफ मसूद ने पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश को पत्र लिख कर कानपुर मेडिकल कॉलेज की प्राचार्या के विरूद्ध कानूनी कार्यवाही कर बर्खास्त किये जाने की उठाई मांग | New India Times

अबरार अहमद खान /मुकीज़ खान, भोपाल (मप्र), NIT:

कांग्रेसी विधायक आरिफ मसूद ने पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश को पत्र लिख कर कानपुर मेडिकल कॉलेज की प्राचार्या के विरूद्ध कानूनी कार्यवाही कर बर्खास्त किये जाने की उठाई मांग | New India Times

कानपुर मेडिकल कॉलेज की प्राचार्या डॉ आरती लालचंदानी का सोशल मीडिया पर पिछले कुछ दिनों से एक वीडियो जम कर वायरल हो रहा है जिसमें वह कुछ प्रेस/मीडिया के साथियों से चर्चा कर कह रही हैं कि अस्पताल में जबसे जमात के लोग भर्ती हुए हैं तबसे अस्पताल प्रबंधन परेशान है। चर्चा में कह रहीं हैं कि कहना नहीं चाहिए कि यह टेरेरिस्ट हैं और इनको हम वी.आई.पी. ट्रीटमेंट दें रहे हैं। खाना पीना इनके लिए सारे रिसोर्सेस बर्बाद कर रहे हैं। अपने डाक्टरों को बीमार करा रहे हैं। चर्चा के दौरान मीडिया कर्मी इनसे कहता है कि आप लेटर लिख दो जिस पर वह कह रही हैं कि डी.एम तो खुद मुख्यमंत्री के आदेश से चल रहे हैं, मुख्यमंत्री कहीं ना कहीं अपीसमेंट (तुष्टीकरण) वाला मार्ग अपना रहे हैं। मीडिया कर्मी ने कहा इंजेक्शन लगवा दीजिए एक-एक करके धीरे धीरे जिस पर प्राचार्या बोल रही हैं जिनको जेल में डालना चाहिए खाना पीना खिला रहे हो, दवाईयां बर्बाद कर रहे हो, जिनको आप दे डंडे जेल में डाल कर आइसोलेशन में रखना चाहिए। सी.एम.ओ. 80 एम्बुलेंस इनकी खातिरदारी में दौड़ा रहे हैं, मैने कहा खातिरदारी छोड़िए इन 22 लोगों को लेकर जंगल में डाल दीजिए, बंद कर दीजिए जंगल में एक कालकोठरी में जिस पर सी.एम.ओ बोले आप कैसे कह सकती हैं कोई सुन लेगा। मुझे दबाया गया अभी भी हम खुलकर नहीं बोल सकते। 100 करोड़ पब्लिक सेक्रिफाईज कर रही है, 20-30 करोड़ लोगों के लिए जिसपर मीडिया कर्मी बोलता है जिसका मकसद ही कुछ ओर मेरी समझ से परे है कि जो मुस्लिम परिवार अपनी बहू बेटियों की डिलेवरी कराने और अपने परिवार वालों का इलाज के लिए अस्पताल ले जाते हैं तो उनके साथ क्या होता होगा??

कांग्रेसी विधायक आरिफ मसूद ने पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश को पत्र लिख कर कानपुर मेडिकल कॉलेज की प्राचार्या के विरूद्ध कानूनी कार्यवाही कर बर्खास्त किये जाने की उठाई मांग | New India Times

इससे तो प्रतीत होता है कि अब हिन्दुस्तान में बल्कि उत्तर प्रदेश में खास तौर पर संविधान की धज्जियां साफ तौर पर उड़ाई जा रही हैं और शासन प्रशासन मौन है। अतः मेरा आपसे आग्रह है कि कानपुर मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ . आरती लालचंदानी के विरूद्ध एफ.आई.आर दर्ज कर बर्खास्त कर देना चाहिए और इस प्लानिंग में शामिल मीडिया कर्मी एवं सी.एम.ओ के खिलाफ भी कानूनी कार्यवाही करने की कृपा करें एवं की गई कार्यवाही से मुझे भी अवगत कराने की कृपा करें।

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.