रहीम शेरानी, भोपाल (मप्र), NIT:

शिवराज कैबिनेट के विस्तार को लेकर लगातार तारीखें बढ़ रही हैं, एक बार फिर से कैबिनेट का विस्तार टल गया है।
बताया जा रहा है कि यह स्थिति नामों पर सहमति नहीं बनने की वजह से उत्पन्न हो रही है। क्षेत्रीय समीकरण को साधने के चक्कर में पार्टी में खींचतान जारी है। सूत्रों के अनुसार एमपी में जून के पहले सप्ताह में कैबिनेट का विस्तार हो सकता है।
बताया जा रहा है कि पांच बातों को लेकर पेंच फंस रहा है जो निम्न हैं:
1. बड़े नेताओं के बीच तालमेल
2. सिंधिया खेमा सबसे बड़ी चुनौती
3. जातीय और क्षेत्रीय समीकरण भी आड़े
4. उपचुनाव का भी रखना है ख्याल
5. पसंदीदा विभागों की चाहत।
चर्चा है कि सीएम शिवराज सिंह चौहान 1 जून को दिल्ली जा सकते हैं। उसके बाद ही कैबिनेट का विस्तार होगा।
अभी इसे लेकर हर दिन तारीखें आ रही हैं। दिल्ली से लौटने के बाद ही मुख्यमंत्री राज्यपाल से विस्तार का आग्रह करेंगे।
