इम्तियाज़ चिश्ती, ब्यूरो चीफ, दमोह (मप्र), NIT:

विधायक रामबाई गोविंद सिंह परिहार का विधान सभा क्षेत्र भले ही पथरिया हो लेकिन दमोह जिले की चारों विधानसभा क्षेत्र की जनता भरोसा पथरिया विधायक रामबाई पर जताती है तभी तो भाजापा के विधायक के क्षेत्र में लगी रामबाई की चौपाल, इसलिए तो कहते है इलाका किसी का भी हो सिक्का तो चलेगा रामबाई का।

दमोह जिले के तेंदूखेड़ा तहसील के ग्राम दूधिया के ग्राम वासियों के जंगली इलाके में फारेस्ट के अधिकारियों ने जंगल का राजा शेर छोड़ रखा है जिससे अब ग्रामीणों की रात की नींद हराम हो गई है। दरअसल तेन्दूखेड़ा के जंगली क्षेत्र में बसे ग्राम दूधिया में आदिवासी समुदाय के लोग निवास करते चले आ रहे हैं। इनको ना तो कही विस्थापित किया गया और ना ही इन ग्रामीणों से किसी वन अधिकारी ने बात की और इलाके में शेर छुड़वा दिये जिससे गाँव के लोगों की रात की नींद हराम हो गई है।ग्रामीणों ने एक राय होकर पथरिया विधायक रामबाई सिंह परिहार को इसकी सूचना दी तो फिर क्या था दबंग विधायक के नाम से मशहूर रामबाई सिह परिहार ने तुरन्त जबेरा विधायक धर्मेंद्र सिंह के इलाके तेंदूखेड़ा का रुख किया और जा पहुँची गरीब जनता के बीच। ग्रामीणों ने रामबाई से शिकायत करते हुए साफ साफ कह दिया कि हम लोग पिछले 2 वर्षों से यहां जंगल में शेरों के विचरण से परेशान है जो हमारे जानवरों का शिकार करते हैं और हमेशा गाँव मे जनहानि होने की संभावना बनी रहती है, हम सभी का प्रशासन द्वारा स्थाई विस्थापन नहीं किया गया है। ग्राम में विद्युत व्यवस्था, सड़क व्यवस्था, शौचालय, मकान, स्वास्थ्य व्यवस्था, शिक्षा, शासन की किसी भी सुविधा का लाभ हम लोगों को नहीं दिया जा रहा है, हम लोग खानाबदोश की जिंदगी जीने को मजबूर हैं। ना हमारे बच्चों की शादी हो रही है न ही बीमार व्यक्ति का इलाज हो रहा है, ऐसा लगता है कि आजाद भारत में आज हमें फिर गुलाम बना दिया गया है। महिलाओं ने रोते हुए अपनी समस्याओं से विधायक को अवगत कराया। विधायक रामबाई ने वन विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारियों से इस विषय में चर्चा की और जल्द समस्या के निराकरण करने के आदेश देते हुये कहा कि ग्राम के सभी पात्र व्यक्तियों को उचित मुआवजा 15 दिवस में प्रदान करें और सभी का व्यवस्थापन सुनिश्चित किया जाए। विधायक ने यह भी कहा कि इस संबंध में उन्होंने प्रदेश के वन मंत्री से भी समस्या को शीघ्र निपटाने की बात की है। विधायक यहीं नहीं रुकीं उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो इस समस्या की चर्चा प्रदेश के मुखिया कमलनाथ मुख्यमंत्री से भी करेंगी। रामबाई का नाम सुनते ही सभी अधिकारियों के कान खड़े हो जाते है और विधायक रामबाई का यही अंदाज उन्हें दूसरे विधायकों से अलग रखता है।
