पीठ में छुरा घोपना भगवा संस्कृति नहीं: उद्धव ठाकरे | New India Times

मुजीब उर रहमान शेख, धुले (महाराष्ट्र), NIT:

पीठ में छुरा घोपना भगवा संस्कृति नहीं: उद्धव ठाकरे | New India Times

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने चुनावी रैली में नाम लिए बिना जमकर निशाना साधा। भाजपा के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा की पीछे से वार करना हमारी संस्कृति नहीं लेकिन धुलिया में महागठबंधन के प्रत्याशी के विरोध में प्रचार किया जा रहा है। सरेआम भाजपा के कार्यकर्ता निर्दलीय उम्मीदवार का प्रचार कर रहे हैं यह भगवा संस्कृति नहीं है, इस तरह का सनसनीखेज वक्तव्य स्थानीय गठबंधन को लेकर सेना प्रमुख ने निशाना साधा। प्रदेश में भाजपा शिवसेना गठबंधन सरकार आएगी, धुलिया के विकास हेतु हम कटिबद्ध हैं और निधि कम नहीं होने देंगे।

पीठ में छुरा घोपना भगवा संस्कृति नहीं: उद्धव ठाकरे | New India Times

सेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने धुलिया शहर में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए शनिवार को पर्यटन मंत्री जयकुमार रावल को शिवसेना के उम्मीदवार माली को निर्वाचित करने के लिए प्रयास करने की ताकीद दी वहीं पर उन्होंने कहा कि धुलिया ग्रामीण सीट बंटवारे में बीजेपी को दी है, हम धुलिया ग्रामीण में भाजपा की सहायता कर रहे हैं वहीं पर भाजपा के कार्यकर्ता पदाधिकारी सरेआम यूति धर्म को भंग करते हुए निर्दलीय उम्मीदवार के प्रचार में जुटे हैं और पार्टी द्वारा अभी तक शिस्त भंग की कार्यवाही बागी कार्यकर्ताओं पर नहीं की गई है जो चिंताजनक है, इस तरह का वक्तव्य उन्होंने स्थानीय नेताओं को सुनाया है। ठाकरे ने एनसीपी के बागी उम्मीदवार राजवर्धन कदम बांडे को खरी खोटी सुनाई और कहा कि वे एक डूबता हुआ जहाज है वह क्या धुलिया का विकास करेंगे जिनके कदम जेल की दिशा में हैं उनका राजनीति अस्तित्व दांव पर लगा है।

सेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मैनिफेस्टो जारी किया। इस मौके पर उद्धव ठाकरे ने कहा, ‘मैंने अब तक जो वादे किए हैं वो पूरे किए है, मैं हर चीज को सोच कर वचन देता हूं, 10 रुपए में खाना देने की योजना राज्य की तिजोरी को ध्यान में रखकर दिया है, एक रुपए में गरीब से गरीब व्यक्ति को हर तरह की दवाइयां मिल सके इसकी हमारी कोशिश है।’

कर्ज माफी नहीं तो कर्ज मुक्ति का वचन देता हूं

किसानों की बात करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि भूमिपुत्रों का मुद्दा हमारा पहले से था, कांग्रेस और एनसीपी सहित अलग-अलग पार्टियों को आज भूमिपुत्रों की याद आई है। उन्होंने कहा कि कर्ज माफी नहीं तो कर्ज मुक्ति का किसानों को वचन देता हूं।

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