प्राइवेट स्कूलों की मनमानी के खिलाफ नियामक आयोग बनाने की ज़रुरत: विचार मध्यप्रदेश;  सागर में  चल रहे सत्याग्रह का समर्थन करता है विचार मध्यप्रदेश | New India Times

अबरार अहमद खान, भोपाल, NIT; ​प्राइवेट स्कूलों की मनमानी के खिलाफ नियामक आयोग बनाने की ज़रुरत: विचार मध्यप्रदेश;  सागर में  चल रहे सत्याग्रह का समर्थन करता है विचार मध्यप्रदेश | New India Timesविचार मध्यप्रदेश द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार सरकारी स्कूलों के खस्ताहाल के कारण पूरे प्रदेश में प्राइवेट स्कूलों बढ़े हैं। प्राइवेट स्कूलों के नियमों में स्पष्ट है कि स्कूल समुदायिक सेवा (community service) के लिए चलाये जाएँ और इसका व्यवसायीकरण नहीं होना चाहिए। माननीय सर्वोच्य न्यायलय और विभिन्न माननीय उच्च न्यायालयों ने भी अपने आदेशों में स्पष्ट कहा है कि शिक्षा प्रदान करने को व्यवसाय नहीं बनाया जा सकता है।

इसके बाद भी पिछले कुछ सालों से अधिकतर प्राइवेट स्कूल बिना किसी ठोस और तार्किक कारण के लगातार स्कूल फीस में आशातीत वृद्धि करके शिक्षा को व्यवसाय बना रहे है। साथ ही किताबें और स्कूल यूनिफार्म भी एक निश्चित दुकान से खरीदने का दवाब बना कर अत्यधिक कमीशनखोरी की जा रही है।​
प्राइवेट स्कूलों की मनमानी के खिलाफ नियामक आयोग बनाने की ज़रुरत: विचार मध्यप्रदेश;  सागर में  चल रहे सत्याग्रह का समर्थन करता है विचार मध्यप्रदेश | New India Timesविचार मध्यप्रदेश की तरफ से जारी प्रेस विज्ञप्ति में पारस सकलेचा, आजाद सिंह डबास, विजय वाते, विनायक परिहार और अक्षय हुंका ने कहा कि प्राइवेट स्कूलों की मनमानी के खिलाफ भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, नरसिंहपुर, गुना समेत पूरे प्रदेश में अलग अलग स्तर पर आंदोलन हो रहे हैं, विचार मध्यप्रदेश ऐसे सभी आन्दोलनों का समर्थन करता है। सागर शहर में पिछले 2 दिनों से अभिभावक कलेक्टर कार्यालय पर सत्याग्रह कर रहे हैं और अभी तक सरकार की तरफ से कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई है। विचार मध्यप्रदेश इस संघर्ष में आंदोलनकारी अभिभावकों के साथ है।

विचार मध्यप्रदेश मांग करता है कि सरकार प्राइवेट शिक्षा के हो रहे व्यवसायीकरण को रोकने के लिए माननीय उच्च न्यायलय के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में एक नियामक आयोग गठित करे। जिसमें शासकीय अधिकारियों के अलावा शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रहे वरिष्ठ समाजसेवी एवं अभिभावक भी शामिल हों।

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