रहीम शेरानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:
झाबुआ जिले के मेघनगर में आदिवासियों की जमीनों की गैर आदिवासियों के नाम पर नामांतरण कर सरसी बाई धर्मशाला पर अतिक्रमणकारियों द्वारा अतिक्रमण कर लिया गया था और काफी समय हो जाने से पूर्व में रही ग्राम पंचायत और वर्तमान नगर परिषद के ढीले रवैया के कारण स्थानीय धन्ना सेठ रसूख के दम पर ले देकर सरसी बाई धर्मशाला को अपनी बपौती समझकर बिल्डिंगे बनाना शुरू कर दी गई।
जिसकी खबर चैनलों से लेकर प्रिंट मीडिया व न्यूज पोर्टल में पूर्व में भी प्रकाशित की गई थी और अभी वर्तमान में भी लगातार प्रकाशित होने के बाद मेघनगर एसडीएम पराग जैन के द्वारा नगर परिषद मेघनगर के सीएमओ विकास डावर को तत्काल आदेश दिये गये, आदेश के बाद नगर परिषद मेघनगर द्वारा सरसी बाई धर्मशाला पर बिना अनुमति से निर्माण कर रहे अतिक्रमणकारी को निर्माण कार्य को रोकने के लिये नोटिस दिया गया लेकिन फिर भी
निडर होकर कायदे कानून को ताक में रख कर शासन के आदेश को भी घोल कर पी गए।
सरकार के आदेश का भी नहीं हो रहा है पालन
सरकारी आदेश का पालन न करते हुए रात के अंधेरे में नवीन निर्माण कर रात को ही छत का छज्जा भर दिया गया ओर सरकारी आदेश की खुले आम धज्जियां उड़ा दी गई। नगर में इसी तरह चल रहे सरकारी जमीनों पर अवैध निर्माण कार्य चलने से नगर परिषद की भी थु – थु होने लगी है।
