आबकारी इंस्पेक्टर की मेहरबानी से फल फूल रहा है अवैध ताड़ी माफियाअों का कारोबार, जिम्मेदार मौन | New India Times

गणेश मौर्य, ब्यूरो चीफ, अंबेडकरनगर (यूपी), NIT:

आबकारी इंस्पेक्टर की मेहरबानी से फल फूल रहा है अवैध ताड़ी माफियाअों का कारोबार, जिम्मेदार मौन | New India Times

आबकारी विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत से जिले में ताड़ी बिक्रेता बेखौफ होकर मौत के सौदागर बन चुके हैंऔर प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में उदासीन बने हुए हैं।
जी हां उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के सख्त आदेश अधिकारियों के लिए बेअसर साबित हो रही है। पुलिस व आबकारी विभाग के रहमों करम से अवैध जहरीली ताड़ी का कारोबार काफी फल फूल रहा है। जानकारी के अनुसार टांडा कोतवाली क्षेत्र के गांव रामपुर खेतापुर जहां पर क्षेत्र के ताड़ी विक्रेता शांति देवी की जन्म कुंडली स्थानीय लोगों ने बताई है कि ताड़ी मालिक की आर्थिक स्थिति कुछ वर्ष पहले बहुत ही कमजोर थी लेकिन ताड़ी बेचने का लाइसेंस लेने के बाद वह फर्श से अर्श पर पहुंच गया है और अब उसकी गिनती करोड़पतियों में होती है। इस गोरखधंधे की देखरेख शांति देवी का बेटा दुर्गा प्रसाद करता है।

आबकारी इंस्पेक्टर की मेहरबानी से फल फूल रहा है अवैध ताड़ी माफियाअों का कारोबार, जिम्मेदार मौन | New India Times

स्थानीय ग्रामीणों ने मीडिया को बताया कि 2 वर्ष पूर्व जहरीली ताड़ी पीने की बाद बिलाल निवासी खेतापुर की मौत हो गई थी जोकि परिवार का इकलौता कमाने वाला था मगर भ्रष्ट सिस्टम के आगे सब फेल है।
ताड़ी माली किस तरह जहरीली ताड़ी तैयार करता है वह भी स्थानीय लोगों ने बताया। लोगों ने बताया कि पानी में नशीली टेबलेट, सफेद पाउडर, चावल का पाउडर वा केमिकल डालकर ताड़ी तैयार करता है और केमिकल से बनी ताड़ी कुछ देर बाद पीने योग्य होती है, सुबह के 7:00 बजे से ही ताड़ी माली के अड्डे पर ताड़ी पीने वालों की होड़ मची होती है। आबकारी विभाग वा पुलिस की खाऊ कमाऊ नीतियों के चलते ताड़ी का अवैध कारोबार खुलेआम चल रहा है। जिले में ताड़ी बनाने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध होने के बावजूद क्षेत्रीय पुलिस व आबकारी विभाग के आशिर्वाद व रहमो करम से अवैध कारोबार काफी फल-फूल रहा है। आबकारी अधिकारी क्षेत्र में जहर बेचने की खुली छूट दे रखी है।
नशीली ताड़ी पीकर लोग आए दिन आपस में झगड़ते रहते हैं इस दौरान मारपीट भी होती रहती है। पहले भी अधिकारियों की सांठगांठ के चलते क्षेत्र में जहरीली ताड़ी का कांड हो चुका है इसके बावजूद अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। स्थानीय निवासी ने नाम ना छापने की शर्त पर ताड़ी कारोबारी के बारे में बताया कि शिकायत होने के बाद अधिकारियों की टीम पहुंचती है लेकिन मोटी रकम वसूली करके चली जाती हैं कार्यवाही ना होने से अवैध जिले में ऐसे ताड़ी मालियों के हौसले बुलंद हैं।

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