दो पक्षों में खूनी संघर्ष, एक घायल | New India Times

संदीप तिवारी, ब्यूरो चीफ, पन्ना (मप्र), NIT:

दो पक्षों में खूनी संघर्ष, एक घायल | New India Times

दो पक्षों में जोरदार संघर्ष हुआ और संघर्ष के दौरान एक दबंग पक्ष ने गोली चलाई साथ ही दोनों पक्षों में जमकर लाठी डंडे चले।

मिली जानकारी के अनुसार ठाकुर और गुप्ता परिवार के बीच यह संघर्ष हुआ है जिसमें गुप्ता परिवार का एक वृद्ध घायल हो गया है। एसडीओपी पन्ना और पुलिस मौके पर पहुंची। देवेंद्रनगर थाना क्षेत्र के NH – 39 पर गर्ल्स स्कूल के सामने की यह घटना बताई जा रही है।

साल बदला नहीं बदली देवेन्द्रनगर थाना की तस्वीर

दो पक्षों में खूनी संघर्ष, एक घायल | New India Times

टीआई विहीन थाना देवेन्द्रनगर कहने को तो पन्ना जिले का देवेन्द्रनगर व्यापारिक कस्बा है लेकिन आज भी देवेन्द्रनगर तहसील क्षेत्र विकास के मामले में काफी पीछे है। बात की जाए पुलिस थाना देवेन्द्रनगर की तो साल बदल गया लेकिन देवेन्द्रनगर थाना की तस्वीर नहीं बदली। पिछले 3 माह से देवेन्द्रनगर टीआई विहीन चल रहा है जबकि देवेन्द्रनगर थाना में टीआई की पोस्ट है।
देवेन्द्रनगर थाना से लगभग 3 दर्जन गांव जुड़े हैं एवं कई गांव ऐसे हैं जो संवेदनशील है। वहीं देवेन्द्रनगर क्षेत्र में अपराधी बेखोफ होकर अपराध कर रहे हैं। यह कस्बा नेशनल हाइवे 39 पर बसा हुआ है जिससे बाहरी आसामाजिक तत्वों का प्रवेश होता रहता है। वहीं मुख्य मार्ग में रेड लाइट एरिया है जहां पर आए दिन चोर गिरोह सक्रिय रहता है जो चोरी की वारदातों को अंजाम देते है। एवं बड़ी मात्रा में अवैध शराब का धंधा,वेश्यावृत्ति होती हैटीआई व पुलिस बल न होने के कारण यह कारोबार धड़ल्ले से चल रहे है। वहीं तहसील क्षेत्र के कई गांवों में जुआँ, सट्टा व दुकानों में शराब बेची जा रही हैलेकिन 3 माह बीत जाने के बाबजूद भी देवेन्द्रनगर थाना टीआई विहीन चल रहा है।
विगत शांति समिति की बैठक में भी प्रभारी घनस्याम मिश्रा द्वारा सार्वजनिक रुप से स्वीकार किया गया था कि देवेंद्र नगर में चोरिया बहुत हो रही है साथ ही ट्रैफिक व्यवस्था चौपट है वही माननीय अपने पूर्व थाना क्षेत्र की ट्रेफिक व्यवस्था की खूबियां गिनाते नही थक रहे थे जबकि प्रभारी को पूर्व नही वर्तमान थाना क्षेत्र की व्यवस्था सुधारने में ज्यादा दिलचस्पी दिखानी चाहिए।लोगों की पुलिस अधीक्षक से मांग की गई है कि देवेन्द्रनगर में टीआई की पदस्थापना की जाए जिससे कस्बे व तहसील क्षेत्र की कानून व्यवस्था पटरी में लौट सके।

By nit