वी.के.त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:

यूं तो माहे रमजान मुस्लिम समुदाय का सबसे पवित्र महीना माना जाता है। इस महीने में मुस्लिम समुदाय पूरा महीना रोजा रखते हैं तथा पांचों वक्त नमाज अदा करते हैं।
कुछ ऐसा ही नजारा लखीमपुर शहर के अर्जुन पुरवा मोहल्ले में रहने वाले हिन्दू परिवार में देखने को मिला जहां एक हिन्दू महिला चन्द्रकली मौर्य भी रमजान के पाक महीने में रोजा रखती है तथा नमाज पढती है। हालांकि चन्द्रकली के अलावा परिवार का कोई अन्य सदस्य रोजा नहीं रखता है लेकिन रमजान महीने में उनके पति राकेश मौर्य व उनके तीनों बेटे कुलदीप, अमित व सूरज चन्द्रकली का पूरा सहयोग करते हैं। इस बाबत चन्द्रकली से बात की गई तो उन्होंने बताया कि करीब पांच साल पहले वह काफी बीमार हो गई थी। लखनऊ तक इलाज कराया गया लेकिन कोई फायदा न हुआ। तब अल्लाह के एक नेक बन्दे ने उन्हें गहलुइया शरीफ मजार पर जाने की सलाह दी। हर जगह से पस्त होकर आखिर वह गहलुइया में मस्तान मियां की मजार पर पहुंची। वहाँ जाने के कुछ दिनों बाद से ही उसे फायदा होना शुरू हो गया। तब से वह व उसका परिवार मस्तान मियां का मुरीद हो गया है। अब वह बीते तीन सालों से हर रमजान महीने मे पूरी अकीदत के साथ रोजा रखती है तथा नमाज पढती है।
