शारिफ अंसारी, ब्यूरो चीफ, थाणे (महाराष्ट्र), NIT:

भिवंडी लोकसभा क्षेत्र में चुनाव मैदान में उतरे सपा उमीदवार को वोट कटवा की भूमिका में मतदाता देख रहे हैं। कहा तो यहां तक जा रहा है कि चुनाव में सपा जीत दर्ज करने के लिए नही बल्कि कांग्रेस को नुकसान पहुंचाने के लिए अपना उमीदवार उतारी है जो शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
मालूम हो कि 23-भिवंडी लोकसभा क्षेत्र में सपा, बसपा गठबंधन ने पूर्व नगरसेवक व कांग्रेस के बागी डॉ नूरुद्दीन अंसारी को अपना उमीदवार बनाकर चुनाव मैदान में उतारा है लेकिन अभी तक सपा ने चुनाव प्रचार की शुभारंभ भी नहीं की है जिससे साफ जाहिर होता है कि सपा लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज करने के उद्देश्य से नहीं बल्कि कांग्रेस को चुनाव में हराने के लिए मैदान में उतरी है। सूत्रों की मानें तो सपा प्रदेश अध्यक्ष अबू आसिम आजमी ने कांग्रेस से मनपा चुनाव में मिले हार का बदला लेने के लिए यहां चुनाव मैदान में अपना कंडीडेट उतारा है क्योंकि कांग्रेस ने जहां मनपा चुनाव में सपा को सफा कर मात्र दो सीट पर समेट कर रख दिया है वहीं सपा उमीदवार नूरुद्दीन अंसारी को भी कांग्रेस ने बागी घोषित कर पार्टी से निकाल चुकी है जो इससे पहले सपा उमीदवार के रूप में मनपा चुनाव हार हैं। सूत्र तो यहां तक बताते हैं कि सपा इस लोकसभा चुनाव में जितनी भी वोट पायेगी वह वोट मुस्लिम समुदाय का होगा। इधर भिवंडी में कांग्रेस भी मुस्लिम वोटरों पर ज्यादा निर्भर है। यही कारण है कि सपा जितना वोट पाएगी कांग्रेस को उतना नुकसान उठाना पड़ेगा। बता दें कि पिछले लोकसभा चुनाव में भी सपा ने भिवंडी से अपने कंडीडेट के रूप में कद्दावर आर आर पाटिल को उमीदवार बनाकर चुनाव मैदान में उतारा था।
