पीयूष मिश्रा/अश्वनी मिश्रा, छपारा/सिवनी (मप्र), NIT:

लोकसभा चुनाव सर पर है और ऐसे में छपारा थाना क्षेत्र के गांव गांव में देसी और अंग्रेजी शराब खुलेआम बिक रही है। वहीं छपारा पुलिस का अमला इन दिनों सिर्फ और सिर्फ हाथ भट्टी की कच्ची शराब पकड़ने में मुस्तैदी दिखा रहा है जबकि गांव गांव में देसी और अंग्रेजी शराब बेचने वालों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है जिसे लेकर छपारा पुलिस के ऊपर सवालिया निशान खड़े होने लगे हैं।
उल्लेखनीय है कि संपूर्ण छपारा थाना क्षेत्र का शायद एक भी गांव ऐसा बाकी नहीं है जहां पर शराब ठेकेदार के गुर्गों के द्वारा देसी और अंग्रेजी शराब की खेप नहीं पहुंचाई जा रही है। बता दें कि देसी और अंग्रेजी शराब की खेप छपारा से ही गांव गांव तक दोपहिया और चौपहियां वाहनों के माध्यम से पहुंचाई जा रही है।
आबकारी विभाग व पुलिस कच्ची शराब पकड़ने में दिखा रही है दिलचस्पी

छपारा थाना क्षेत्र के गांव गांव में बिक रही देसी और अंग्रेजी शराब आखिरकार छपारा पुलिस और आबकारी अमला पकड़ क्यों नहीं पा रहा है, इस बात को लेकर भी पुलिस अमले पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। पिछले कुछ महीनों से छपारा पुलिस के द्वारा हाथ भट्टी की कच्ची शराब और महुआ लहान गांव गांव से बरामद कर उन्हें नष्ट करने की कार्यवाही लगातार की जा रही है लेकिन अब तक छपारा पुलिस के द्वारा देसी और अंग्रेजी शराब बेचने वालों पर कोई बड़ी कार्यवाही नहीं हो पाई है। इस बात को लेकर भी पुलिसिया कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिरकार पुलिस कच्ची शराब ही पकड़ने में दिलचस्पी क्यों दिखा रही है जबकि देसी और अंग्रेजी शराब गांव गांव में खुलेआम बिक रही है।
लोकसभा चुनाव के पहले ही गांव गांव तक पहुंच चुकी है शराब की खेप
छपारा थाना क्षेत्र के अंतर्गत केवलारी और सिवनी विधानसभा क्षेत्र के साथ साथ बालाघाट सिवनी तथा मंडला सिवनी संसदीय क्षेत्र के सैकड़ों गांव आते हैं। लोकसभा चुनाव में मतदाताओं को बांटने के लिए छपारा नगर की अंग्रेजी और देसी शराब दुकान के ठेकेदार के द्वारा दोपहिया और चौपहिया वाहनों से शराब की बड़ी खेप गांव गांव तक पहुंचाई जा चुकी है। लोकसभा चुनाव और मतदान के ऐन पहले ही छपारा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सैकड़ों ग्रामों में देसी और अंग्रेजी शराब की खेप पहुंचाने के पीछे कहीं ना कहीं लोकसभा चुनाव में मतदाताओं को प्रलोभन देने की तैयारी है। ऐसे में छपारा पुलिस और आबकारी अमला इन शराब माफियाओं के ऊपर अब तक कार्यवाही क्यों नहीं कर पाया है यह समझ से परे है।
